शिवा शर्मा हत्याकांड: यूपी एसटीएफ ने मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे समेत तीनों को नागपुर से दबोचा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के चर्चित शिवा शर्मा हत्याकांड की मुख्य आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे सहित तीनों फरार अभियुक्तों को नागपुर से गिरफ्तार कर लिया। लखनऊ पुलिस और नागपुर पुलिस के समन्वय से की गई इस संयुक्त कार्रवाई में चालक दानिश और रश्मि दुबे को भी हिरासत में लिया गया। तीनों पर ₹50-50 हज़ार का इनाम घोषित था।
मुख्य घटनाक्रम
9 अक्टूबर 2026 को हजरतगंज थाने में वादिनी रंजना शर्मा की लिखित तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी। शिवा शर्मा की मौत के करीब दस दिन बाद तक मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी न होने से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे थे। अंततः एसटीएफ ने लखनऊ और नागपुर पुलिस के सहयोग से तीनों को नागपुर से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों को नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर लखनऊ लाया जा रहा है।
पुलिस महकमे में बड़ी कार्रवाई
गिरफ्तारी से एक दिन पहले सोमवार को मामले में देरी को लेकर पुलिस विभाग के भीतर व्यापक फेरबदल की गई। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) विक्रांत वीर को पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया, जबकि एसीपी रजनीश वर्मा को उनके मौजूदा पद से हटाकर एसीपी अपराध की जिम्मेदारी सौंपी गई।
इसके अलावा लखनऊ कमिश्नरेट में चार सहायक पुलिस आयुक्तों (एसीपी) के कार्यक्षेत्र में फेरबदल किया गया। इससे पहले हजरतगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किया जा चुका था। विश्लेषकों का मानना है कि वरिष्ठ स्तर से लेकर थाना स्तर तक हुए यह बदलाव जवाबदेही तय करने की दिशा में उठाया गया महत्त्वपूर्ण कदम है।
श्रद्धा दुबे का पक्ष
फरारी के दौरान श्रद्धा दुबे ने कथित तौर पर बातचीत में दावा किया था कि शिवा शर्मा की मौत हत्या नहीं, बल्कि आत्महत्या थी। उसने शिवा के कर्ज में डूबे होने को कारण बताया और कहा था कि सीसीटीवी फुटेज की जाँच से उसकी बेगुनाही साबित हो जाएगी। श्रद्धा ने घटना में किसी भी प्रकार की संलिप्तता से इनकार किया।
श्रद्धा के अनुसार शिवा शर्मा करीब दो महीने पहले उसके घर पर रहने आया था। उसने यह भी स्वीकार किया कि इस दौरान उसके घर से आभूषण चोरी होने की बात सामने आई थी, हालांकि उसने इसे कोई बड़ी घटना नहीं बताया। पुलिस इन दावों की जाँच कर रही है।
आम जनता और कानून-व्यवस्था पर असर
यह मामला इस लिहाज से भी चर्चा में रहा कि शिवा शर्मा की मौत के दस दिन बाद भी मुख्य आरोपी फरार रही, जिसने पुलिस की तत्परता पर सवाल खड़े किए। गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब किसी हाई-प्रोफाइल अपराध में देरी से कार्रवाई पर पुलिस को आंतरिक फेरबदल का सामना करना पड़ा हो।
क्या होगा आगे
तीनों अभियुक्तों को लखनऊ लाकर न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहाँ आगे की विधिक कार्रवाई होगी। मामले में सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों की जाँच जारी है। जाँच एजेंसियों के समक्ष अब यह स्थापित करना होगा कि शिवा शर्मा की मौत हत्या थी या आत्महत्या — यही इस पूरे मुकदमे की धुरी है।