शिवा शर्मा मौत मामला: वायरल वीडियो पर मां रंजना शर्मा बोलीं — 'पुलिस जांच करे, श्रद्धा को गिरफ्तार करो'
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ के हजरतगंज स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट में 9 अक्टूबर 2026 को कैफे संचालक शिवा शर्मा की चौथी मंजिल से गिरकर हुई संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ आया है। मृतक की मां रंजना शर्मा ने शिवा शर्मा और श्रद्धा दुबे से जुड़े सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऑडियो और वीडियो क्लिप पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है और पुलिस जांच की धीमी गति पर कड़ा असंतोष जताया है।
वायरल वीडियो पर मां की मांग
रंजना शर्मा ने कहा, 'अलग-अलग जगहों से वीडियो अपलोड हुए हैं। पुलिस को इसकी जांच करनी चाहिए। अगर इस तरह के वीडियो बने थे, जो सर्कुलेट हुए हैं, तो पुलिस की इस पर क्या कार्रवाई है?' उन्होंने यह भी पूछा कि यदि कहीं से वीडियो बनाए जा रहे थे, तो उसके पीछे का उद्देश्य क्या था — और इस पर पुलिस को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
आर्थिक लेन-देन पर रंजना का पक्ष
मामले में उठ रहे वित्तीय पहलुओं पर रंजना शर्मा ने स्पष्ट किया, 'शिवा बिजनेसमैन थे, हम लोगों के पास डेली के सोर्स ऑफ इनकम हैं। इतने बड़े स्तर पर हम लोगों का डेबिट और क्रेडिट नहीं है। जितनी बातें की जा रही हैं, उतनी बड़ी कोई चीज नहीं थी।' उन्होंने एक वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि उसमें शिवा के हाथ में कलम दिखाई दे रही है और उनसे कुछ लिखवाने की कोशिश की जा रही है — यह संदेह जताते हुए कि उन पर दबाव डाला गया था।
श्रद्धा दुबे को आरोपी मानती हैं मां
रंजना शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे श्रद्धा दुबे को आरोपी मानती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रद्धा वीडियो के माध्यम से पुलिस और आम लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। पुलिस सूत्रों के हवाले से उन्होंने बताया कि श्रद्धा कथित तौर पर फिलहाल नेपाल में है।
सब्र टूट रहा है, जल्द गिरफ्तारी की मांग
रंजना शर्मा ने तीखे लहजे में कहा, 'अब मेरा सब्र भी टूट रहा है। अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी हो जानी चाहिए थी। श्रद्धा को सही जगह पर आकर अपनी बात रखनी चाहिए।' उन्होंने यह भी कहा कि उनका दृढ़ विश्वास है कि शिवा ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उनकी हत्या की गई है।
कैंडल मार्च की तैयारी, अनुमति का इंतजार
रंजना शर्मा ने बताया कि परिवार और समर्थकों की ओर से प्रशासन से अनुमति लेकर कैंडल मार्च निकाला जाएगा, हालांकि अभी तक अनुमति नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि अनुमति मिलते ही इस दिशा में कदम उठाया जाएगा। गौरतलब है कि यह मामला 9 अक्टूबर 2026 से सुर्खियों में है और परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है।