झारखंड में ईद, सरहुल और रामनवमी के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम, सीएम का सख्त निर्देश
सारांश
Key Takeaways
- ईद, सरहुल और रामनवमी पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम।
- असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई।
- 24 घंटे अलर्ट मोड में प्रशासन।
- सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी।
- सुरक्षित क्षेत्रों की पहचान।
रांची, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ईद, सरहुल और रामनवमी के अवसर पर राज्य में शांति और सुरक्षा की व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के उपायुक्तों और पुलिस कप्तानों को संबोधित करते हुए कहा कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की शांति भंग करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ तुरंत कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिया कि प्रशासन 24 घंटे अलर्ट पर रहे ताकि राज्य के सभी पर्व-त्योहार शांतिपूर्ण वातावरण में मनाए जा सकें। बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार और डीजीपी तदाशा मिश्रा सहित गृह विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने सुरक्षा के कड़े इंतजामों के साथ-साथ 'ग्राउंड इंटेलिजेंस' को मजबूत करने पर विशेष ध्यान देने की बात की। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ स्थानीय सूचना तंत्र को भी सक्रिय किया जाए, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्राप्त हो सके।
सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से संवेदनशील क्षेत्रों और धार्मिक स्थलों के पास एरियल सर्विलांस व्यवस्था करने के लिए भी कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि शोभा यात्रा और जुलूस के दौरान किसी भी भड़काऊ या उत्तेजक गाने नहीं बजने चाहिए। जिला प्रशासन को पूजा समितियों और अखाड़ों के साथ समन्वय करके पहले से रिकॉर्ड किए गए गानों की पेनड्राइव उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। इसके साथ ही, उन्होंने आपातकालीन स्थितियों के लिए 'सेफ जोन' बनाने का भी निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि जुलूस के मार्ग में ऐसे सुरक्षित क्षेत्र चिह्नित किए जाएं, जहां किसी अप्रिय घटना की स्थिति में महिलाओं और बच्चों को तुरंत सुरक्षित पहुंचाया जा सके। साथ ही, जुलूस मार्ग का भौतिक सत्यापन करने और फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस, दंगा रोधी वाहनों तथा वॉटर कैनन को तैयार रखने का भी निर्देश दिया गया।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस बार की सभी गतिविधियों का पूरा डॉक्यूमेंटेशन तैयार किया जाए, ताकि भविष्य में सुरक्षा रणनीतियों में इसका उपयोग किया जा सके। उन्होंने सोशल मीडिया की निगरानी पर भी ध्यान देने की बात की और कहा कि अफवाह फैलाने वालों पर साइबर सेल की कड़ी नजर होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने हाई कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए झंडों की लंबाई और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने जिलों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि शांति समितियों के माध्यम से सभी समुदायों का सहयोग लिया जाए ताकि त्योहारों के नाम पर राज्य की शांति भंग करने की इजाजत किसी को न मिले।