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लद्दाख का पहला मेडिकल कॉलेज 2027-28 से शुरू होगा, LG सक्सेना ने दी जानकारी

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लद्दाख का पहला मेडिकल कॉलेज 2027-28 से शुरू होगा, LG सक्सेना ने दी जानकारी

सारांश

लद्दाख को पहली बार मेडिकल कॉलेज मिलने जा रहा है — और इसके साथ खुलेंगे लद्दाखी युवाओं के लिए वे दरवाज़े जो अब तक बंद थे। लेह में शैक्षणिक वर्ष 2027-28 से शुरू होने वाला यह कॉलेज, IIT और IIM के बाद क्षेत्र की शैक्षणिक क्रांति का अगला पड़ाव है।

मुख्य बातें

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने लद्दाख के पहले मेडिकल कॉलेज की स्थापना को मंजूरी दी।
कॉलेज लेह में शैक्षणिक वर्ष 2027-28 से कार्यरत होगा।
संकाय भर्ती के लिए बुनियादी ढाँचे के 80% पूर्णता की शर्त में एकबारगी छूट दी गई।
103 स्वीकृत नियमित पदों के लिए चरणबद्ध भर्ती प्रक्रिया तत्काल शुरू होगी।
केंद्र लेह में IIT और IIM जम्मू परिसर भी स्थापित कर चुका है।
18 अक्टूबर 2026 को CJI न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने लद्दाख उच्च न्यायालय की लेह पीठ का उद्घाटन किया।

लद्दाख के पहले मेडिकल कॉलेज की स्थापना को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है, और यह संस्थान शैक्षणिक वर्ष 2027-28 से लेह में कार्यरत होगा। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को यह जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। उन्होंने इसे लद्दाख के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

क्या है यह मंजूरी और इसका महत्व

उपराज्यपाल सक्सेना ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शैक्षणिक वर्ष 2027-28 से मेडिकल कॉलेज के संचालन की अनुमति दे दी है। यह लद्दाख के इतिहास में पहली बार है कि क्षेत्र के छात्रों को घर के पास ही चिकित्सा शिक्षा ग्रहण करने का अवसर मिलेगा। अब तक लद्दाख के मेडिकल शिक्षा के इच्छुक छात्रों को केंद्र शासित प्रदेश से बाहर जाना पड़ता था।

बुनियादी ढाँचे की शर्त में मिली छूट

उपराज्यपाल सक्सेना ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने संकाय एवं सहायक कर्मचारियों की भर्ती शुरू करने से पहले बुनियादी ढाँचे के 80 प्रतिशत पूर्ण होने की अनिवार्य शर्त में एकबारगी छूट दी। उन्होंने कहा कि यह हस्तक्षेप अत्यंत महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि इससे निर्माण कार्य जारी रहते हुए भर्ती प्रक्रिया एक साथ चलाई जा सकेगी।

इस छूट के चलते 103 स्वीकृत नियमित पदों के लिए चरणबद्ध एवं प्रारंभिक भर्ती प्रक्रिया तत्काल आरंभ की जा सकती है, जबकि शैक्षणिक बुनियादी ढाँचे का निर्माण कार्य समानांतर रूप से जारी रहेगा।

लद्दाख की दीर्घकालिक शिक्षा आकांक्षाओं को बल

उपराज्यपाल सक्सेना के अनुसार, यह मंजूरी लद्दाख के लोगों की लंबे समय से चली आ रही आकांक्षा को पूरा करती है। इससे क्षेत्र के युवाओं को न केवल चिकित्सा शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे, बल्कि पूरे इलाके में दीर्घकालिक स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। गौरतलब है कि केंद्र सरकार पहले ही लेह में आईआईटी और आईआईएम जम्मू के परिसर स्थापित करने की मंजूरी दे चुकी है। यह मेडिकल कॉलेज उसी क्रम में एक और कदम है।

न्यायिक क्षेत्र में भी नई शुरुआत

शैक्षणिक क्षेत्र में इस उपलब्धि से ठीक दो दिन पहले, 18 अक्टूबर 2026 को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय की लेह पीठ का उद्घाटन किया। इस समारोह में सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के साथ लद्दाख के उपराज्यपाल एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

आगे की राह

केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन का कहना है कि मेडिकल छात्रों के पहले बैच के स्वागत के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएँगी। यह ऐसे समय में आया है जब लद्दाख अपनी संस्थागत क्षमता का तेज़ी से विस्तार कर रहा है — न्यायिक, चिकित्सा और उच्च तकनीकी शिक्षा तीनों मोर्चों पर। आने वाले वर्षों में इन संस्थानों की स्थापना से लद्दाख की प्रतिभाओं को स्थानीय स्तर पर विश्वस्तरीय शिक्षा के द्वार खुलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

IIT-IIM परिसर और उच्च न्यायालय पीठ की स्थापना सतही नज़र में नीतिगत उपलब्धि लगती है, लेकिन असली सवाल यह है कि इन संस्थानों में लद्दाखी छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित करने का तंत्र क्या होगा। बुनियादी ढाँचे में 80% पूर्णता की शर्त में छूट — जो भर्ती को निर्माण से आगे रखती है — एक व्यावहारिक निर्णय है, पर यह जोखिम भी उठाता है कि कॉलेज बिना पूरी तरह तैयार परिसर के संचालन शुरू कर दे। यह देखना होगा कि क्या 103 पदों की भर्ती समय पर पूरी होती है और क्या स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाती है — केवल तभी यह ऐतिहासिक उपलब्धि वास्तविक बदलाव बनेगी।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लद्दाख का पहला मेडिकल कॉलेज कहाँ और कब शुरू होगा?
लद्दाख का पहला मेडिकल कॉलेज लेह में स्थापित होगा और शैक्षणिक वर्ष 2027-28 से इसका संचालन शुरू होने की योजना है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इसे मंजूरी दे दी है।
लद्दाख मेडिकल कॉलेज में कितने पदों पर भर्ती होगी?
103 स्वीकृत नियमित पदों के लिए चरणबद्ध भर्ती प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाएगी। यह भर्ती निर्माण कार्य जारी रहते हुए समानांतर रूप से की जाएगी।
बुनियादी ढाँचे की 80% पूर्णता की शर्त में छूट क्यों दी गई?
उपराज्यपाल वीके सक्सेना के अनुरोध पर स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने यह एकबारगी छूट दी ताकि भर्ती प्रक्रिया निर्माण कार्य की प्रतीक्षा किए बिना शुरू हो सके। इससे कॉलेज समय पर 2027-28 में संचालन शुरू कर पाएगा।
लद्दाख में और कौन-से उच्च शिक्षण संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं?
केंद्र सरकार पहले ही लेह में IIT और IIM जम्मू के परिसर स्थापित करने की मंजूरी दे चुकी है। अब मेडिकल कॉलेज भी इस सूची में जुड़ गया है, जिसका उद्देश्य लद्दाखी युवाओं को क्षेत्र से बाहर जाए बिना उच्च शिक्षा मुहैया कराना है।
लेह में उच्च न्यायालय पीठ का उद्घाटन कब हुआ?
जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय की लेह पीठ का उद्घाटन 18 अक्टूबर 2026 को भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने किया। इस समारोह में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
राष्ट्र प्रेस
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