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क्या लोगों में न्याय के प्रति विश्वास बनाए रखने के लिए सरकार काम कर रही है? - पुष्कर धामी

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क्या लोगों में न्याय के प्रति विश्वास बनाए रखने के लिए सरकार काम कर रही है? - पुष्कर धामी

सारांश

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संविधान दिवस पर पुलिसकर्मियों को संविधान की शपथ दिलाई। उन्होंने न्याय व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए सरकार की योजनाओं के बारे में बताया। जानें इस कार्यक्रम के प्रमुख बिंदु और सरकार की न्याय व्यवस्था को सुधारने की दिशा में उठाए गए कदम।

मुख्य बातें

संविधान दिवस पर शपथ दिलाना न्याय व्यवस्था में सुधार के लिए कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व समान नागरिक संहिता का कार्यान्वयन जीरो टॉलरेंस नीति का पालन

देहरादून, 26 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस लाइन में बुधवार को राष्ट्रीय संविधान दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने पुलिसकर्मियों और उपस्थित जनों को संविधान की शपथ दिलाई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मीडिया से बातचीत में कहा, "मैं संविधान दिवस की सभी को शुभकामनाएं देता हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संविधान के प्रति लोगों की भावना में वृद्धि हुई है। उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद इसे एक पर्व के रूप में मनाया जा रहा है। देश में गैर जरूरी कानूनों का समापन किया गया है। ये वे कानून थे, जिनमें कहीं न कहीं अंग्रेजों का प्रभाव देखा जाता था। लोगों को त्वरित न्याय प्रदान करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

उत्तराखंड राज्य में भी हमने कई कानून बनाए हैं, चाहे वह समान नागरिक संहिता हो या नकल विरोधी कानून। हमारी सरकार लोगों में न्याय के प्रति आशा और विश्वास बनाए रखने के लिए दृढ़ संकल्पित है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि पुलिस लाइन देहरादून में राष्ट्रीय संविधान दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों और उपस्थित जनों को संविधान की शपथ दिलाई गई।

उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में उत्तराखंड में न्याय व्यवस्था को आधुनिक, सशक्त, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाने की दिशा में निरंतर महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। हमारी सरकार द्वारा लागू किए गए यूसीसी, धर्मांतरण निरोधक कानून और दंगारोधी कानून की आज सम्पूर्ण देश में प्रशंसा हो रही है।

एक अन्य पोस्ट में मुख्यमंत्री ने लिखा कि उत्तराखंड ने खुद को अनुशासित और अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति पर कार्य करने वाले राज्य के रूप में स्थापित किया है। इस अवसर पर विधायक विनोद चमोली भी उपस्थित थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि न्याय व्यवस्था में सुधार और नागरिकों का विश्वास बढ़ाना किसी भी लोकतांत्रिक समाज की बुनियाद है। मुख्यमंत्री धामी द्वारा उठाए गए कदम निश्चित रूप से सराहनीय हैं, लेकिन इन्हें और भी प्रभावी बनाने की आवश्यकता है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संविधान दिवस क्यों मनाया जाता है?
संविधान दिवस भारत के संविधान को अंगीकार करने की वर्षगांठ के रूप में मनाया जाता है।
उत्तराखंड में हाल ही में कौन से नए कानून बनाए गए हैं?
उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता और नकल विरोधी कानून जैसे नए कानून बनाए गए हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने न्याय व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए क्या कहा?
उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था को सशक्त और पारदर्शी बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का न्याय व्यवस्था में क्या योगदान है?
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में न्याय व्यवस्था में सुधार के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं।
उत्तराखंड में जीरो टॉलरेंस नीति का क्या मतलब है?
जीरो टॉलरेंस नीति का मतलब है अपराधों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना और अपराध को नियंत्रित करना।
राष्ट्र प्रेस
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