कोलकाता भगदड़: दूसरे आरोपी की पत्नी का खुलासा, 'पूजा समिति ने पंडाल गिरने की घोषणा करवाई'
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में 17 अक्टूबर 2026 को मची भगदड़ मामले में एक नया और गंभीर आरोप सामने आया है। मामले में गिरफ्तार दूसरे आरोपी बाबू मजूमदार उर्फ कुशल उर्फ कालिया की पत्नी कोयल मजूमदार ने दावा किया है कि उनके पति को पूजा समिति के वरिष्ठ पदाधिकारियों के निर्देश पर ही पंडाल गिरने की भ्रामक घोषणा करनी पड़ी थी। इस भगदड़ में 19 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे।
क्या है कोयल मजूमदार का आरोप
कोयल मजूमदार ने पति की गिरफ्तारी के तुरंत बाद मीडिया से बातचीत में बताया कि पूजा समिति के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने उनके पति को यह घोषणा करने का निर्देश दिया कि पंडाल गिर रहा है। उनके अनुसार, उनके पति ने यह सोचकर घोषणा की थी कि इससे श्रद्धालुओं को संभावित खतरे से बचाया जा सकेगा।
कोयल ने यह भी आरोप लगाया कि भगदड़ की स्थिति गंभीर होने के बाद पूजा समिति के कुछ अधिकारियों ने उनके पति को फरार होकर 27 अक्टूबर तक अंडरग्राउंड रहने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा कि उनके पति घटना वाली रात ही पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करना चाहते थे और वे लगातार पछतावे में थे।
आरोपी की पृष्ठभूमि और घटनाक्रम
कोयल के मुताबिक, उनके पति पेशे से ऐप आधारित कैब चालक हैं और करीब 18 वर्षों से चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति से जुड़े हैं। उनका घर अमर बोस लेन में पंडाल के नज़दीक ही है। कोयल ने यह भी बताया कि उनके पति को पहले कभी सार्वजनिक घोषणाएँ करने की जिम्मेदारी नहीं दी गई थी, क्योंकि वे मौखिक संवाद में विशेष रूप से पारंगत नहीं थे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना के बाद बाबू मजूमदार कुछ समय के लिए अपने घर लौटे, लेकिन अपना मोबाइल फोन वहीं छोड़कर चले गए। कोलकाता पुलिस ने 23 अक्टूबर को सुबह उन्हें गिरफ्तार किया।
भगदड़ की रात का माहौल
घटना के समय बारिश के कारण पंडाल में पहले से ही अफरा-तफरी का माहौल था। बाहर प्रतीक्षारत श्रद्धालु अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे, जबकि पंडाल के भीतर मौजूद लोग बारिश के चलते बाहर निकलने से हिचकिचा रहे थे। इसी दौरान पंडाल गिरने की चेतावनी देते हुए तुरंत बाहर निकलने की घोषणा की गई।
इस घोषणा के बाद भीड़ में दहशत फैल गई और श्रद्धालु निकास द्वार की ओर भागने लगे। कुछ लोग प्रवेश द्वार से भी बाहर निकलने लगे, जिससे भीड़ बेकाबू हो गई और देखते ही देखते भगदड़ मच गई, जिसमें 19 लोगों की जान चली गई।
अब तक की गिरफ्तारियाँ और जाँच की स्थिति
इस मामले में इससे पहले गुरुवार को कोलकाता पुलिस ने चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति के कोषाध्यक्ष संजीब राहा उर्फ सेंटू को गिरफ्तार किया था, जो इस मामले के मुख्य आरोपी बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, अब तक इस मामले में नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
गौरतलब है कि जाँच एजेंसियाँ घटनाक्रम की कड़ियाँ जोड़ने के साथ-साथ पूजा समिति के आयोजकों की कथित भूमिका की भी गहन पड़ताल कर रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब सार्वजनिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और जिम्मेदारी तय करने के सवाल एक बार फिर केंद्र में आ गए हैं।
आगे की कार्रवाई
जाँच एजेंसियाँ यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित भ्रामक घोषणा के निर्देश की श्रृंखला कहाँ से शुरू हुई और पूजा समिति के किन-किन पदाधिकारियों की इसमें भूमिका थी। कोयल मजूमदार के आरोपों को देखते हुए जाँच का दायरा और व्यापक होने की संभावना है।