कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़: गृह मंत्री अमित शाह ने साल्ट लेक अस्पताल में घायलों से मुलाकात की
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार, 18 अक्टूबर को कोलकाता के साल्ट लेक स्थित एक निजी अस्पताल पहुँचकर चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़ में घायल श्रद्धालुओं का हालचाल लिया। शनिवार शाम हुई इस दुखद घटना में कम से कम 19 लोगों की मौत हो चुकी है और 20 से अधिक घायलों का अलग अलग अस्पतालों में उपचार जारी है।
अस्पताल दौरे का विवरण
गृह मंत्री शाह के साथ पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और पश्चिम बंगाल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य भी उपस्थित थे। तीनों नेताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों से अस्पताल में भर्ती 14 लोगों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली और कुछ घायलों से सीधे बातचीत भी की।
शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, "इस कठिन घड़ी में पश्चिम बंगाल सरकार हर घायल और पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। मां दुर्गा सभी घायलों को शीघ्र स्वस्थ करें, यही प्रार्थना है।"
घायलों की स्वास्थ्य स्थिति
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शरद्वत मुखर्जी ने बताया कि अस्पताल में भर्ती 14 लोगों में से 13 की हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। उन्होंने कहा, "यहाँ तक कि जिस व्यक्ति की हालत थोड़ी गंभीर है, उसके लिए भी मैं 'संकट' शब्द का इस्तेमाल नहीं करूँगा। मुझे उम्मीद है कि मृतकों की संख्या अब और नहीं बढ़ेगी। मैं खुद घायलों के इलाज की व्यवस्था पर नज़र रख रहा हूँ।"
शाह ने रद्द किए सभी कार्यक्रम
गृह मंत्री शाह शनिवार रात कोलकाता पहुँचे थे और रविवार को उनके कई आधिकारिक कार्यक्रम निर्धारित थे। भगदड़ की दुखद घटना के बाद उन्होंने अपने सभी तय कार्यक्रम रद्द कर दिए। इसके बजाय, उन्होंने सुबह सर्वप्रथम दक्षिण कोलकाता के कालीघाट स्थित प्रसिद्ध काली मंदिर में पूजा अर्चना की, और उसके बाद सीधे अस्पताल पहुँचे। शाह उसी दिन नई दिल्ली वापस लौट गए।
चोरबागान भगदड़: क्या हुआ था
यह हादसा शनिवार शाम कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में हुआ, जहाँ दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ में भगदड़ मच गई। इस घटना में कम से कम 19 श्रद्धालुओं की जान चली गई, जबकि 20 से अधिक घायलों को शहर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। यह ऐसे समय में आया है जब पूरा बंगाल दुर्गा पूजा उत्सव की रौनक में डूबा हुआ था।
गौरतलब है कि देश में धार्मिक आयोजनों के दौरान भगदड़ की घटनाएँ पहले भी हो चुकी हैं, जिनमें भीड़ प्रबंधन की खामियाँ अक्सर मुख्य कारण रही हैं। इस घटना की जाँच और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के उपायों पर ध्यान केंद्रित होना अपेक्षित है।
आगे क्या
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मुखर्जी के अनुसार, सभी घायलों के उपचार पर व्यक्तिगत रूप से नज़र रखी जा रही है। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है। भगदड़ की परिस्थितियों और जिम्मेदारी की जाँच अभी जारी बताई जा रही है।