कोलकाता बाल विवाह मामला: नाबालिग के पिता, पति और सास गिरफ्तार, 'कन्यारत्न योजना' का दुरुपयोग उजागर
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता पुलिस ने 31 अगस्त 2026 को बाल विवाह के एक गंभीर मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया — जिनमें नाबालिग लड़की का पिता, उसका पति और सास शामिल हैं। यह मामला तब और संवेदनशील हो गया जब सामने आया कि लड़की के परिवार ने पश्चिम बंगाल सरकार की 'कन्यारत्न शिक्षा अनुदान योजना' के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता हड़पने के लिए शादी को छुपाए रखा।
मामले का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, नाबालिग लड़की दक्षिण 24 परगना जिले के नोडाखाली इलाके की रहने वाली है। करीब डेढ़ महीने पहले वह कोलकाता के हरिदेवपुर इलाके के एक युवक के साथ घर से चली गई थी। युवक ने उससे शादी की और उसे अपने घर ले आया। पुलिस ने बताया कि युवक की माँ को पहले से पता था कि लड़की 18 वर्ष से कम उम्र की है, फिर भी उसने उसे बहू के रूप में स्वीकार कर लिया।
लड़की के पिता को जब बेटी के ठिकाने का पता चला, तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज करने के बजाय ससुराल पक्ष से संपर्क किया और शर्त रखी कि जब तक सरकारी योजना की मासिक सहायता राशि मिलती रहे, उन्हें बेटी के वहाँ रहने पर कोई आपत्ति नहीं है।
कन्यारत्न योजना का दुरुपयोग
पश्चिम बंगाल सरकार की 'कन्यारत्न शिक्षा अनुदान योजना' का उद्देश्य अविवाहित लड़कियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करना और बाल विवाह को रोकना है। इस योजना की राशि नाबालिग लड़की के बैंक खाते में सीधे जमा होती थी। योजना का लाभ जारी रखने के लिए लड़की का मायके लौटकर सत्यापन कराना अनिवार्य था। रिपोर्टों के अनुसार, पिता की दबाव डालने की कोशिशों के बावजूद लड़की ने लौटने से इनकार कर दिया।
एनजीओ की सूचना पर पुलिस ने की कार्रवाई
जब लड़की के लौटने से इनकार के कारण योजना का सत्यापन अटक गया, तो पिता ने एक एनजीओ से संपर्क किया और पहली बार स्वीकार किया कि उनकी नाबालिग बेटी की शादी हो चुकी है। एनजीओ के अधिकारियों ने तत्काल हरिदेवपुर पुलिस स्टेशन को सूचित किया। पुलिस की एक टीम ने रविवार को लड़की के ससुराल पहुँचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला और तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने पति और सास के खिलाफ बाल विवाह, अपहरण और यौन उत्पीड़न के आरोपों में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, 2012 की कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। लड़की के पिता को इसलिए गिरफ्तार किया गया क्योंकि उन्होंने डेढ़ महीने तक बेटी के लापता होने या शादी की कोई सूचना पुलिस को नहीं दी और सरकारी सहायता के लिए चुप्पी साधे रखी। अधिकारियों के अनुसार, पिता को भी उन्हीं आरोपों में आरोपी बनाया गया है।
नाबालिग की सुरक्षा
पुलिस ने पुष्टि की है कि नाबालिग लड़की को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। यह मामला उन खामियों को भी उजागर करता है जिनका लाभ उठाकर सरकारी कल्याण योजनाओं का दुरुपयोग किया जा सकता है — विशेष रूप से जब लाभार्थी सत्यापन तंत्र पर्याप्त रूप से सतर्क न हो। आगे की जाँच जारी है।