सिंधिया का अशोकनगर में बड़ा ऐलान: 2,592 युवाओं को ₹20,000–25,000 प्रतिमाह रोजगार, ₹6 करोड़ का कॉल सेंटर
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 17 जुलाई 2025 को अशोकनगर (मध्य प्रदेश) में घोषणा की कि जिले के 2,592 युवाओं को ₹20,000 से ₹25,000 प्रतिमाह के वेतन पर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए मौजूदा कॉल सेंटर परियोजना का विस्तार करते हुए दूसरे चरण में ₹6 करोड़ की लागत से 2,000 सीटों वाला अत्याधुनिक कॉल सेंटर स्थापित किया जाएगा।
मुख्य घोषणाएँ
सिंधिया ने कहा कि अशोकनगर में विकसित हो रहा यह कॉल सेंटर प्रदेश के 'लखपति युवा' मॉडल को नई गति देगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्थानीय युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार मिलने से पलायन की समस्या पर भी अंकुश लगेगा। यह परियोजना केवल रोजगार सृजन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अशोकनगर की समग्र अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का काम करेगी।
उन्होंने बताया कि अशोकनगर के लिए प्रस्तावित करीब ₹5,000 करोड़ की विकास योजनाओं में रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, और कॉल सेंटर परियोजना इस दिशा में सबसे महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।
भाजपा जिला कार्यालय का निरीक्षण
अशोकनगर दौरे के दूसरे दिन सिंधिया ने निर्माणाधीन भारतीय जनता पार्टी (BJP) जिला कार्यालय का निरीक्षण किया और इसे अधिक आधुनिक, सुविधाजनक तथा भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह भवन आने वाली पीढ़ियों के पार्टी कार्यकर्ताओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाया जाना चाहिए।
निरीक्षण के दौरान सिंधिया ने प्रस्तावित नक्शे और सुविधाओं की समीक्षा की तथा परिसर में अधिक ओपन स्पेस विकसित करने का सुझाव दिया, ताकि पार्टी कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के लिए यह परिसर अधिक उपयोगी बने।
कार्यालय में प्रस्तावित सुविधाएँ
जिला BJP पदाधिकारियों ने बताया कि नए कार्यालय में विभिन्न पार्टी मोर्चों के लिए अलग-अलग कक्ष, लॉन, संगठनात्मक कार्यक्रमों एवं जनसभाओं के लिए मंच और वीआईपी प्रवेश द्वार सहित कई आधुनिक सुविधाएँ विकसित की जाएंगी। सिंधिया ने निर्माण एजेंसी को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता से समझौता किए बिना कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश के छोटे जिलों से युवाओं का शहरों की ओर पलायन एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। गौरतलब है कि अशोकनगर जैसे अर्ध-शहरी जिलों में संगठित रोजगार के अवसर सीमित रहे हैं। यदि यह परियोजना निर्धारित लक्ष्य के अनुसार क्रियान्वित होती है, तो यह स्थानीय युवाओं के लिए स्थायी आजीविका का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन सकती है।
क्या होगा आगे
कॉल सेंटर के दूसरे चरण के निर्माण की समय-सीमा और क्रियान्वयन एजेंसी का विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। ₹5,000 करोड़ की व्यापक विकास योजनाओं के अंतर्गत अन्य परियोजनाओं की घोषणा भी अपेक्षित है। स्थानीय प्रशासन और उद्योग संगठनों की भागीदारी इस पहल की सफलता की कुंजी होगी।