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ललन सिंह का कांग्रेस पर हमला: 'लोकतंत्र की सबसे बड़ी दुश्मन कांग्रेस', नीतीश को सर्टिफिकेट की ज़रूरत नहीं

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ललन सिंह का कांग्रेस पर हमला: 'लोकतंत्र की सबसे बड़ी दुश्मन कांग्रेस', नीतीश को सर्टिफिकेट की ज़रूरत नहीं

सारांश

केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कांग्रेस को 'लोकतंत्र की सबसे बड़ी दुश्मन' करार दिया, सोनिया गांधी की कथित टिप्पणी पर पलटवार किया और आपातकाल का हवाला देते हुए विपक्ष के लोकतंत्र-रक्षा के दावों को खारिज किया। नीतीश कुमार को उन्होंने '20 साल के विकास पुरुष' बताया।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने 30 सितंबर 2026 को कांग्रेस को 'लोकतंत्र की सबसे बड़ी दुश्मन' बताया।
सोनिया गांधी पर आरोप — कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में नीतीश कुमार के बारे में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी।
ललन सिंह ने कहा नीतीश कुमार ने 20 वर्षों में बिहार की तस्वीर बदली, उन्हें किसी के प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं।
1975 के आपातकाल का हवाला देते हुए कांग्रेस के लोकतंत्र-रक्षा के दावों को 'हास्यास्पद' बताया।
चुनाव आयोग के SIR का बचाव करते हुए विपक्ष के विरोध को अनुचित करार दिया।

केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने 30 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और सोनिया गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार किसी के प्रमाणपत्र के मोहताज नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यसमिति की एक बैठक में सोनिया गांधी ने नीतीश कुमार के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की।

नीतीश कुमार के बचाव में ललन सिंह

ललन सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'कांग्रेस की बैठक में सोनिया गांधी ने नीतीश कुमार पर टिप्पणी की। मुझे इस टिप्पणी पर आश्चर्य होता है। नीतीश कुमार, सोनिया गांधी के सर्टिफिकेट के मोहताज नहीं हैं।' उन्होंने दावा किया कि नीतीश कुमार ने देश और बिहार में 'विकास पुरुष' के तौर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार ने अपने 20 वर्षों के शासनकाल में बिहार की तस्वीर और तकदीर बदल दी है। उन्होंने आगे जोड़ा, 'उन्हें सोनिया गांधी और राहुल गांधी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। उन्हें लोग प्यार से विकास पुरुष कहते हैं।'

आपातकाल का हवाला देकर कांग्रेस पर निशाना

ललन सिंह ने लोकतंत्र के मुद्दे पर कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन को घेरा। उन्होंने विपक्ष की हालिया बैठक के बाद लोकतंत्र बचाने की उठ रही आवाज़ों पर तंज कसते हुए कहा, 'मुझे इस बात पर हंसी आती है। जिस कांग्रेस पार्टी ने देश के लोकतंत्र को तहस-नहस किया, वह आज लोकतंत्र की बात कर रही है।' उन्होंने सवाल किया कि आपातकाल कौन और क्यों लाया था, और आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सत्ता में बने रहने के लिए आपातकाल लगाया था।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके सहयोगी दलों ने कांग्रेस पर 1975 के आपातकाल का हवाला देकर लोकतंत्र विरोधी होने का आरोप लगाया हो। यह रणनीतिक आख्यान गठबंधन राजनीति में बार-बार उभरता है।

चुनाव आयोग और SIR पर विपक्ष के सवालों का जवाब

चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठ रहे विवाद पर भी ललन सिंह ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का दायित्व सही तरीके से मतदान कराना है और इसके लिए मतदाता सूची में सही मतदाताओं का होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा, 'चुनाव आयोग का दायित्व है सही मतदान कराना। सही मतदान के लिए जरूरी है कि सही मतदाता भी हो। इसीलिए SIR हो रहा है और आप उसका विरोध कर रहे हैं।'

यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल SIR प्रक्रिया पर मतदाता सूची की शुद्धता और संभावित बहिष्करण को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

मोदी की तारीफ और विकसित भारत का लक्ष्य

ललन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि आज देश विकसित और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में लोकतंत्र स्थापित किया है और हम विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं।'

अंततः ललन सिंह ने अपने हमले की धार को और तेज़ करते हुए कहा कि 'लोकतंत्र का अगर कोई सबसे बड़ा दुश्मन है तो वह कांग्रेस ही है।' आने वाले दिनों में इस बयानबाज़ी का सिलसिला और तीखा होने की संभावना है, खासकर बिहार और राष्ट्रीय राजनीति के चुनावी समीकरणों को देखते हुए।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बिहार में प्रति व्यक्ति आय, पलायन और शिक्षा के आँकड़े यह तस्वीर पूरी नहीं करते। मुख्यधारा की कवरेज इस बयान को सिर्फ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप मान लेती है — जबकि असली खबर यह है कि सत्तारूढ़ गठबंधन को अभी से चुनावी सुरक्षा घेरा खींचने की ज़रूरत महसूस हो रही है।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ललन सिंह ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने 30 सितंबर 2026 को कांग्रेस को 'लोकतंत्र की सबसे बड़ी दुश्मन' बताया और 1975 के आपातकाल का हवाला देते हुए विपक्ष के लोकतंत्र-रक्षा के दावों को खारिज किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में नीतीश कुमार के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की।
ललन सिंह ने नीतीश कुमार के बचाव में क्या कहा?
ललन सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ने 20 वर्षों के शासनकाल में बिहार की तकदीर बदली है और उन्हें सोनिया गांधी या राहुल गांधी के किसी प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने नीतीश कुमार को जनता द्वारा प्यार से 'विकास पुरुष' कहे जाने का उल्लेख किया।
SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) पर ललन सिंह का क्या रुख है?
ललन सिंह ने चुनाव आयोग के SIR का बचाव किया और कहा कि सही मतदान के लिए मतदाता सूची में सही मतदाताओं का होना अनिवार्य है। उन्होंने विपक्ष के इस विरोध को लोकतंत्र-विरोधी रवैया करार दिया।
कांग्रेस और आपातकाल का मुद्दा फिर क्यों उठाया गया?
ललन सिंह ने कांग्रेस के 'लोकतंत्र बचाओ' अभियान के जवाब में 1975 के आपातकाल का हवाला दिया, जिसे NDA नेता कांग्रेस की लोकतंत्र-विरोधी विरासत के प्रमाण के रूप में बार-बार उठाते हैं। उनका तर्क था कि जिस पार्टी ने देश पर आपातकाल थोपा, उसे लोकतंत्र की बात करने का अधिकार नहीं है।
ललन सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ में क्या कहा?
ललन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में लोकतंत्र स्थापित किया है और देश विकसित भारत तथा आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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