केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा के बीच महत्वपूर्ण मुलाकात

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केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा के बीच महत्वपूर्ण मुलाकात

सारांश

जानें केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह और लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा के बीच हुई शिष्टाचार मुलाकात के बारे में। इस मुलाकात में विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई, जिसे केंद्रीय मंत्री ने 'समृद्ध और उपयोगी' बताया।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा के बीच शिष्टाचार मुलाकात।
महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान।
लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा का लगभग 30 वर्षों का सैन्य अनुभव।
शिक्षा में मजबूत बैकग्राउंड।
भारतीय सेना की उत्तरी कमान के प्रमुख हैं।

नई दिल्ली, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने भारतीय सेना के उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा से एक औपचारिक भेंट की। इस मुलाकात के दौरान, दोनों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ, जिसे केंद्रीय मंत्री ने 'समृद्ध और उपयोगी चर्चा' करार दिया।

इसकी जानकारी केंद्रीय राज्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा की। उन्होंने लिखा, "उत्तरी कमान, उधमपुर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने शिष्टाचार भेंट की। चर्चा में विचारों का सार्थक आदान-प्रदान हुआ।"

लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने 1 मई 2025 को उधमपुर स्थित भारतीय सेना की उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पदभार संभाला था। उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल एमवी सुचेंद्र कुमार का स्थान लिया। लगभग 30 वर्षों के अनुभव वाले प्रतीक शर्मा एक अनुभवी इन्फैंट्री अधिकारी हैं, जिन्होंने सेना में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।

इससे पहले, वह डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (स्ट्रैटेजी) और डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (डीजीएमओ) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने डायरेक्टर जनरल ऑफ इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा को विभिन्न ऑपरेशनल क्षेत्रों में कार्य करने का व्यापक अनुभव है। उन्होंने ऑपरेशन पवन, सियाचिन में ऑपरेशन मेघदूत, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन पराक्रम जैसे महत्वपूर्ण अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जो उनकी सैन्य क्षमता और अनुभव को दर्शाता है।

शिक्षा के क्षेत्र में भी उनका मजबूत बैकग्राउंड रहा है। वह पुणे स्थित नेशनल डिफेंस अकादमी (एनडीए), देहरादून की इंडियन मिलिट्री अकादमी (आईएमए) और वेलिंगटन स्थित डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज (डीएसएससी) के पूर्व छात्र हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा को दिसंबर 1987 में मद्रास रेजिमेंट में कमीशन मिला था। अपने लंबे और सफल सैन्य करियर में, उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए देश की सेवा की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भारतीय सेना की रणनीतिक दिशा को भी उजागर करती है। ऐसे महत्वपूर्ण विचार-विमर्श देश की सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा का शिक्षा का बैकग्राउंड क्या है?
लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने पुणे स्थित नेशनल डिफेंस अकादमी (एनडीए), देहरादून की इंडियन मिलिट्री अकादमी (आईएमए) और वेलिंगटन स्थित डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज (डीएसएससी) से शिक्षा प्राप्त की है।
लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा को कब कमीशन मिला?
लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा को दिसंबर 1987 में मद्रास रेजिमेंट में कमीशन मिला था।
इस मुलाकात में कौन से महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई?
इस मुलाकात में दोनों नेताओं के बीच सुरक्षा और सेना की रणनीतियों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
जितेंद्र सिंह ने इस मुलाकात की जानकारी कैसे साझा की?
केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा की।
लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा का सैन्य अनुभव कितना है?
लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा के पास लगभग 30 वर्षों का सैन्य अनुभव है।
राष्ट्र प्रेस
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