17 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पूर्वोत्तर में शांति-स्थिरता पर असम CM हिमंता सरमा और गजराज कोर GOC लेफ्टिनेंट जनरल नीरज शुक्ला की अहम बैठक

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पूर्वोत्तर में शांति-स्थिरता पर असम CM हिमंता सरमा और गजराज कोर GOC लेफ्टिनेंट जनरल नीरज शुक्ला की अहम बैठक

सारांश

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और गजराज कोर GOC लेफ्टिनेंट जनरल नीरज शुक्ला की यह बैठक महज शिष्टाचार मुलाकात नहीं — यह उस रणनीतिक साझेदारी की पुष्टि है जो पूर्वोत्तर में शांति समझौतों के बाद स्थिरता को स्थायी रूप देने की कोशिश कर रही है।

मुख्य बातें

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 17 जुलाई 2025 को गजराज कोर के GOC लेफ्टिनेंट जनरल नीरज शुक्ला के साथ बैठक की।
बैठक में पूर्वोत्तर भारत में शांति, स्थिरता और सुरक्षा सहयोग मजबूत करने पर चर्चा हुई।
सरमा ने एक्स पर गजराज कोर के 'गौरवशाली इतिहास' और क्षेत्र में उसकी 'अहम भूमिका' की सराहना की।
गजराज कोर का मुख्यालय असम के तेजपुर में है और यह पूर्वी सीमा सुरक्षा के साथ-साथ आपदा राहत व नागरिक कल्याण कार्यों में भी सक्रिय है।
पिछले कुछ वर्षों में कई विद्रोही समूहों ने केंद्र और असम सरकार के साथ शांति समझौते किए हैं, जिससे क्षेत्र में स्थिति सुधरी है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 18 जुलाई 2025 को गुवाहाटी में भारतीय सेना की गजराज कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) लेफ्टिनेंट जनरल नीरज शुक्ला के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में पूर्वोत्तर भारत में शांति, स्थिरता और सुरक्षा की मौजूदा स्थिति तथा आगे की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में क्या हुआ

मुख्यमंत्री सरमा ने बैठक को 'फायदेमंद' बताते हुए एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'गजराज कोर के GOC लेफ्टिनेंट जनरल नीरज शुक्ला के साथ अच्छी बातचीत हुई। इस क्षेत्र में गजराज कोर का गौरवशाली इतिहास रहा है और यह शांति और स्थिरता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। आगे की राह पर चर्चा की गई।' हालाँकि उन्होंने बातचीत की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की।

अधिकारियों के अनुसार, इस वार्ता से असम सरकार और भारतीय सेना के बीच सुरक्षा चुनौतियों से निपटने तथा सीमावर्ती एवं दूरदराज के इलाकों में विकास कार्यों में सहयोग के प्रति करीबी तालमेल का संकेत मिलता है।

गजराज कोर की भूमिका और महत्व

असम के तेजपुर में मुख्यालय वाली गजराज कोर भारतीय सेना की उन प्रमुख ऑपरेशनल इकाइयों में से एक है जो पूर्वी सीमा की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार हैं। यह कोर केवल सैन्य अभियानों तक सीमित नहीं है — बाढ़, प्राकृतिक आपदाओं और आपातकालीन स्थितियों में नागरिक प्रशासन की सहायता करना तथा कल्याणकारी आउटरीच कार्यक्रम चलाना भी इसके दायित्वों में शामिल है।

पूर्वोत्तर में सुरक्षा की बदलती तस्वीर

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब पूर्वोत्तर में कानून-व्यवस्था की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। पिछले कुछ वर्षों में कई विद्रोही समूहों ने केंद्र सरकार और असम सरकार के साथ शांति समझौते किए हैं, जिससे क्षेत्र में हिंसा की घटनाओं में कमी आई है। गौरतलब है कि यह सहयोग केवल सुरक्षा तक नहीं, बल्कि विकास और जन-कल्याण तक भी विस्तृत है।

