1 अक्टूबर 2026
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लेफ्टिनेंट जनरल शमशेर सिंह विर्क ने संभाला उपसेना प्रमुख (क्षमता विकास) का पद, सेना में नया नेतृत्व

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लेफ्टिनेंट जनरल शमशेर सिंह विर्क ने संभाला उपसेना प्रमुख (क्षमता विकास) का पद, सेना में नया नेतृत्व

सारांश

भारतीय सेना में वरिष्ठ नेतृत्व फेरबदल — लेफ्टिनेंट जनरल शमशेर सिंह विर्क ने उपसेना प्रमुख (क्षमता विकास एवं सस्टेनेंस) का पद ग्रहण किया। पश्चिमी मोर्चे के अनुभवी कमांडर की यह नियुक्ति सेना के आधुनिकीकरण एजेंडे को नई दिशा देगी।

मुख्य बातें

लेफ्टिनेंट जनरल शमशेर सिंह विर्क ने 1 अक्टूबर 2026 को उपसेना प्रमुख (क्षमता विकास एवं सस्टेनेंस) का पदभार संभाला।
इससे पहले वे पश्चिमी मोर्चे पर कोर कमांडर के रूप में कार्यरत थे।
सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने 30 सितंबर 2026 को सेवानिवृत्त अधिकारियों को सम्मानपूर्वक विदाई दी।
सेनाध्यक्ष ने जम्मू-कश्मीर में चिनार कोर का दौरा कर नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की।
तंगधार में 'ऑपरेशन दृष्टि 2026' की प्रगति का जायजा लिया गया।
मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ (HQ IDS) का 26वाँ स्थापना दिवस मनाया गया।

भारतीय सेना में वरिष्ठ नेतृत्व स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल शमशेर सिंह विर्क ने 1 अक्टूबर 2026 को उपसेना प्रमुख (क्षमता विकास एवं सस्टेनेंस) का पदभार ग्रहण किया। इस नियुक्ति से पहले वे पश्चिमी मोर्चे पर एक कोर के कमांडर के रूप में अग्रणी भूमिका निभा रहे थे। बदलते सुरक्षा परिवेश में यह नियुक्ति भारतीय सेना की दीर्घकालिक क्षमता-निर्माण रणनीति को और मज़बूती देने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

नई ज़िम्मेदारी का दायरा

उपसेना प्रमुख (क्षमता विकास एवं सस्टेनेंस) के पद पर लेफ्टिनेंट जनरल विर्क भारतीय सेना की परिचालन क्षमताओं के विकास, आधुनिकीकरण और उन्हें निरंतर बनाए रखने से जुड़ी नीतिगत पहलों की निगरानी करेंगे। यह पद सेना के संसाधन नियोजन और भविष्य की युद्ध क्षमताओं को आकार देने में केंद्रीय भूमिका रखता है। गौरतलब है कि पश्चिमी मोर्चे पर कोर कमांडर रहने का उनका अनुभव इस भूमिका में प्रत्यक्ष रणनीतिक मूल्य जोड़ता है।

सेवानिवृत्त अधिकारियों को सम्मानजनक विदाई

सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने बुधवार, 30 सितंबर 2026 को सेवानिवृत्त हुए वरिष्ठ अधिकारियों को सम्मानपूर्वक विदाई दी। उन्होंने राष्ट्र के प्रति इन अधिकारियों की निस्वार्थ और समर्पित सेवा की सराहना करते हुए कहा कि उनका योगदान भारतीय सेना की गौरवशाली विरासत का अभिन्न अंग है। सेना की ओर से यह भी रेखांकित किया गया कि सेवानिवृत्ति के बाद भी ये अनुभवी अधिकारी अपने ज्ञान, मूल्यों और दृष्टिकोण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देते रहेंगे।

मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ का 26वाँ स्थापना दिवस

जनरल धीरज सेठ और भारतीय सेना के सभी रैंकों ने मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ (HQ IDS) के 26वें स्थापना दिवस पर शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर तीनों सेनाओं के समन्वित संचालन और एकीकृत रक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने में मुख्यालय की भूमिका के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। यह दिवस भारत की संयुक्त सैन्य संरचना के विकास की याद दिलाता है।

