लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कुमाऊं रेजिमेंट, नागा रेजिमेंट और कुमाऊं स्काउट्स का नेतृत्व किया
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय सेना के उप सेना प्रमुख (रणनीति) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कुमाऊं रेजिमेंट, कुमाऊं स्काउट्स और नागा रेजिमेंट के कर्नल का पदभार ग्रहण किया। उन्होंने पूर्वी कमान के निवर्तमान जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल राम चंद्र तिवारी की जगह ली।
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने पदभार ग्रहण करते हुए इन गौरवशाली रेजिमेंटों का नेतृत्व करने पर गर्व व्यक्त किया, जो असाधारण शौर्य, समृद्ध विरासत और राष्ट्र के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के लिए प्रसिद्ध हैं। उन्होंने रेजिमेंट के निवर्तमान कर्नल के उत्कृष्ट नेतृत्व और योगदान के लिए उनकी सराहना की। यह बदलाव विरासत की निरंतरता को दर्शाता है, जिससे रेजिमेंट की नैतिकता, टीम भावना और सभी रैंकों में परिचालन उत्कृष्टता को मजबूत किया जा सके।
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई को उनकी स्ट्रैटेजिक सोच, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई और मिलिट्री डिप्लोमेसी में संतुलित दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। ऑपरेशन सिंदूर पर दिए गए उनके कई भाषण और प्रेस कॉन्फ्रेंस काफी चर्चित रहे, जहां उन्होंने पाकिस्तान के झूठ को बेनकाब किया और भारत की सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी डीजीएमओ ने राजीव घई से संपर्क कर सीजफायर की गुहार लगाई थी।
राजीव घई की जम्मू-कश्मीर में लंबे समय तक काउंटर-इंसर्जेंसी और हाई-एल्टीट्यूड ऑपरेशन्स में सक्रिय भूमिका रही। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले जैसे मामलों में भी महत्वपूर्ण खुलासे किए थे। भारतीय सेना में सेवा के दौरान उन्होंने कई बड़े ऑपरेशन को लीड किया है। डीजीएमओ बनने से पहले वह चिनार कोर के जीओसी रह चुके हैं। खासकर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ कई मिशन में राजीव घई की अहम भूमिका रही है।
उग्रवाद से निपटने का अनुभव रखने वाले लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई पहले उधमपुर स्थित उत्तरी कमान में मेजर जनरल स्टाफ के रूप में तैनात थे। कश्मीर और जम्मू संभागों में सेवा देने के अलावा, लेफ्टिनेंट जनरल घई ने पूर्वोत्तर में 56 इन्फैंट्री डिवीजन जीओसी के रूप में कार्य किया है।