केटीआर ने नानी की फिल्म 'द पैराडाइज' की तारीफ की, हैदराबाद में BRS नेताओं संग देखी स्पेशल स्क्रीनिंग
सारांश
मुख्य बातें
भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामा राव (केटीआर) ने शनिवार रात हैदराबाद के एक थिएटर में अभिनेता नानी की बहुचर्चित फिल्म 'द पैराडाइज' की स्पेशल स्क्रीनिंग देखी और फिल्म की जमकर तारीफ की। उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ विधायक, राज्यसभा सदस्य और पूर्व मंत्री भी मौजूद थे।
स्क्रीनिंग में कौन-कौन रहे मौजूद
केटीआर के साथ इस विशेष स्क्रीनिंग में राज्यसभा सदस्य वद्दीराजू रविचंद्र, पूर्व मंत्री गुंतकंदला जगदीश रेड्डी, तलसानी श्रीनिवास यादव, विधायक डॉ. पल्ला राजेश्वर रेड्डी, कालेरू वेंकटेश, बंडारू लक्ष्मा रेड्डी और अनिल जाधव समेत पार्टी के अनेक नेता उपस्थित रहे। BRS के नेताओं के लिए यह स्क्रीनिंग महज़ एक फिल्म देखने का अवसर नहीं, बल्कि राजनीतिक और भावनात्मक रूप से भी खास रही।
फिल्म की कहानी और KCR जैसा किरदार
फिल्म की पृष्ठभूमि 1980 के दशक की है और यह 'सवारी' जनजाति की पहचान की लड़ाई पर आधारित है। अभिनेता प्रियदर्शी पुलिकोंडा ने विधायक शंकरन्ना का किरदार निभाया है, जो देखने में BRS अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) से मिलता-जुलता है। जब पर्दे पर शंकरन्ना की एंट्री हुई तो थिएटर में मौजूद दर्शकों ने ज़ोरदार तालियाँ बजाई — माथे पर तिलक लगाए, अपने खास अंदाज़ में डायलॉग बोलते शंकरन्ना ने दर्शकों को अभिभूत कर दिया।
फिल्म में सम्मक्का की विरासत का भी जिक्र है, जो दमन के विरुद्ध लड़ने वाली ऐतिहासिक कोया आदिवासी योद्धा थीं। शंकरन्ना सवारी जनजाति के सम्मान की लड़ाई का समर्थन करते हैं, जो फिल्म का मूल संदेश है।
केटीआर की प्रतिक्रिया: एक्स पर की तारीफ
केटीआर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने लिखा कि यह फिल्म 'अस्तित्व के संघर्ष और दमन के खिलाफ लड़ाई' को शिद्दत से दर्शाती है। डायरेक्टर श्रीकांत ओडेला को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने एक जबरदस्त संदेश दिया है — 'जब ज़रूरत पड़ती है, तो घास की पत्तियाँ भी फावड़े में बदल सकती हैं।'
उन्होंने अपने पोस्ट में आगे कहा कि श्रीकांत ने एक ऐसे नेता की कहानी को शानदार दृश्यात्मक रूप दिया है, जो दमन के दौर में सामने आकर पहचान के लिए लड़ा। केटीआर ने अभिनेता नानी को 'दिल से शुभकामनाएं' देते हुए कहा कि उन्होंने मुख्य किरदार को 'सच में जिया है।' उन्होंने प्रियदर्शी के डायलॉग को भी कोट किया: 'भले ही इसके लिए मौत का सामना करना पड़े, मैं तुम्हें पहचान दिलाकर रहूँगा।'
तेलंगाना की संस्कृति का जीवंत चित्रण
BRS नेता विशेष रूप से इस बात से प्रसन्न दिखे कि फिल्म ने तेलंगाना की मिट्टी, बोली और संस्कृति को बेहद प्रामाणिक ढंग से पर्दे पर उकेरा है। गौरतलब है कि तेलंगाना में BRS विपक्षी भूमिका में है और ऐसी फिल्में, जो क्षेत्रीय अस्मिता और संघर्ष को केंद्र में रखती हैं, पार्टी के राजनीतिक आख्यान से भी जुड़ती हैं।
'द पैराडाइज' का यह सार्वजनिक समर्थन BRS के लिए सांस्कृतिक और राजनीतिक, दोनों मोर्चों पर सार्थक संकेत हो सकता है, जबकि पार्टी राज्य में अपनी पुनर्स्थापना की कोशिश कर रही है।