30 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या कोलकाता गैंगरेप मामले में आरोपियों को मिली सख्त सजा? : वारिस पठान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या कोलकाता गैंगरेप मामले में आरोपियों को मिली सख्त सजा? : वारिस पठान

सारांश

कोलकाता में एक लॉ छात्रा के साथ दुष्कर्म घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। वारिस पठान ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने सरकार की विफलताओं और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे को उठाया है। क्या यह घटना बदलाव का संकेत बनेगी?

मुख्य बातें

महिलाओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएँ चिंताजनक हैं।
सरकार को सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।
यह घटना देश की छवि को प्रभावित कर सकती है।
सामाजिक जागरूकता की जरूरत है।
संविधान के मूल्यों की रक्षा करना आवश्यक है।

मुंबई, 28 जून (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक लॉ कॉलेज की छात्रा के साथ हुए कथित दुष्कर्म मामले ने पूरे देश को झकझोर कर दिया है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता वारिस पठान ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

वारिस पठान ने कहा कि देश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा और अत्याचार की घटनाएं बेहद शर्मनाक हैं। जब तक सख्त और ठोस कदम नहीं उठाए जाएंगे, तब तक हालात में सुधार की उम्मीद नहीं की जा सकती। इस प्रकार की घटना देश की छवि के लिए एक धब्बा है। कोलकाता गैंगरेप मामले में दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में सजा दी जाए, ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए।

पठान ने कहा, “महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अत्याचार सरकार की विफलता का प्रतीक हैं। निर्भया मामले के बाद भी स्थिति वही बनी हुई है। उस समय लाखों लोग सड़कों पर उतरे थे, कानून बनाने की मांग की गई थी, लेकिन आज भी वही स्थिति है।”

उन्होंने कहा, “देश में महिलाओं के खिलाफ हो रही घटनाएं बेहद शर्मनाक हैं। जब तक सरकारें सख्त और ठोस कदम नहीं उठाएंगी, तब तक स्थिति नहीं बदलेगी, चाहे हम किसी भी राज्य की बात कर रहे हों। यहां तक कि अमेरिका ने भी भारत के बारे में ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि अगर कोई भारतीय महिला अमेरिका जाती है, तो उसे सावधान रहना चाहिए। यह हमारे देश की कैसी छवि बन रही है? यह शर्मनाक है कि हम अपनी बेटियों को सुरक्षित नहीं रख पा रहे।”

इसके साथ ही पठान ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के हालिया बयान पर भी तीखा हमला बोला। धनखड़ ने "धर्मनिरपेक्ष" और "समाजवादी" शब्दों को संविधान का ‘नासूर’ बताया था, जिस पर पठान ने कहा कि यह बयान संविधान के मूल्यों के खिलाफ है।

उन्होंने कहा कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) संविधान को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। जो लोग संविधान की शपथ लेकर सत्ता में आते हैं, वही बाद में उसे नकारते हैं। आरएसएस 52 साल तक अपने नागपुर मुख्यालय में तिरंगा नहीं फहराता था, और अब वही लोग धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र की बात करते हैं। यह उनकी दोहरी मानसिकता को दर्शाता है। उनका एजेंडा केवल समाज को बांटना है। भारत का संविधान देश की आत्मा है। लोग इसे कमजोर करने की किसी भी साजिश को स्वीकार नहीं करेंगे। धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र के मूल्यों को नष्ट करने की कोशिश देश के साथ विश्वासघात है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटना न केवल कोलकाता बल्कि पूरे देश के लिए एक चेतावनी है। महिलाओं के प्रति बढ़ती हिंसा और अत्याचारों के खिलाफ ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। समाज को एकजुट होकर इस मुद्दे का सामना करना होगा।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता गैंगरेप मामला क्या है?
कोलकाता में एक लॉ कॉलेज की छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म का मामला है, जिसने पूरे देश में आक्रोश पैदा किया है।
वारिस पठान ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
वारिस पठान ने इस घटना को शर्मनाक बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाए जाने चाहिए?
सरकार को सख्त कानून बनाने और प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करनी चाहिए।
क्या अमेरिका ने भारत के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है?
हाँ, अमेरिका ने भारतीय महिलाओं के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है।
इस घटना का समाज पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
यह घटना समाज में जागरूकता बढ़ाने और बदलाव की आवश्यकता को उजागर करेगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 9 महीने पहले
  2. 1 साल पहले
  3. 1 साल पहले
  4. 1 साल पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले