क्या राहुल गांधी की भूल का कोई अंत है? राजीव प्रताप रूडी
सारांश
Key Takeaways
- महागठबंधन की बैठक का आयोजन संकट में किया गया है।
- राजद का बिहार की राजनीति में अस्तित्व खत्म हो गया है।
- रुडी ने कांग्रेस के भविष्य को लेकर चिंता जताई है।
- एसआईआर को लेकर शांति की बात की गई है।
- राहुल गांधी की भूलों पर बार-बार चर्चा हो रही है।
पटना, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में महागठबंधन की बैठक के संदर्भ में भाजपा नेता और सांसद राजीव प्रताप रूडी ने व्यंग्य करते हुए कहा कि वे स्वयं संकट में हैं, इसलिए इस बैठक का आयोजन कर रहे हैं। उनके अनुसार, बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का अस्तित्व समाप्त हो गया है।
कांग्रेस में फूट की चर्चाओं पर राजीव प्रताप रूडी ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि हमें किसी पार्टी के विघटन में रुचि नहीं है, लेकिन जब पार्टियां टूटती हैं तो वह उस पार्टी के लिए संकट होता है। मुझे यह आशंका है कि कहीं बिहार की राजनीति के बाद राष्ट्रीय स्तर पर भी कांग्रेस पार्टी संकट में न आ जाए।
‘यदि मुसलमानों को समस्या हुई तो देश में जिहाद होगा,’ मौलाना मदनी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि उन्हें यह कैसे लग रहा है कि बिहार के मुसलमानों को कोई दिक्कत है? बिहार के मुसलमान इस राज्य और देश के अभिन्न हिस्से हैं। उन्होंने कहा कि एनडीए और भाजपा ऐसी ताकतों के खिलाफ लड़ रही है।
राबड़ी देवी को आवास खाली करने की नोटिस और इस पर चल रही राजनीति पर रूडी ने कहा कि यह तो एक सरकारी प्रक्रिया है। हम भी दिल्ली जाते हैं, और भारत सरकार के मंत्रियों को भी आवास खाली करना पड़ता है। सरकारी संपत्ति किसी की व्यक्तिगत नहीं होती है।
एसआईआर के संदर्भ में अखिलेश यादव के बयान पर भाजपा सांसद ने कहा कि बिहार में एसआईआर शांतिपूर्ण तरीके से हुआ है। चुनाव आयोग अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहा है। उन्होंने कहा कि असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और अन्य कई जगहों पर चुनाव होने वाले हैं, एसआईआर को लेकर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी एसआईआर को लेकर दिल्ली में रैली करने वाले हैं। बिहार में भी उन्होंने ऐसी ही एक गलती की थी। अब वे आने वाले तीन राज्यों के चुनाव की शुरुआत में फिर से वही भूल कर सकते हैं। उनकी भूल की शुरुआत का कोई अंत नहीं है।