14 अक्टूबर 2026
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पीएमएफएमई योजना से कुपवाड़ा के सोहेल वार का 'विंटेज हाउस होटल' खड़ा हुआ, 14 लोगों को मिला रोजगार

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पीएमएफएमई योजना से कुपवाड़ा के सोहेल वार का 'विंटेज हाउस होटल' खड़ा हुआ, 14 लोगों को मिला रोजगार

सारांश

कुपवाड़ा के सोहेल अहमद वार की कहानी बताती है कि पीएमएफएमई जैसी योजनाएँ सीमावर्ती जिलों में भी बदलाव ला सकती हैं। पूंजी की कमी से जूझते एक युवा उद्यमी ने सरकारी वित्तीय सहायता से 'विंटेज हाउस होटल' खड़ा किया और अब 14 लोगों को रोजगार दे रहे हैं।

मुख्य बातें

सोहेल अहमद वार ने पीएमएफएमई योजना की वित्तीय सहायता से कुपवाड़ा में विंटेज हाउस होटल एंड रेस्टोरेंट स्थापित किया।
वर्तमान में उनके प्रतिष्ठान में करीब 14 लोग रोजगार पा रहे हैं।
शुरुआत में पूंजी की कमी कारोबार स्थापित करने में सबसे बड़ी बाधा थी, जिसे सरकारी और बैंकिंग सहायता ने दूर किया।
वार ने जोर दिया कि सरकारी योजना की असली सफलता तब है जब उसका लाभ आम लोगों तक सीधे पहुँचे।
उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसी योजनाएँ भविष्य में युवा उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने में और अधिक मददगार साबित होंगी।

केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना (पीएमएफएमई) ने कुपवाड़ा के एक युवा उद्यमी की तस्वीर बदल दी है। विंटेज हाउस होटल एंड रेस्टोरेंट के संचालक सोहेल अहमद वार ने इस सरकारी योजना और बैंकिंग सहायता के बल पर न केवल अपना कारोबार खड़ा किया, बल्कि वर्तमान में 14 लोगों को रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं। 14 अक्टूबर 2026 को सामने आई इस सफलता की कहानी को सरकारी योजनाओं के ज़मीनी असर की एक ठोस मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।

पूंजी की कमी थी सबसे बड़ी बाधा

सोहेल अहमद वार के अनुसार, शुरुआत में सीमित पूंजी के कारण उनके लिए कारोबार को स्थापित करना और उसे आगे बढ़ाना बेहद चुनौतीपूर्ण था। व्यवसाय को स्थिर बनाए रखना भी मुश्किल हो रहा था। ऐसे में पीएमएफएमई योजना के तहत मिली वित्तीय सहायता ने उनके लिए एक नई राह खोली।

उन्होंने बताया कि इस सहायता से उन्होंने अपने प्रतिष्ठान में निवेश किया, सुविधाओं में सुधार लाया और धीरे-धीरे कारोबार का दायरा बढ़ाया। यह ऐसे समय में आया जब जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिलों में स्व-रोजगार के अवसर सीमित माने जाते हैं।

14 लोगों को मिला रोजगार

वार ने बताया कि वर्तमान में उनके विंटेज हाउस होटल एंड रेस्टोरेंट में करीब 14 लोग काम कर रहे हैं। उनका उद्यम अब केवल उनकी अपनी आजीविका का साधन नहीं रहा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार का एक स्रोत भी बन गया है।

गौरतलब है कि कुपवाड़ा जैसे जिलों में निजी क्षेत्र में रोजगार सृजन की दर ऐतिहासिक रूप से कम रही है, और ऐसे सूक्ष्म उद्यम स्थानीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उद्यमी ने क्या कहा

सोहेल अहमद वार ने कहा, 'वित्तीय सहायता ने मुझे आत्मनिर्भर बनने का अपना सपना पूरा करने का अवसर दिया। इसके साथ ही मैं दूसरे लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा कर सका।' उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी सरकारी योजना की वास्तविक सफलता तब होती है, जब उसका लाभ सीधे आम लोगों तक पहुँचे।

वार के अनुसार, योजना से मिली आर्थिक मदद ने उनके कारोबार को अधिक स्थिर बनाने और आय में सुधार करने में भी योगदान दिया, जिससे उद्यम एक टिकाऊ आजीविका का साधन बन सका।

युवा उद्यमियों के लिए उम्मीद की किरण

वार ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी पीएमएफएमई जैसी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचेगा। उनका मानना है कि ये योजनाएँ विशेष रूप से युवा उद्यमियों को अपना कारोबार शुरू करने, आत्मनिर्भर बनने और दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने में सहायक हो सकती हैं।

उनकी यह यात्रा इस बात का प्रमाण है कि सही सरकारी सहयोग और बैंकिंग व्यवस्था मिलकर सीमावर्ती इलाकों में भी उद्यमिता की नींव रख सकती है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ऐसे सफल उदाहरण क्षेत्र के अन्य संभावित उद्यमियों को प्रेरित करते हैं या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक व्यक्तिगत सफलता से आगे एक नीतिगत सवाल भी उठाती है — पीएमएफएमई जैसी योजनाओं के तहत जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिलों में कितने आवेदकों को वास्तव में लाभ मिला, और कितने प्रतिष्ठान दीर्घकालिक रूप से टिके हैं, इसका कोई सार्वजनिक आँकड़ा उपलब्ध नहीं है। एक उदाहरण योजना की सफलता का पैमाना नहीं हो सकता; जब तक जिले-स्तरीय लाभार्थी डेटा सार्वजनिक न हो, तब तक यह कहानी उत्साहजनक तो है, पर योजना की व्यापक प्रभावशीलता को प्रमाणित नहीं करती।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएमएफएमई योजना क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना (पीएमएफएमई) केंद्र सरकार की एक योजना है, जो सूक्ष्म खाद्य उद्यमों को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और तकनीकी मदद देकर उन्हें औपचारिक क्षेत्र में लाने का काम करती है। इसका मुख्य उद्देश्य छोटे उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाना और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन करना है।
कुपवाड़ा के सोहेल अहमद वार को पीएमएफएमई से क्या फायदा हुआ?
सोहेल अहमद वार ने पीएमएफएमई योजना के तहत मिली वित्तीय सहायता से कुपवाड़ा में 'विंटेज हाउस होटल एंड रेस्टोरेंट' स्थापित किया और उसका विस्तार किया। इस योजना की मदद से वह अपने प्रतिष्ठान में करीब 14 लोगों को रोजगार उपलब्ध करा पा रहे हैं।
विंटेज हाउस होटल एंड रेस्टोरेंट कहाँ स्थित है?
विंटेज हाउस होटल एंड रेस्टोरेंट जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में स्थित है। इसे सोहेल अहमद वार संचालित करते हैं।
क्या पीएमएफएमई योजना का लाभ जम्मू-कश्मीर के अन्य उद्यमी भी उठा सकते हैं?
हाँ, पीएमएफएमई योजना देशभर के सूक्ष्म खाद्य उद्यमियों के लिए उपलब्ध है, जिसमें जम्मू-कश्मीर के उद्यमी भी शामिल हैं। सोहेल वार ने स्वयं उम्मीद जताई है कि भविष्य में ऐसी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक युवा उद्यमियों तक पहुँचे।
सोहेल वार की सफलता की कहानी क्यों अहम है?
कुपवाड़ा एक सीमावर्ती जिला है, जहाँ निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर सीमित रहे हैं। ऐसे में एक युवा उद्यमी का सरकारी योजना की मदद से 14 लोगों को रोजगार देना, स्थानीय आर्थिक विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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