शेखपुरा के अंकुर ने पीएमईजीपी से खोली पास्ता फैक्ट्री, युवाओं को दे रहे रोजगार

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शेखपुरा के अंकुर ने पीएमईजीपी से खोली पास्ता फैक्ट्री, युवाओं को दे रहे रोजगार

सारांश

बिहार के शेखपुरा में अंकुर अभिषेक ने पीएमईजीपी योजना के अंतर्गत पास्ता फैक्ट्री की शुरुआत की है, जिससे वह न केवल आत्मनिर्भर हुए हैं, बल्कि कई लोगों को रोजगार भी प्रदान कर रहे हैं।

Key Takeaways

  • अंकुर अभिषेक ने पीएमईजीपी योजना का लाभ उठाकर पास्ता की फैक्ट्री खोली।
  • फैक्ट्री में नौ लोग कार्यरत हैं।
  • पास्ता की मांग स्थानीय बाजार में बढ़ रही है।
  • युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।
  • अंकुर का सपना है कि अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मिले।

पटना, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के शेखपुरा के अंकुर अभिषेक, जिन्होंने दिल्ली में एक निजी कंपनी में लंबे समय तक कार्य किया, ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत एक पास्ता फैक्ट्री की स्थापना की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की इस योजना ने उन्हें आत्मनिर्भरता प्रदान की है और वह अपनी फैक्ट्री के माध्यम से कई व्यक्तियों को रोजगार देने में सक्षम हैं।

अंकुर अभिषेक ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि पीएमईजीपी योजना का मुख्य लाभ यह है कि यह युवाओं को अपने सपनों को साकार करने का हौसला देती है और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती है। वर्तमान में उनकी फैक्ट्री में कुल नौ लोग कार्यरत हैं।

हुसैनाबाद गांव के निवासी अंकुर अभिषेक पहले दिल्ली में काम करते थे। कोरोना महामारी के कारण उन्हें अपने गांव लौटना पड़ा। गांव लौटने के बाद, उन्होंने रोजगार की कमी के चलते खुद का व्यवसाय शुरू करने का निश्चय किया। इसके लिए उन्होंने जिला उद्योग विभाग से संपर्क किया और पीएमईजीपी योजना के बारे में जानकारी प्राप्त की।

पीएमईजीपी योजना का लाभ उठाकर अंकुर ने पास्ता बनाने का व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया। उन्होंने इस योजना के लिए आवेदन किया, और स्वीकृति मिलने के बाद पास्ता बनाने की मशीन खरीदी। उन्होंने पहले छोटे स्तर पर उत्पादन शुरू किया, लेकिन धीरे-धीरे मेहनत से उनका कार्य बढ़ता गया।

उन्होंने बताया कि उनके पास्ता की सप्लाई नवादा, मुंगेर, नालंदा और लखीसराय के बाजारों में की जाती है। स्थानीय बाजार में पास्ता की मांग निरंतर बढ़ रही है, जिससे व्यवसाय को लाभ हो रहा है। उनका सपना है कि अधिक से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान किया जाए, ताकि लोग काम की तलाश में परिवार छोड़कर बाहर न जाना पड़े।

पीएम मोदी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यदि आज उनकी फैक्ट्री सफल है, तो इसका श्रेय प्रधानमंत्री की सोच को जाता है, जो युवाओं को नौकरी देने के लिए प्रेरित कर रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना युवाओं के लिए अत्यंत लाभकारी है। अगर इसे सही ढंग से लागू किया जाए, तो इसके परिणाम भी अच्छे मिलते हैं।

Point of View

बल्कि आसपास के समुदाय के लिए भी एक मिसाल कायम की है। यह कहानी हमें यह सिखाती है कि योजनाओं का सही लाभ उठाकर हम अपने जीवन को बदल सकते हैं।
NationPress
19/03/2026

Frequently Asked Questions

पीएमईजीपी योजना क्या है?
पीएमईजीपी योजना प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और व्यवसाय स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
अंकुर अभिषेक ने फैक्ट्री में कितने लोगों को रोजगार दिया है?
अंकुर अभिषेक ने अपनी फैक्ट्री में कुल नौ लोगों को रोजगार दिया है।
पास्ता की सप्लाई कहां की जाती है?
उनकी फैक्ट्री से पास्ता की सप्लाई नवादा, मुंगेर, नालंदा और लखीसराय के बाजारों में की जाती है।
क्या पीएमईजीपी योजना युवा व्यवसायियों के लिए लाभकारी है?
जी हां, पीएमईजीपी योजना युवा व्यवसायियों को आत्मनिर्भर बनने और अपने व्यवसाय को स्थापित करने में मदद करती है।
कोरोना महामारी ने अंकुर की नौकरी पर क्या प्रभाव डाला?
कोरोना महामारी के कारण अंकुर को दिल्ली की नौकरी छोड़कर अपने गांव लौटना पड़ा, जिसके बाद उन्होंने व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया।
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