कुमारस्वामी का राहुल गांधी पर निशाना: 'चुनाव आयोग विरोध पर सचमुच तरस आता है'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने 7 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में जनता दल (सेक्युलर) [JD(S)] मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के खिलाफ राहुल गांधी के विरोध-प्रदर्शनों को लेकर उन्हें 'सचमुच तरस आता है' और पूरा देश इस राजनीतिक 'ड्रामे' को देख रहा है।
मुख्य आरोप और बयान
कुमारस्वामी ने सवाल उठाया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी चुनाव आयोग के मुद्दे को लेकर अपना समय क्यों बर्बाद कर रहे हैं। उनका तर्क था कि यह विषय चुनाव आयोग पर ही छोड़ देना उचित है और नेताओं को इसमें अनावश्यक रूप से कूदने की ज़रूरत नहीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन मीडिया में लीक हुई एक सूचना के आधार पर आयोजित किए जा रहे हैं और इनका असली मकसद चुनाव आयोग तथा केंद्र सरकार को बदनाम करना है। कुमारस्वामी ने विपक्ष से मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ लगाए गए आरोपों के पक्ष में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत करने की माँग भी की।
मोदी के ध्यान भटकाने का आरोप
कुमारस्वामी ने दावा किया कि इस पूरे मुद्दे का उपयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों और उपलब्धियों से जनता का ध्यान हटाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने का उल्लेख करते हुए मोदी को बधाई दी और कहा कि तमाम राजनीतिक बाधाओं के बावजूद वे देश के विकास के लिए मज़बूती से काम कर रहे हैं।
विपक्षी बैठक पर सवाल
खड़गे के आवास पर हुई विपक्षी दलों की बैठक — जो चुनाव आयोग से समय माँगने के पत्र पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी — के बारे में पूछे जाने पर कुमारस्वामी ने कहा कि इस मुद्दे को 'बेवजह जिंदा' रखा जा रहा है। उन्होंने कहा, 'वे इस मुद्दे को जिंदा रखना चाहते हैं। इसके लिए ये सभी गैरज़रूरी काम किए जा रहे हैं।' यह पूछे जाने पर कि क्या यह विपक्षी दलों के अस्तित्व से जुड़ा मामला है, कुमारस्वामी ने स्पष्ट कहा कि इस विरोध से उन्हें न भविष्य की राजनीति में, न अपने अस्तित्व में कोई मदद मिलेगी।
कर्नाटक के असली मुद्दों की याद दिलाई
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के चुनाव आयोग-विरोधी प्रदर्शन जारी रखने पर कुमारस्वामी ने कहा कि राज्य सूखे और पीने के पानी की किल्लत जैसे गंभीर संकटों से जूझ रहा है। उनके अनुसार, इन वास्तविक समस्याओं पर ध्यान दिए बिना विरोध-प्रदर्शनों में समय गँवाना जनता के हित में नहीं है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के भीतर मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम पार्टी के आंतरिक मतभेदों से जुड़े हुए हैं। गौरतलब है कि यह पूरा विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार अपने ही कई आंतरिक दबावों से घिरी है। कुमारस्वामी का यह बयान राष्ट्रीय राजनीतिक बहस में एक और तीखी आवाज़ के रूप में उभरा है, जो आने वाले हफ्तों में विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच और तेज़ हो सकती है।