क्या केटीआर ने रेवंत रेड्डी को खुली चुनौती दी?
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हैदराबाद, 19 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामाराव (केटीआर) ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें जनता के समर्थन पर भरोसा है तो बीआरएस से कांग्रेस में गए 10 विधायकों से इस्तीफा दिलाकर उपचुनाव कराएं और जनता के बीच अपनी ताकत साबित करें।
सिरसिल्ला में नवनिर्वाचित बीआरएस सरपंचों के विजय सम्मेलन को संबोधित करते हुए केटीआर ने मुख्यमंत्री के उस दावे पर सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने पंचायत चुनावों में कांग्रेस को 66 प्रतिशत समर्थन मिलने की बात कही थी। केटीआर ने कहा कि मुख्यमंत्री को अपने इस दावे की परीक्षा जनता की अदालत में देनी चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री के गुरुवार को हैदराबाद में दिए गए बयान में विरोधाभास की ओर इशारा करते हुए कहा, “मुख्यमंत्री पहले कहते हैं कि स्थानीय चुनावों में कांग्रेस को 66 प्रतिशत समर्थन मिला और इसे सरकार के लिए आशीर्वाद बताते हैं। लेकिन कुछ ही मिनटों बाद यह भी कह देते हैं कि स्थानीय चुनाव सरकार के प्रदर्शन पर नहीं, बल्कि स्थानीय मुद्दों और जाति के आधार पर लड़े जाते हैं। अगर आपको सच में जनता के समर्थन पर भरोसा है, तो मेरी चुनौती स्वीकार करें। जिन 10 विधायकों को आपने ‘मवेशियों की तरह खरीदा’ है, उनसे इस्तीफा दिलाइए और उपचुनाव कराइए। जनता तय करेगी कि असली ताकत किसके पास है।”
दलबदल करने वाले विधायकों पर तीखा हमला बोलते हुए केटीआर ने इसे “नैतिक दिवालियापन” करार दिया। उन्होंने वरिष्ठ नेताओं कादियम श्रीहरि और पोचारम श्रीनिवास रेड्डी के आचरण पर भी निराशा जताई।
केटीआर ने कहा, “जो नेता मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष जैसे पदों पर रह चुके हैं, उनका छोटे-छोटे पदों के लिए इस तरह गिर जाना बेहद दुखद है। राहुल गांधी के सामने कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा करते हैं और फिर स्पीकर के सामने यह झूठ बोलते हैं कि वे अब भी बीआरएस में हैं। सत्ता से चिपके रहने की उनकी इस प्रवृत्ति ने उनकी राजनीतिक विश्वसनीयता को पूरी तरह खत्म कर दिया है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री स्पीकर कार्यालय पर दबाव डालकर ठोस सबूतों की अनदेखी कर रहे हैं और दलबदलुओं को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
केटीआर ने दावा किया कि पंचायत चुनावों के नतीजे किसानों, महिलाओं और पिछड़ा वर्ग समुदायों को धोखा देने के लिए कांग्रेस को जनता का करारा जवाब हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पुलिस और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के बावजूद सिरसिल्ला में 117 में से 80 पंचायतों में बीआरएस ने जीत हासिल की।
उन्होंने कहा, “मंत्री और मुख्यमंत्री के जिलों में दौरे के बावजूद जनता ने साफ संदेश दिया है कि वे गांवों के कल्याण के लिए केसीआर के नेतृत्व को ही चाहते हैं। पिंक फ्लैग इसलिए ऊंचा लहरा रहा है क्योंकि जनता कांग्रेस की साजिशों के बजाय हमारे विजन पर भरोसा करती है।”
पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने का आह्वान करते हुए केटीआर ने आश्वासन दिया कि किसी भी कार्यकर्ता को यदि धमकी या उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है तो बीआरएस पूरी मजबूती से उसके साथ खड़ी रहेगी।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि आने वाले वर्ष में बड़े स्तर पर सदस्यता अभियान चलाया जाएगा और गांव, मंडल व जिला स्तर पर नई समितियों का गठन किया जाएगा, जिसमें वरिष्ठ नेताओं के अनुभव और युवाओं की ऊर्जा का समन्वय होगा।
केटीआर ने कार्यकर्ताओं से आगामी जिला परिषद और मंडल परिषद चुनावों में भी इसी जोश के साथ जुटने का आह्वान किया ताकि पार्टी बड़ी जीत हासिल कर सके।