ट्विशा शर्मा मौत मामला: सास गिरिबाला सिंह बोलीं — सीबीआई जांच से कोई आपत्ति नहीं, पुलिस दबाव में
सारांश
मुख्य बातें
भोपाल में मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की मौत के मामले की जांच के बीच, उनकी सास व रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने शुक्रवार, 22 मई को पत्रकारों के सामने खुलकर बात की। गिरिबाला सिंह ने स्पष्ट किया कि सीबीआई जांच को लेकर उनके परिवार को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन साथ ही मध्य प्रदेश पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए।
पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
गिरिबाला सिंह ने कहा कि उनकी गैरहाजिरी में पुलिस घर में दाखिल हुई, जबकि उन्हें पहले कोई औपचारिक नोटिस नहीं दिया गया। उनके अनुसार, पहला व्हाट्सऐप नोटिस उस दिन आया जब वे जबलपुर के लिए रवाना हो चुकी थीं। उन्होंने कहा, 'पुलिस की ओर से एक भी नोटिस नहीं दिया गया। मेरे पास अपने कानूनी अधिकार हैं।'
उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस ने उनके सामने बैठकर चपरासी का बयान दर्ज किया, लेकिन उनका बयान लेने की जहमत नहीं उठाई। थाने की ओर से मीडिया को यह बताया जा रहा था कि वे तीन बार नहीं आईं — जिसे उन्होंने गलत और भ्रामक बताया।
सीसीटीवी और साक्ष्य को लेकर स्थिति
सीसीटीवी कैमरों के बारे में गिरिबाला सिंह ने स्पष्ट किया कि घर के एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर कैमरे लगे हैं। उन्होंने कहा कि निजी कमरों में सीसीटीवी नहीं लगाए जाते — यह एक सामान्य व्यवस्था है।
इससे पहले गुरुवार को ट्विशा शर्मा के भाई आशीष शर्मा ने कहा था कि जो फुटेज न्यायपालिका के सामने पेश किया गया है, उससे स्पष्ट होता है कि पुलिस के पास अहम सबूत और रिकॉर्डिंग थीं जिन्हें सुरक्षित रखा जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज और डीवीआर डेटा को जब्त कर उचित तरीके से संरक्षित किया जाना चाहिए था, लेकिन जो सामने आया है उससे कई गंभीर सवाल उठते हैं।
सीबीआई जांच और पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल
गिरिबाला सिंह ने कहा कि उन्हें लगता है कि मध्य प्रदेश पुलिस बाहरी दबाव में काम कर रही है। उन्होंने कहा, 'मुझे अपने ही शहर में एक अजनबी जैसा महसूस हो रहा है।' उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मध्य प्रदेश पुलिस एक निष्पक्ष जांच करने में सक्षम है, और कहा कि पुलिस को खुद इस पर विचार करना चाहिए।
आगे क्या होगा
गिरिबाला सिंह के सीबीआई जांच को समर्थन देने के बयान के बाद इस मामले में जांच की दिशा पर नज़रें टिकी हैं। परिवार के दोनों पक्षों — सास और मृतका के भाई — द्वारा साक्ष्य संरक्षण और पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए गए सवाल इस मामले को और जटिल बनाते हैं। अब यह देखना होगा कि अदालत या संबंधित अधिकारी सीबीआई जांच के अनुरोध पर क्या रुख अपनाते हैं।