लोहरदगा सड़क हादसा: शराब लदे ट्रक ने स्कूटी को रौंदा, मां-बेटे समेत तीन की दर्दनाक मौत

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लोहरदगा सड़क हादसा: शराब लदे ट्रक ने स्कूटी को रौंदा, मां-बेटे समेत तीन की दर्दनाक मौत

सारांश

झारखंड के लोहरदगा जिले में NH-39 पर शुक्रवार को भीषण सड़क हादसे में मां विषुण भगताइन, बेटे किशोर भगत और भतीजे निरंजन उरांव की मौत हो गई। शराब लदे मालवाहक वाहन ने स्कूटी को कुचल दिया। मालवाहक के तीन लोग भी घायल हुए। ग्रामीणों ने हाईवे जाम किया।

Key Takeaways

  • 24 अप्रैल, शुक्रवार को लोहरदगा जिले के NH-39 पर भीषण सड़क हादसा हुआ।
  • विषुण भगताइन (मां), किशोर भगत (बेटा) और निरंजन उरांव (भतीजा) — तीनों की मौत हुई।
  • तीनों मांडर अस्पताल जा रहे थे जहां परिवार का एक सदस्य इलाजरत है।
  • शराब लदे मालवाहक वाहन के पलटने से सड़क पर बोतलें बिखरीं, कुछ लोगों ने लूट की कोशिश की।
  • घायलों में विनत मुंडा और विकास मिंज को रिम्स, रांची रेफर किया गया।
  • प्रशासन ने परिजनों को दो क्विंटल चावल और नकद राशि तत्काल सहायता के रूप में दी।

लोहरदगा में दर्दनाक सड़क हादसा — तीन की मौत

लोहरदगा, 24 अप्रैल। झारखंड के लोहरदगा जिले में नेशनल हाईवे-39 (कुड़ू-रांची मुख्य मार्ग) पर शुक्रवार को एक भीषण सड़क दुर्घटना में मां-बेटे समेत तीन लोगों की जान चली गई। कुड़ू थाना क्षेत्र के ढुलुवाखुंटा के निकट शराब लदे मालवाहक वाहन और एक स्कूटी के बीच आमने-सामने की जबरदस्त टक्कर हुई, जिसने तीन परिवारों को हमेशा के लिए तोड़ दिया।

हादसे का पूरा घटनाक्रम

कुड़ू थाना क्षेत्र के रोन्हैया कोलसिमरी गांव निवासी विषुण भगताइन अपने पुत्र किशोर भगत और भतीजे निरंजन उरांव के साथ स्कूटी पर सवार होकर मांडर अस्पताल जा रही थीं, जहां उनके बीमार पति भर्ती हैं।

इसी दौरान रांची से पलामू की ओर जा रहे शराब लदे मालवाहक वाहन ने उनकी स्कूटी को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि किशोर भगत और निरंजन उरांव की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल विषुण भगताइन ने लोहरदगा सदर अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

सड़क पर बिखरी शराब, लूट की कोशिश

भीषण टक्कर के बाद मालवाहक वाहन बीच सड़क पर ही पलट गया, जिससे उसमें लदी शराब की बोतलें चारों ओर बिखर गईं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई और कुछ असामाजिक तत्वों ने शराब लूटने का प्रयास किया।

मौके पर पहुंचे कुड़ू थाना प्रभारी अजीत कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रण में लिया और शराब लूटने की कोशिश कर रहे लोगों को खदेड़ दिया। हाईवे पर घंटों तक यातायात बाधित रहा।

ग्रामीणों का आक्रोश, हाईवे जाम

हादसे से आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर नेशनल हाईवे-39 जाम कर दिया। सीओ संतोष उरांव और थाना प्रभारी अजीत कुमार ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाया और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद जाम हटवाया।

प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को तत्काल सहायता के रूप में अंतिम संस्कार हेतु नकद राशि और दो क्विंटल चावल उपलब्ध कराया है।

मालवाहक वाहन के तीन लोग भी घायल

इस दुर्घटना में मालवाहक वाहन में सवार तीन लोग भी घायल हुए हैं। इनकी पहचान रांची के कांके निवासी विनत मुंडा, विकास मिंज और टिंकू राम के रूप में हुई है। गंभीर रूप से घायल विनत मुंडा और विकास मिंज को बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची रेफर किया गया है।

सड़क सुरक्षा पर उठते सवाल

यह हादसा झारखंड के राष्ट्रीय राजमार्गों पर बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं की एक और कड़ी है। NH-39 पर भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही लंबे समय से स्थानीय निवासियों के लिए चिंता का विषय रही है। गौरतलब है कि इस मार्ग पर पहले भी कई जानलेवा हादसे हो चुके हैं, लेकिन सड़क सुरक्षा के पर्याप्त उपाय अभी तक नहीं किए गए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारी मालवाहक वाहनों की अत्यधिक रफ्तार, संकरी सड़कें और ड्राइवरों की लापरवाही इन हादसों के प्रमुख कारण हैं। मृतकों के परिजन अभी भी उचित मुआवजे और दोषी वाहन चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं। आने वाले दिनों में पुलिस जांच के नतीजे और प्रशासन की कार्रवाई इस मामले की दिशा तय करेगी।

Point of View

बल्कि झारखंड के राष्ट्रीय राजमार्गों पर व्याप्त अराजकता का प्रतीक है। एक बीमार पति की देखभाल के लिए निकली महिला और उसके परिजन जान गंवा बैठे — यह विडंबना है कि जिस राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच पहले से ही सीमित है, वहां अस्पताल जाने का रास्ता भी सुरक्षित नहीं। भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार और सड़क सुरक्षा के खोखले दावों के बीच आम नागरिक पिस रहा है। मुआवजे के रूप में दो क्विंटल चावल देकर प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता — असली जवाबदेही तब होगी जब दोषी चालक को सजा मिले और इस मार्ग पर स्थायी सुरक्षा उपाय लागू हों।
NationPress
24/04/2026

Frequently Asked Questions

लोहरदगा सड़क हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
लोहरदगा के NH-39 पर हुए इस हादसे में तीन लोगों की मौत हुई — विषुण भगताइन (मां), किशोर भगत (बेटा) और निरंजन उरांव (भतीजा)। तीनों एक स्कूटी पर सवार होकर मांडर अस्पताल जा रहे थे।
लोहरदगा हादसे में किस वाहन ने स्कूटी को टक्कर मारी?
रांची से पलामू जा रहे एक शराब लदे मालवाहक वाहन ने स्कूटी को आमने-सामने से टक्कर मारी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मालवाहक वाहन भी पलट गया और शराब की बोतलें सड़क पर बिखर गईं।
हादसे के बाद ग्रामीणों ने क्या किया?
आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर NH-39 जाम कर दिया। सीओ संतोष उरांव और थाना प्रभारी अजीत कुमार की समझाइश के बाद करीब दो घंटे बाद जाम हटाया गया।
मृतकों के परिजनों को क्या सहायता मिली?
प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को तत्काल सहायता के रूप में अंतिम संस्कार के लिए नकद राशि और दो क्विंटल चावल उपलब्ध कराया है। हालांकि परिजन उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
मालवाहक वाहन में सवार घायलों का क्या हुआ?
मालवाहक वाहन में सवार विनत मुंडा, विकास मिंज और टिंकू राम घायल हुए। गंभीर रूप से घायल विनत मुंडा और विकास मिंज को बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची रेफर किया गया है।
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