क्या पाकिस्तान हमें धमकी देता है, दूसरी ओर हम उसके साथ क्रिकेट खेलने के लिए तैयार हैं?

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क्या पाकिस्तान हमें धमकी देता है, दूसरी ओर हम उसके साथ क्रिकेट खेलने के लिए तैयार हैं?

सारांश

प्रियंका चतुर्वेदी ने पाकिस्तान की धमकियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। क्या हम क्रिकेट खेलने के लिए तैयार हैं जबकि वे हमें लगातार धमकाते हैं? यह मुद्दा न केवल क्रिकेट का है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और लोकतंत्र का भी है। जानिए इस पर पूरी जानकारी।

Key Takeaways

  • पाकिस्तान की धमकियां खोखली हैं।
  • क्रिकेट खेलना राष्ट्रीय सुरक्षा से ऊपर होना चाहिए।
  • चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं।
  • स्वास्थ्य बीमा पर जीएसटी हटाने की मांग महत्वपूर्ण है।
  • लोकतंत्र की रक्षा के लिए विपक्ष की लड़ाई जारी है।

नई दिल्ली, ११ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले क्रिकेट मुकाबले पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि पाकिस्तान की धमकियां केवल बकवास हैं, फिर भी हम उनके साथ क्रिकेट खेलने के लिए तैयार हो जाते हैं। क्या हम यह नहीं कह सकते कि पाकिस्तान के साथ किसी भी प्रकार का मुकाबला नहीं खेलेंगे?

सोमवार को राष्ट्र प्रेस से बातचीत में प्रियंका चतुर्वेदी ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के उस बयान को खोखली धमकी बताया जिसमें उन्होंने कहा कि अगर वे डूबेंगे, तो आधी दुनिया को साथ लेकर डूब जाएंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान की धमकियां बस बकवास हैं, विशेषकर जब हमारे वायुसेना प्रमुख ने बताया है कि हमने पाकिस्तान को कैसे सबक सिखाया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को साझा किया। आज सभी जानते हैं कि पाकिस्तान को कैसे घुटने पर लाया गया।

हालांकि, मैं केंद्र सरकार से पूछना चाहूंगी कि जब पाक आर्मी चीफ अमेरिका की धरती से परमाणु युद्ध की बात करते हैं और भारत को नुकसान पहुँचाने की धमकी देते हैं, तब भी हम उनके साथ क्रिकेट खेलने के लिए राजी क्यों हैं? यह पूरी तरह से गलत है कि एक ओर वे हमें धमकाते हैं और दूसरी ओर हम खेल के लिए तैयार हो जाते हैं।

जब चुनाव आयोग ने इंडिया ब्लॉक के ३० सदस्यों को बैठक के लिए आमंत्रित किया, तो उन्होंने कहा कि बैठक का समय मजबूरन दिया गया था क्योंकि उन्हें पता है कि विपक्ष लोगों के अधिकारों के लिए आवाज उठा रहा है। संविधान सभी को वोट देने का अधिकार देता है, लेकिन चुनाव आयोग और भाजपा की मिलीभगत के कारण इसका उल्लंघन हो रहा है। यह देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी जो सवाल उठा रहे हैं, वे महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने मीडिया में तथ्य प्रस्तुत किए हैं। चुनाव आयोग ने सबूत मांगे, तो सबूत भी दिए गए। लेकिन अब हलफनामा मांगा जा रहा है। चुनाव आयोग किस बात का हलफनामा मांग रहा है? वे विपक्ष के नेता हैं।

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि विपक्ष पूरी ताकत के साथ देश के लोगों के वोट के अधिकार को सुरक्षित रखने के लिए लड़ रहा है। इसलिए हम मार्च निकाल रहे हैं; लोकतंत्र को बचाने के लिए हम काम करते रहेंगे।

संघ प्रमुख मोहन भागवत के स्वास्थ्य सेवा पर दिए बयान का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा, "हमने स्वास्थ्य बीमा पर जीएसटी हटाने की लगातार मांग की है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, फिर भी यह जीएसटी के दायरे में है। जब तक हम शिक्षा और स्वास्थ्य के सिस्टम को ठीक नहीं करेंगे, हम प्रगति नहीं कर सकते क्योंकि कोई भी देश बिना बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा के विकसित नहीं हो सकता।"

Point of View

यह स्पष्ट होता है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और खेल के बीच संतुलन बनाना आवश्यक है। हमें यह देखना होगा कि क्या हम अपने मूल्यों को त्यागकर किसी भी स्थिति में खेल में भाग लेने के लिए तैयार हैं। हमारी प्राथमिकता हमेशा देश की सुरक्षा होनी चाहिए।
NationPress
09/01/2026

Frequently Asked Questions

प्रियंका चतुर्वेदी ने पाकिस्तान की धमकियों पर क्या कहा?
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि पाकिस्तान की धमकियां खोखली हैं और हम उनके साथ क्रिकेट खेलने के लिए तैयार नहीं होने चाहिए।
क्या पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना सही है?
इस पर विचार करते हुए, यह जरूरी है कि हम अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
क्या चुनाव आयोग का काम सही है?
प्रियंका चतुर्वेदी ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग और भाजपा की मिलीभगत लोकतंत्र के लिए खतरा है।
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