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कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़: 19 की मौत, TMC ने बताया प्रशासनिक विफलता, SIT जांच शुरू

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कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़: 19 की मौत, TMC ने बताया प्रशासनिक विफलता, SIT जांच शुरू

सारांश

कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल के बाहर मची भगदड़ ने 19 जानें ले लीं। TMC ने इसे प्रशासनिक विफलता बताया, पूजा समिति पर जिम्मेदारी डाली और SIT जांच का ऐलान हुआ — लेकिन असली सवाल यह है कि हर बड़े आयोजन में भीड़ प्रबंधन की यही चूक बार-बार क्यों दोहराई जाती है।

मुख्य बातें

कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत और 20 से अधिक घायल ।
केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने दुख जताया और घटना के राजनीतिकरण से बचने की अपील की।
राज्य मंत्री उमेश राय ने पूजा आयोजकों और सुरक्षा एजेंसी की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया।
TMC विधायक कुणाल घोष ने हादसे को प्रशासनिक विफलता करार दिया; पूजा समिति पर ठीकरा फोड़ा।
घटना की जांच के लिए SIT का गठन किया गया है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की।

कोलकाता में दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान मची दर्दनाक भगदड़ में अब तक 19 लोगों की जान जा चुकी है और 20 से अधिक लोग घायल हैं। इस हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है और राजनीतिक दलों से लेकर प्रशासन तक — सभी ने अपनी प्रतिक्रियाएं दर्ज कराई हैं। घटना के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने एक विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है।

केंद्रीय मंत्री की संवेदनाएं और राजनीतिकरण पर चेतावनी

छत्तीसगढ़ के रायपुर में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'कोलकाता में 19 लोगों की जान चली गई और 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं। यह बेहद दुखद खबर है। जिन्होंने अपनी जान गंवाई है, उनके परिवारों के प्रति हम गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।'

साहू ने माता रानी से घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की और साथ ही यह भी कहा कि ऐसी दुखद घटनाओं का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की है और स्वयं घायलों से मिलकर संवेदनशीलता दिखाई है।

भगदड़ कैसे मची — मंत्री उमेश राय का बयान

पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री उमेश राय ने घटनाक्रम का ब्यौरा देते हुए कहा, 'यह भगदड़ तब मची जब लोग पंडाल से बाहर नहीं निकल रहे थे, जबकि पीछे से बड़ी संख्या में लोग अंदर आने की कोशिश कर रहे थे।' उन्होंने इस हादसे के लिए पूजा आयोजकों और सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाली एजेंसी को जिम्मेदार ठहराया और इसे उनकी 'लापरवाही का नतीजा' बताया।

मंत्री राय ने पुष्टि की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए SIT का गठन किया गया है, जो घटना की गहराई से पड़ताल करेगी।

TMC का रुख: प्रशासनिक विफलता करार

तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता और AITC विधायक कुणाल घोष ने इस हादसे को पूरी तरह प्रशासनिक विफलता करार दिया। उन्होंने कहा कि संबंधित पूजा समिति को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए और इस समिति में कई प्रभावशाली लोग भी शामिल हैं।

घोष ने बताया, 'अभी हम अस्पताल में हैं। रात से ही हमारी प्राथमिकता राहत कार्य और घायलों का इलाज रही है। हमारे कार्यकर्ता चोरबागन समेत हर जगह मौजूद थे।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शनिवार रात वे स्वयं अस्पताल इसलिए नहीं गए क्योंकि नेतृत्व के वहां पहुंचने से मीडिया और पुलिस का ध्यान इलाज के काम से भटक सकता था।

आम जनता और पीड़ितों पर असर

यह हादसा ऐसे समय में सामने आया है जब दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता में लाखों श्रद्धालु पंडालों में उमड़ते हैं। भीड़ प्रबंधन की चूक ने इस उत्सव को त्रासदी में बदल दिया। गौरतलब है कि भारत में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान भगदड़ की यह पहली बड़ी घटना नहीं है — पिछले एक दशक में कई ऐसी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं जो भीड़ नियंत्रण में प्रणालीगत खामियों को उजागर करती हैं।

क्या होगा आगे

SIT की जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि आयोजकों और सुरक्षा एजेंसियों की लापरवाही किस हद तक थी। मुख्यमंत्री द्वारा घोषित मुआवजे का वितरण और घायलों के उपचार की प्रगति आने वाले दिनों में नज़र में रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े धार्मिक आयोजनों के लिए अनिवार्य भीड़ प्रबंधन प्रोटोकॉल लागू किए बिना ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना मुश्किल होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

सरकार की निगरानी-भूमिका पर सवाल नहीं उठाया। SIT जांच तभी सार्थक होगी जब वह सुरक्षा अनुमतियाँ देने वाले अधिकारियों तक भी पहुंचे। बिना प्रणालीगत सुधार के, यह जांच भी पिछली कई जांचों की तरह 'फाइल बंद' की नियति को नहीं टाल पाएगी।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ में कितने लोगों की मौत हुई?
कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान मची भगदड़ में अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है और 20 से अधिक लोग घायल हैं। अधिकारियों के अनुसार घायलों का इलाज जारी है।
कोलकाता भगदड़ कैसे हुई?
राज्य मंत्री उमेश राय के अनुसार भगदड़ तब मची जब पंडाल के अंदर से लोग बाहर नहीं निकल पा रहे थे और पीछे से भारी संख्या में श्रद्धालु अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे। इस भीड़ के दबाव ने हादसे को जन्म दिया।
भगदड़ की जांच कौन करेगा?
पश्चिम बंगाल सरकार ने इस घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है। SIT मामले की गहराई से पड़ताल करेगी और पूजा आयोजकों तथा सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका की समीक्षा करेगी।
TMC ने इस हादसे के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया?
TMC विधायक कुणाल घोष ने इसे प्रशासनिक विफलता बताया और संबंधित पूजा समिति को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि समिति में कई प्रभावशाली लोग शामिल हैं जिन्हें इसकी जवाबदेही लेनी चाहिए।
मृतकों के परिवारों को मुआवजा मिलेगा?
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की है। केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने भी पुष्टि की कि मुख्यमंत्री स्वयं घायलों से मिली हैं और सरकार पीड़ितों के साथ खड़ी है।
राष्ट्र प्रेस
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