पश्चिम बंगाल में मतदाता जागरूकता के लिए ईसीआई की साइकिल रैली, 'छोटा भीम' और 'चुटकी' का आकर्षण
सारांश
Key Takeaways
- साइकिल रैली का आयोजन मतदाता जागरूकता के लिए किया गया।
- छोटा भीम और चुटकी ने कार्यक्रम में भाग लिया।
- मतदाता जागरूकता का उद्देश्य युवा मतदाताओं को शामिल करना है।
- सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से मतदान का महत्व बताया गया।
कोलकाता, 27 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आगामी विधानसभा चुनाव 2026 से पहले, भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने पश्चिम बंगाल में मतदाताओं के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। इसी के तहत, हावड़ा में 'चुनाव का पर्व, पश्चिम बंगाल का गर्व' नामक साइकिल रैली का आयोजन किया गया, जिसमें राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) और जिला चुनाव अधिकारी (डीईओ) ने भाग लिया।
हावड़ा ब्रिज पर चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारियों ने शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया। डीईओ और सीपी हावड़ा ने साइकिल रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रैली में बड़ी संख्या में स्कूल और कॉलेज के छात्र और पहली बार मतदान करने वाले युवा शामिल हुए।
यह रैली सुबह 7:00 बजे हावड़ा ब्रिज चेक पोस्ट से शुरू होकर रेल म्यूजियम के रास्ते रामकृष्णपुर फेरी घाट पर समाप्त हुई। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लोकगीत, नृत्य और नाटक के माध्यम से मतदान के महत्व और चुनावी उत्सव का संदेश दिया गया। इसके साथ ही, मतदाता जागरूकता के लिए फेरी के माध्यम से अन्य 'स्वीप' कार्यक्रमों की भी शुरुआत की गई।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण लोकप्रिय एनिमेशन पात्र 'छोटा भीम' और 'चुटकी' रहे, जिन्होंने विशेष रूप से युवा और पहली बार वोट करने वालों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यक्रम में भाग लिया।
चुनाव आयोग के मीडिया इंचार्ज आशीष गोयल ने कहा, "आज का कार्यक्रम व्यवस्थित मतदाता शिक्षा और चुनावी भागीदारी (स्वीप) कार्यक्रम का हिस्सा है, जो मतदाताओं की जागरूकता पर केंद्रित है। हमारी कोशिश है कि पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव एक त्योहार की तरह मनाया जाए।"
चुनाव आयोग ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि मतदाता जागरूकता अभियान का उद्देश्य मतदाताओं को मतदान के महत्व के बारे में शिक्षित और जागरूक करना है। साथ ही, मतदान केंद्र की जानकारी और मतदान दिवस की समय-सारणी जैसी जरूरी सूचनाएं देना भी इसका हिस्सा है। इन प्रयासों का लक्ष्य विशेष रूप से शहरी मतदाताओं, महिलाओं, दिव्यांग मतदाताओं, युवाओं और पहली बार मतदान करने वालों की भागीदारी बढ़ाना है।
आयोग ने कहा, "इन कार्यक्रमों के माध्यम से ईसीआई की ओर से हाल ही में लागू किए गए उपायों को भी उजागर किया जाएगा। पहली बार और युवा मतदाताओं को प्रोत्साहित करने के लिए राज्यभर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ईएलसी) के माध्यम से जागरूकता बढ़ाई जाएगी। साथ ही युवाओं को जोड़ने के लिए राज्य की सांस्कृतिक झलक के साथ एक प्रभावी सोशल मीडिया अभियान भी चलाया जाएगा। सरकारी विभागों और कॉर्पोरेट संगठनों के साथ सहयोग के जरिए इस अभियान की पहुंच को और मजबूत किया जाएगा।