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पीएमईजीपी योजना से धमतरी के शाकिर खान ने खड़ा किया होटल व्यवसाय, 6-7 लोगों को दे रहे रोजगार

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पीएमईजीपी योजना से धमतरी के शाकिर खान ने खड़ा किया होटल व्यवसाय, 6-7 लोगों को दे रहे रोजगार

सारांश

धमतरी के शाकिर खान ने पीएमईजीपी योजना से मिले ऋण और सब्सिडी के सहारे होटल व्यवसाय खड़ा किया — झोपड़ी से पक्के मकान तक का सफर और 6-7 लोगों को रोजगार। यह एक व्यक्ति की कहानी नहीं, सरकारी योजना के ज़मीनी असर की मिसाल है।

मुख्य बातें

धमतरी जिले के शाकिर खान ने पीएमईजीपी योजना के तहत ऋण और सब्सिडी लेकर अपना होटल व्यवसाय स्थापित किया।
शाकिर खान के होटल में अब 6 से 7 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है।
योजना का लाभ लेने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ और उनके पास अब पक्का मकान है।
ऋण की किस्तें छोटी होने के कारण शाकिर खान पूरा लोन चुका चुके हैं।
पीएमईजीपी राष्ट्रीय स्तर पर केवीआईसी द्वारा संचालित है और राज्य में डीआईसी व बैंकों के माध्यम से क्रियान्वित होती है।

केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) योजना छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता का एक सशक्त माध्यम बन रही है। धमतरी जिले के शाकिर खान इस योजना के एक प्रेरणादायक उदाहरण हैं, जिन्होंने बैंक ऋण और सब्सिडी की सुविधा का लाभ उठाकर अपना होटल व्यवसाय स्थापित किया और आज 6 से 7 लोगों को रोजगार भी प्रदान कर रहे हैं। 9 अक्टूबर 2026 को सामने आई उनकी यह कहानी राज्य में उद्यमिता की नई बयार की गवाह है।

कैसे बदली शाकिर खान की ज़िंदगी

शाकिर खान के अनुसार, पहले वे एक छोटी-सी झोपड़ी में रहकर जीवनयापन करते थे और आर्थिक स्थिति बेहद कमज़ोर थी। पीएमईजीपी योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने आवश्यक दस्तावेज़ तैयार किए और बैंक से संपर्क किया। प्रक्रिया पूरी होने पर उन्हें योजना के तहत ऋण प्राप्त हुआ, जिसने उनके उद्यमी बनने के सपने को साकार किया।

आज शाकिर खान का अपना पक्का मकान है और होटल का कारोबार लगातार विस्तार पा रहा है। उन्होंने बताया कि ऋण की किस्तें छोटी-छोटी होने के कारण वे धीरे-धीरे पूरा कर्ज़ चुका चुके हैं। यह ऐसे समय में उल्लेखनीय है जब छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सीमित हैं।

योजना की संरचना और क्रियान्वयन

पीएमईजीपी एक प्रमुख ऋण-आधारित सब्सिडी कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य गैर-कृषि क्षेत्र में सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के ज़रिए स्वरोजगार के अवसर सृजित करना है। राष्ट्रीय स्तर पर नोडल एजेंसी के रूप में खादी और ग्राम उद्योग आयोग (केवीआईसी) इस योजना का संचालन करती है। राज्य स्तर पर राज्य केवीआईसी निदेशालयों, राज्य खादी और ग्राम उद्योग बोर्डों (केवीआईबी), जिला उद्योग केंद्रों (डीआईसी) और बैंकों के सहयोग से इसे लागू किया जाता है।

लाभार्थी की प्रतिक्रिया

शाकिर खान ने कहा कि यदि यह योजना नहीं होती, तो उद्यमी बनने का उनका सपना शायद अधूरा रह जाता। उन्होंने इसे युवाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने वाली एक महत्त्वपूर्ण पहल बताया और योजना के तहत मिले ऋण एवं सब्सिडी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।

आम जनता और युवाओं पर असर

गौरतलब है कि पीएमईजीपी जैसी योजनाएँ न केवल एक व्यक्ति को उद्यमी बनाती हैं, बल्कि उसके माध्यम से समाज में रोजगार की एक पूरी श्रृंखला तैयार होती है। शाकिर खान का उदाहरण यह दर्शाता है कि सही सहयोग और सरल प्रक्रिया से ग्रामीण युवा भी सफल व्यवसायी बन सकते हैं। छत्तीसगढ़ में इस योजना के और लाभार्थियों के सामने आने की संभावना है, क्योंकि जागरूकता अभियान तेज़ हो रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक बड़े सवाल को भी उजागर करती है — पीएमईजीपी जैसी योजनाओं की पहुँच उन लाखों युवाओं तक अभी भी सीमित है जिन्हें दस्तावेज़ीकरण और बैंकिंग प्रक्रियाओं की जटिलताओं से जूझना पड़ता है। योजना की सफलता व्यक्तिगत लाभार्थियों की कहानियों से नहीं, बल्कि ज़िला-स्तरीय रोजगार सृजन के सत्यापित आँकड़ों से मापी जानी चाहिए। छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में जहाँ ग्रामीण बेरोजगारी की दर अधिक है, वहाँ जागरूकता और प्रक्रिया-सरलीकरण पर ध्यान देना ज़रूरी है।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएमईजीपी योजना क्या है?
पीएमईजीपी यानी प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम एक केंद्र सरकार की ऋण-आधारित सब्सिडी योजना है, जिसका उद्देश्य गैर-कृषि क्षेत्र में सूक्ष्म उद्यम स्थापित कर स्वरोजगार के अवसर पैदा करना है। इसे राष्ट्रीय स्तर पर खादी और ग्राम उद्योग आयोग (केवीआईसी) लागू करता है।
धमतरी के शाकिर खान ने पीएमईजीपी से क्या हासिल किया?
शाकिर खान ने पीएमईजीपी के तहत बैंक ऋण और सब्सिडी प्राप्त कर धमतरी में अपना होटल व्यवसाय शुरू किया। आज वे 6 से 7 लोगों को रोजगार दे रहे हैं और अपना पूरा ऋण भी चुका चुके हैं।
पीएमईजीपी योजना का लाभ कैसे मिलता है?
इच्छुक आवेदक आवश्यक दस्तावेज़ तैयार कर नज़दीकी बैंक, जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) या केवीआईसी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। पात्रता पूरी होने पर बैंक ऋण और सरकारी सब्सिडी दोनों का लाभ मिलता है।
पीएमईजीपी योजना छत्तीसगढ़ में किस एजेंसी के माध्यम से चलती है?
छत्तीसगढ़ में यह योजना राज्य केवीआईसी निदेशालय, राज्य खादी और ग्राम उद्योग बोर्ड (केवीआईबी), जिला उद्योग केंद्रों (डीआईसी) और सहभागी बैंकों के माध्यम से क्रियान्वित की जाती है।
क्या पीएमईजीपी से ग्रामीण युवा भी लाभ उठा सकते हैं?
हाँ, पीएमईजीपी विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी युवाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है। शाकिर खान जैसे लाभार्थी यह साबित करते हैं कि सही जानकारी और दस्तावेज़ों के साथ कोई भी युवा इस योजना से उद्यमी बन सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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