चिनार कोर दौरा और 'ऑपरेशन दृष्टि 2026'

बीते सप्ताह जनरल धीरज सेठ ने जम्मू-कश्मीर में चिनार कोर के अग्रिम इलाकों का दौरा किया था। उन्होंने नियंत्रण रेखा (LoC) और अंदरूनी क्षेत्रों में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करते हुए तैनात सैनिकों से सीधी बातचीत की। उत्तरी कमान के अंतर्गत आने वाली चिनार कोर के स्थानीय कमांडरों ने उन्हें मौजूदा सुरक्षा माहौल और आतंकवाद-रोधी अभियानों की तैयारियों से अवगत कराया।

तंगधार में सेनाध्यक्ष ने 'ऑपरेशन दृष्टि 2026' की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरे ने 'जय से विजय' की उस परिचालन सोच को रेखांकित किया, जो अभियानगत सतर्कता के साथ प्रत्येक सैनिक के प्रति नेतृत्व की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। नियंत्रण रेखा पर मज़बूत सुरक्षा उपायों और क्षमता विकास के प्रयासों की विस्तृत जानकारी भी उन्हें दी गई।

आगे की राह

लेफ्टिनेंट जनरल विर्क की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत अपनी सैन्य आधुनिकीकरण की गति को तेज़ कर रहा है और सीमाओं पर परिचालन सतर्कता उच्च स्तर पर बनाए हुए है। उनकी कमान में क्षमता विकास की प्राथमिकताएँ और उनका क्रियान्वयन आने वाले महीनों में सेना की तैयारी का पैमाना तय करेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भविष्य की युद्ध क्षमता को आकार देने की ज़िम्मेदारी है। लेफ्टिनेंट जनरल विर्क का पश्चिमी मोर्चे का प्रत्यक्ष परिचालन अनुभव इस भूमिका को और प्रासंगिक बनाता है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब सेना एक साथ LoC पर सतर्कता, आतंकवाद-रोधी अभियान और तकनीकी उन्नयन के तीन मोर्चों पर काम कर रही है। असली कसौटी यह होगी कि क्षमता विकास के बजट और प्राथमिकताओं को परिचालन वास्तविकताओं के साथ कितनी कुशलता से संतुलित किया जाता है।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लेफ्टिनेंट जनरल शमशेर सिंह विर्क को कौन-सा नया पद मिला है?
लेफ्टिनेंट जनरल शमशेर सिंह विर्क को भारतीय सेना में उपसेना प्रमुख (क्षमता विकास एवं सस्टेनेंस) नियुक्त किया गया है। उन्होंने 1 अक्टूबर 2026 को यह पदभार ग्रहण किया।
इससे पहले लेफ्टिनेंट जनरल विर्क किस पद पर थे?
नई नियुक्ति से पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल विर्क पश्चिमी मोर्चे पर एक कोर के कमांडर के रूप में कार्यरत थे। यह भारतीय सेना की परिचालन संरचना में एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है।
उपसेना प्रमुख (क्षमता विकास एवं सस्टेनेंस) की ज़िम्मेदारी क्या होती है?
यह पद भारतीय सेना की परिचालन क्षमताओं के विकास, आधुनिकीकरण और उन्हें निरंतर बनाए रखने से जुड़ी नीतिगत पहलों की निगरानी करता है। बदलते सुरक्षा माहौल में सेना की तैयारी को प्रभावी बनाए रखना इस भूमिका का केंद्रीय उद्देश्य है।
'ऑपरेशन दृष्टि 2026' क्या है?
'ऑपरेशन दृष्टि 2026' एक सैन्य अभियान है जिसकी प्रगति सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने तंगधार (जम्मू-कश्मीर) दौरे के दौरान देखी। यह उत्तरी कमान के अंतर्गत चिनार कोर के क्षेत्र में संचालित है और परिचालन सतर्कता तथा क्षमता विकास पर केंद्रित है।
भारतीय सेना के सेवानिवृत्त अधिकारियों को विदाई कब दी गई?
भारतीय सेना के कई वरिष्ठ अधिकारी 30 सितंबर 2026 को सेवानिवृत्त हुए। सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई देते हुए राष्ट्र के प्रति उनकी समर्पित सेवा की सराहना की।
राष्ट्र प्रेस
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