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क्या कुक्टासन पेट की चर्बी घटाने और एकाग्रता बढ़ाने में सहायक है?

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क्या कुक्टासन पेट की चर्बी घटाने और एकाग्रता बढ़ाने में सहायक है?

सारांश

जानिए 'कुक्टासन' के अद्भुत लाभ जो न केवल आपके पेट की चर्बी को कम करता है बल्कि एकाग्रता को भी बढ़ाता है। यह आसान योगासन आपके शरीर को मजबूती देने और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार लाने में मदद करता है। क्या आप इसे आजमाने के लिए तैयार हैं?

मुख्य बातें

कुक्टासन पेट की चर्बी को घटाने में सहायक है।
यह पाचन तंत्र को मजबूत करता है।
यह मानसिक एकाग्रता और ध्यान को बढ़ाता है।
इससे तनाव और चिंता में कमी आती है।
गर्भवती महिलाओं को इसे करने से बचना चाहिए।

नई दिल्ली, 6 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। ऐसे कई प्रकार के आसन हैं, जो न केवल शरीर को मजबूती प्रदान करते हैं, बल्कि आंतरिक ऊर्जा को भी जागृत करते हैं। 'कुक्टासन' एक ऐसा योगासन है, जो शरीर को संतुलित बनाए रखने के साथ-साथ कंधों और पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है।

'कुक्कुटासन' एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ है 'मुर्गा' और 'आसन' का अर्थ होता है 'मुद्रा'। इस आसन को करते समय शरीर मुर्गे की तरह दिखता है, इसीलिए इसे 'कुक्कुटासन' कहा जाता है।

शुरुआत में 'कुक्कुटासन' करना कठिन हो सकता है, लेकिन नियमित अभ्यास से कई लाभ मिलते हैं। यह शरीर को लचीला बनाता है और दिल का विशेष ध्यान रखता है।

आयुष मंत्रालय ने कुक्टासन को एक शक्तिशाली योगासन बताया है, जो शरीर और मन को संतुलित करता है। इस आसन के दौरान पूरा शरीर आपकी हथेलियों और बाजुओं पर टिका होता है।

नियमित अभ्यास से यह पेट की चर्बी घटाने में मदद करता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाए रखता है। रीढ़ की हड्डी लचीली होती है और शरीर में रक्त संचार बढ़ता है। साथ ही, यह मानसिक रूप से एकाग्रता और ध्यान में भी सहायक होता है। तनाव और चिंता में कमी लाने के लिए यह बहुत अच्छा है। इसके अलावा, यह कलाई और कोहनी के जोड़ों को भी मज़बूत करता है।

इस आसन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर पद्मासन की मुद्रा में बैठें। फिर अपने दाएँ हाथ को धीरे-धीरे दाईं जांघ और पिंडली के बीच से निकालें और उसी प्रक्रिया को बाएँ हाथ से दोहराएं। दोनों हथेलियों को मजबूती से ज़मीन पर रखें और ध्यान रखें कि हथेलियों के बीच लगभग 3 से 4 इंच का फासला हो। अब गहरी सांस भरते हुए हथेलियों पर दबाव डालें और पूरे शरीर को ज़मीन से ऊपर उठाएं। इस दौरान आपकी गर्दन सीधी और आंखें सामने की ओर केंद्रित होनी चाहिए। इस मुद्रा में 15 से 20 सेकंड तक रहें और फिर धीरे-धीरे शरीर को नीचे लाकर पद्मासन की स्थिति में लौट आएं।

गर्भवती महिलाओं और उच्च रक्तचाप या हृदय रोग से ग्रसित व्यक्तियों को इसे करने से बचना चाहिए। शुरुआत करने वालों को योग प्रशिक्षक की देखरेख में अभ्यास करना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि मानसिक स्पष्टता भी लाता है। इसे नियमित रूप से करने से शरीर में लचीलापन और संतुलन बढ़ता है। यह आसन सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए उपयुक्त है, लेकिन गर्भवती महिलाओं और हृदय रोगियों को सावधानी बरतनी चाहिए। इस आसन के लाभों को देखते हुए, यह कहा जा सकता है कि योग का अभ्यास जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक होता है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुक्टासन को करने से क्या लाभ होते हैं?
कुक्टासन करने से पेट की चर्बी घटाने, पाचन तंत्र को मजबूत करने, और मानसिक एकाग्रता बढ़ाने में मदद मिलती है।
क्या गर्भवती महिलाएं कुक्टासन कर सकती हैं?
गर्भवती महिलाओं को कुक्टासन करने से बचना चाहिए।
कुक्टासन करने का सही तरीका क्या है?
कुक्टासन करने के लिए पहले पद्मासन में बैठें, फिर हाथों को जमीन पर रखें और शरीर को ऊपर उठाएं।
क्या कुक्टासन beginners के लिए सुरक्षित है?
हाँ, लेकिन शुरुआती लोगों को योग प्रशिक्षक की देखरेख में अभ्यास करना चाहिए।
कुक्टासन से तनाव कम होता है?
जी हाँ, नियमित रूप से कुक्टासन करने से तनाव और चिंता में कमी आती है।
राष्ट्र प्रेस
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