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कोलकाता: नाबालिग से जबरदस्ती शादी और अपहरण के आरोप में अरमान आलम गिरफ्तार, POCSO के तहत मामला दर्ज

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कोलकाता: नाबालिग से जबरदस्ती शादी और अपहरण के आरोप में अरमान आलम गिरफ्तार, POCSO के तहत मामला दर्ज

सारांश

कोलकाता के जोराबागान में एक 16 वर्षीय नाबालिग को अपहरण कर जबरदस्ती शादी करने का मामला सामने आया। पुलिस ने हावड़ा के डोमजूर से लड़की को सुरक्षित बचाया और आरोपी अरमान आलम को गिरफ्तार कर POCSO के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस को संदेह है कि जबरदस्ती धर्म परिवर्तन की भी योजना थी।

मुख्य बातें

अरमान आलम को 22 जुलाई 2026 को हावड़ा जिले के डोमजूर से गिरफ्तार किया गया।
आरोपी पर 16 वर्षीय नाबालिग का अपहरण कर 19 जुलाई को जबरदस्ती शादी करने का आरोप है।
मामला जोराबागान पुलिस स्टेशन में BNS और POCSO अधिनियम 2012 की धाराओं के तहत दर्ज।
पुलिस की प्रारंभिक धारणा है कि आरोपी ने जबरदस्ती धर्म परिवर्तन की भी योजना बनाई थी — जाँच जारी।
नाबालिग की मेडिकल जाँच और गोपनीय बयान दर्ज; उसे परिजनों को सौंपा गया।

उत्तरी कोलकाता के जोराबागान इलाके में पुलिस ने 22 जुलाई 2026 को एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की का अपहरण कर जबरदस्ती शादी करने के आरोप में अरमान आलम नामक युवक को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने लड़की को भगाकर इलाके से फरार होने की कोशिश की, लेकिन समय रहते उसे हावड़ा जिले के डोमजूर क्षेत्र से पकड़ लिया गया।

मुख्य घटनाक्रम

19 जुलाई 2026 को जोराबागान निवासी दीपक शर्मा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उसी इलाके के रहने वाले अरमान आलम ने 16 साल की एक लड़की का अपहरण कर उससे जबरदस्ती शादी कर ली। शिकायत के अनुसार, शादी के बाद आरोपी लड़की को लेकर फरार हो गया। डेढ़ दिन तक लड़की का कोई अता-पता न लगने पर शर्मा ने जोराबागान पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने तत्काल जाँच शुरू की और हावड़ा जिले के डोमजूर क्षेत्र में सलोप क्रॉसिंग से नाबालिग को सुरक्षित बरामद किया। आरोपी अरमान आलम को उसी स्थान से गिरफ्तार कर लिया गया।

कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) और बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण (POCSO) अधिनियम 2012 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। नाबालिग को बचाए जाने के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत उसकी मेडिकल जाँच कराई गई और उसका गोपनीय बयान भी दर्ज किया गया।

पुलिस की प्रारंभिक धारणा

जोराबागान पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने बताया कि उनकी शुरुआती धारणा है कि आरोपी ने नाबालिग का जबरदस्ती धर्म परिवर्तन कराने की योजना बनाई थी और इसी उद्देश्य से उसे भगाया था। हालाँकि यह अभी जाँच का विषय है और अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में राजनीतिक माहौल गर्म है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने पहले से आरोप लगाते रहे हैं कि राज्य में इस प्रकार की घटनाएँ चुपचाप होती रहती हैं और प्रशासन उन्हें नज़रअंदाज़ करता है। भाजपा नेताओं ने यह भी दावा किया है कि राज्य में जनसांख्यिकीय संरचना बदल रही है और सत्ता में आने पर ऐसी घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई का वादा किया है। सत्तारूढ़ दल की ओर से अभी तक इस विशेष मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

आगे क्या होगा

मामले की आगे की जाँच जारी है। POCSO अधिनियम के तहत दर्ज होने के कारण यह मामला विशेष POCSO न्यायालय में सुना जाएगा। नाबालिग को उसके परिजनों को सौंपा जा चुका है और उसकी काउंसलिंग की व्यवस्था भी की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे राजनीतिक रंग मिलना तय है। गौरतलब है कि POCSO जैसे कड़े कानूनों के बावजूद बाल विवाह और अपहरण की घटनाएँ रुकती नहीं — असली सवाल यह है कि क्या त्वरित गिरफ्तारी एक अपवाद है या व्यवस्थागत सुधार का संकेत।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता जोराबागान नाबालिग मामले में क्या हुआ?
19 जुलाई 2026 को उत्तरी कोलकाता के जोराबागान इलाके के अरमान आलम ने एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की का कथित तौर पर अपहरण कर जबरदस्ती शादी की और फरार हो गया। पुलिस ने 22 जुलाई को हावड़ा के डोमजूर से लड़की को बचाया और आरोपी को गिरफ्तार किया।
अरमान आलम पर कौन-कौन सी धाराएँ लगाई गई हैं?
आरोपी अरमान आलम के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) और POCSO अधिनियम 2012 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। POCSO के तहत मामला होने के कारण यह विशेष न्यायालय में सुना जाएगा।
नाबालिग को कहाँ से बचाया गया और उसकी स्थिति क्या है?
नाबालिग को हावड़ा जिले के डोमजूर क्षेत्र में सलोप क्रॉसिंग से सुरक्षित बरामद किया गया। बचाए जाने के बाद उसकी मेडिकल जाँच कराई गई, गोपनीय बयान दर्ज किया गया और उसे परिजनों को सौंप दिया गया।
पुलिस को धर्म परिवर्तन की आशंका क्यों है?
जोराबागान पुलिस स्टेशन के अधिकारियों के अनुसार उनकी शुरुआती धारणा है कि आरोपी ने नाबालिग का जबरदस्ती धर्म परिवर्तन कराने की योजना बनाई थी। हालाँकि यह अभी जाँच का विषय है और अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है।
इस मामले का राजनीतिक महत्व क्या है?
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में भाजपा नेता पहले से ऐसी घटनाओं को लेकर सत्तारूढ़ सरकार को घेरते रहे हैं। इस मामले के सामने आने से वह राजनीतिक विमर्श और तेज होने की आशंका है, हालाँकि सत्तारूढ़ दल की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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