सरकार और सेना की साझेदारी

इस बैठक ने राज्य प्रशासन और सशस्त्र बलों के बीच दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी को रेखांकित किया। अधिकारियों के अनुसार, चर्चा का केंद्र-बिंदु सहयोग को और सुदृढ़ करने तथा पूर्वोत्तर में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए भविष्य की रणनीति तैयार करना था।

आगे क्या

बैठक के बाद किसी औपचारिक संयुक्त बयान की घोषणा नहीं हुई, लेकिन मुख्यमंत्री के बयानों से संकेत मिलता है कि दोनों पक्षों के बीच समन्वय का यह सिलसिला जारी रहेगा। क्षेत्र में बढ़ते विकास कार्यों और शांति प्रक्रिया की निरंतरता को देखते हुए, सेना और राज्य सरकार के बीच इस प्रकार की नियमित उच्चस्तरीय बैठकें महत्वपूर्ण बनी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका समय महत्वपूर्ण है — पूर्वोत्तर में शांति समझौतों की एक लहर के बाद अब असली परीक्षा उस शांति को संस्थागत रूप देने की है। गजराज कोर की भूमिका केवल सीमा-सुरक्षा तक सीमित नहीं रही; आपदा राहत और नागरिक कल्याण में उसकी सक्रियता 'सॉफ्ट पावर' के रूप में क्षेत्र में विश्वास बनाने का काम करती है। हालाँकि मुख्यमंत्री ने चर्चा का ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया, जो पारदर्शिता के लिहाज से एक कमी है। जब तक बैठकों के ठोस नतीजे — नीतिगत या परिचालन — सामने नहीं आते, इन्हें केवल संकेत के रूप में ही पढ़ा जाना चाहिए।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम CM हिमंता बिस्वा सरमा और गजराज कोर GOC की बैठक क्यों हुई?
यह बैठक पूर्वोत्तर भारत में शांति, स्थिरता और सुरक्षा की मौजूदा स्थिति तथा भविष्य की रणनीति पर चर्चा के लिए हुई। मुख्यमंत्री सरमा ने इसे 'फायदेमंद' बताया और असम सरकार व सेना के बीच सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया।
गजराज कोर क्या है और इसका मुख्यालय कहाँ है?
गजराज कोर भारतीय सेना की एक प्रमुख ऑपरेशनल इकाई है जिसका मुख्यालय असम के तेजपुर में है। यह पूर्वी सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ आपदा राहत, मानवीय सहायता और नागरिक कल्याण कार्यक्रमों में भी सक्रिय भूमिका निभाती है।
पूर्वोत्तर में सुरक्षा की स्थिति अभी कैसी है?
पिछले कुछ वर्षों में पूर्वोत्तर में कानून-व्यवस्था की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है। कई विद्रोही समूहों ने केंद्र सरकार और असम सरकार के साथ शांति समझौते किए हैं, जिससे हिंसा की घटनाओं में कमी दर्ज की गई है।
इस बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
अधिकारियों के अनुसार, बैठक में सुरक्षा चुनौतियों से निपटने, सीमावर्ती व दूरदराज के इलाकों में विकास कार्यों में सहयोग और पूर्वोत्तर में स्थायी शांति सुनिश्चित करने की भविष्य की रणनीति पर चर्चा हुई। हालाँकि मुख्यमंत्री ने विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की।
असम सरकार और भारतीय सेना के बीच सहयोग किन क्षेत्रों में है?
दोनों के बीच सहयोग सुरक्षा अभियानों, बाढ़ व प्राकृतिक आपदाओं में राहत कार्य, नागरिक प्रशासन की सहायता और जन-कल्याण आउटरीच कार्यक्रमों तक फैला हुआ है। यह साझेदारी दीर्घकालिक और बहुआयामी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 3 सप्ताह पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले