दक्षिण कोरियाई प्रतिनिधिमंडल ने यीडा का दौरा किया, सेक्टर-4ए में 900 एकड़ 'कोरियन सिटी' में जताई रुचि
सारांश
मुख्य बातें
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में औद्योगिक निवेश की संभावनाएँ तलाशने के लिए दक्षिण कोरिया का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल 26 जून 2025 को ग्रेटर नोएडा स्थित यीडा कार्यालय पहुँचा। इस दौरे में व्यापारिक सहयोग, औद्योगिक निवेश और भविष्य की विकास योजनाओं का गहन अध्ययन किया गया। यीडा अधिकारियों के अनुसार यह यात्रा भारत-दक्षिण कोरिया औद्योगिक साझेदारी को नई दिशा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रतिनिधिमंडल की संरचना
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कोरिया के व्यापार, उद्योग एवं संसाधन मंत्रालय के निदेशक किम जिनसू ने किया। उनके साथ उपनिदेशक कांग होंग कू, कोरिया गणराज्य दूतावास के वाणिज्यिक परामर्शदाता सुंगजुंग चो, कोरिया ट्रेड-इन्वेस्टमेंट प्रमोशन एजेंसी (कोटरा) साउथ एशिया हेड ऑफिस के प्रबंध निदेशक डोंगह्योन किम तथा इंडिया-कोरिया बिजनेस कोऑपरेशन डेस्क के कार्यकारी निदेशक जैवुक (जेक) ली भी शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल में मंत्रालय, दूतावास और व्यापार संवर्धन एजेंसी — तीनों स्तरों की उपस्थिति इस दौरे की रणनीतिक अहमियत को रेखांकित करती है।
यीडा की निवेश प्रस्तुति
यीडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेन्द्र कुमार भाटिया (IAS) ने प्रतिनिधिमंडल के समक्ष क्षेत्र की निवेश संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि यीडा क्षेत्र देश के सबसे तेज़ी से उभरते औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब में शुमार हो चुका है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन की दिशा में हो रही प्रगति, यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तथा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर जैसी विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी इसे विदेशी निवेशकों के लिए विशेष रूप से आकर्षक बनाती है।
भाटिया ने यह भी बताया कि क्षेत्र में सेमीकंडक्टर चिप निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स और अन्य उभरते क्षेत्रों में निवेश की गति तेज़ हुई है। एस्कॉर्ट्स कुबोटा और HCL-फॉक्सकॉन जैसी प्रमुख राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कंपनियाँ पहले से यहाँ निवेश कर रही हैं, जिससे क्षेत्र का औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र लगातार सुदृढ़ हो रहा है।
'कोरियन सिटी' परियोजना
दौरे का सबसे उल्लेखनीय पहलू सेक्टर-4ए में प्रस्तावित 'कोरियन सिटी' परियोजना रही, जिसमें कोरियाई प्रतिनिधिमंडल ने गहरी रुचि दिखाई। लगभग 900 एकड़ में विकसित होने वाली यह परियोजना विशेष रूप से कोरियाई निवेशकों और उद्योगों को आकर्षित करने के लिए तैयार की जा रही है। इस बहुउद्देशीय परियोजना में औद्योगिक, आवासीय, वाणिज्यिक तथा संस्थागत सुविधाओं का समावेश प्रस्तावित है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी और प्रमुख परिवहन नेटवर्क की निकटता इसे विदेशी निवेश के लिए एक आदर्श गंतव्य बनाती है। प्रस्तुति के बाद प्रतिनिधिमंडल ने संभावित निवेश के लिए चिन्हित भूमि पार्सलों का स्थलीय निरीक्षण भी किया।
आम जनता और क्षेत्र पर असर
यीडा अधिकारियों के अनुसार यह दौरा भारत और दक्षिण कोरिया के बीच औद्योगिक एवं निवेश सहयोग को नई ऊर्जा देगा। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार 'मेक इन इंडिया' के तहत विदेशी निवेश आकर्षित करने पर विशेष जोर दे रही है। कोरियाई कंपनियों के संभावित निवेश से क्षेत्र में रोज़गार सृजन और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण बल मिलने की उम्मीद है। गौरतलब है कि यीडा क्षेत्र में इससे पहले भी जापानी और चीनी निवेशकों के लिए विशेष ज़ोन की अवधारणा पर काम हुआ है — 'कोरियन सिटी' इसी श्रृंखला की अगली कड़ी है।
आगे की राह
यीडा अधिकारियों के अनुसार इस दौरे के बाद दोनों पक्षों के बीच निवेश वार्ता आगे बढ़ने की संभावना है। कोरियाई कंपनियों के लिए भूमि आवंटन और नीतिगत प्रोत्साहन की रूपरेखा तय होने पर 'कोरियन सिटी' परियोजना को औपचारिक आकार मिल सकता है। यह दौरा भारत-कोरिया द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों के विस्तार की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।