3 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जितेंद्र सिंह और लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा की महत्वपूर्ण मुलाकात

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जितेंद्र सिंह और लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा की महत्वपूर्ण मुलाकात

सारांश

नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा के बीच हुई शिष्टाचार मुलाकात में महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। जानिए इस चर्चा के प्रमुख बिंदु क्या रहे।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा के बीच औपचारिक मुलाकात हुई।
मुलाकात में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।
लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा का सैन्य करियर लगभग 30 वर्षों का है।
उन्होंने कई महत्वपूर्ण अभियानों में भाग लिया है।
उनका शिक्षा क्षेत्र में भी एक मजबूत बैकग्राउंड है।

नई दिल्ली, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह से भारतीय सेना के उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने एक औपचारिक मुलाकात की। चर्चा के दौरान, दोनों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया, जिसे केंद्रीय मंत्री ने एक उपयोगी और समृद्ध चर्चा के रूप में बताया।

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा की। उन्होंने लिखा, "उत्तरी कमान, उधमपुर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने शिष्टाचार भेंट की। विचारों का एक सार्थक आदान-प्रदान हुआ।"

लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने 1 मई 2025 को उधमपुर में भारतीय सेना की उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का कार्यभार संभाला। उन्होंने इस पद पर लेफ्टिनेंट जनरल एमवी सुचेंद्र कुमार का स्थान लिया। प्रतीक शर्मा एक अनुभवी इन्फैंट्री अधिकारी हैं, जिनके पास लगभग 30 वर्षों का अनुभव है।

उन्होंने पहले डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (स्ट्रैटेजी) और डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (डीजीएमओ) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य किया है। इसके अतिरिक्त, वह डायरेक्टर जनरल ऑफ इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा को विभिन्न ऑपरेशनल क्षेत्रों में कार्य करने का व्यापक अनुभव है। उन्होंने ऑपरेशन पवन, सियाचिन में ऑपरेशन मेघदूत, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन पराक्रम जैसे महत्वपूर्ण अभियानों में भाग लिया है, जो उनकी सैन्य क्षमताओं का प्रतीक है।

शिक्षा के क्षेत्र में भी उनका एक मजबूत आधार है। वह पुणे की नेशनल डिफेंस अकादमी (एनडीए), देहरादून की इंडियन मिलिट्री अकादमी (आईएमए) और वेलिंगटन स्थित डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज (डीएसएससी) के पूर्व छात्र हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा को दिसंबर 1987 में मद्रास रेजिमेंट में कमीशन मिला था। अपने लंबे और सफल सैन्य करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह राजनीतिक और सैन्य सहयोग को भी सुदृढ़ करता है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा का कार्यकाल कब शुरू हुआ?
लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने 1 मई 2025 को अपने पदभार संभाला।
इस मुलाकात में किस-किस मुद्दों पर चर्चा की गई?
इस मुलाकात में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया, जिसे केंद्रीय मंत्री ने 'समृद्ध और उपयोगी चर्चा' बताया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले