ट्विशा शर्मा दहेज मौत केस: सीबीआई आज पूर्व जज गिरिबाला सिंह को कोर्ट में पेश करेगी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ट्विशा शर्मा कथित दहेज मौत मामले में गिरफ्तार पूर्व जज गिरिबाला सिंह को शुक्रवार, 30 मई 2025 को अदालत में पेश करेगी। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा उनकी अग्रिम जमानत रद्द किए जाने के एक दिन बाद गिरफ्तारी हुई। यह मामला 12 मई को भोपाल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत से जुड़ा है, जिनकी शादी महज पाँच महीने पहले हुई थी।
गिरफ्तारी और मेडिकल जांच का घटनाक्रम
गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे भारी पुलिस बल के साथ सीबीआई टीम भोपाल के कटारा हिल्स स्थित गिरिबाला सिंह के आवास पर पहुंची। वहाँ करीब सात घंटे तक पूछताछ के बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MANIT) कैंपस ले जाया गया।
सूत्रों के अनुसार, कैंपस में विशेष मेडिकल कैंप लगाया गया था और इसके लिए मध्य प्रदेश पुलिस से औपचारिक अनुमति ली गई थी। मेडिकल प्रक्रिया के दौरान एक एंबुलेंस भी कैंपस पर मौजूद देखी गई।
हाई कोर्ट का आदेश और कानूनी पृष्ठभूमि
यह गिरफ्तारी मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के बुधवार को जारी 17 पन्नों के आदेश के ठीक एक दिन बाद हुई। हाई कोर्ट ने 15 मई को भोपाल जिला अदालत द्वारा दी गई अंतरिम जमानत को रद्द कर दिया था।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि व्हाट्सऐप चैट और ट्विशा के परिवार के बयानों से यह संकेत मिलता है कि आरोप केवल उनके पति तक सीमित नहीं थे। अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि ट्विशा पर गर्भपात कराने का दबाव बनाया गया था और यह तथ्य मामले में स्वीकार किया गया है।
ट्विशा शर्मा केस: मुख्य तथ्य
ट्विशा शर्मा की 12 मई 2025 को अपने ससुराल में कथित आत्महत्या से मौत हुई थी। उनकी शादी 9 दिसंबर 2024 को समर्थ सिंह से हुई थी — यानी विवाह के महज पाँच महीने बाद उनकी मौत हो गई।
ट्विशा के पति समर्थ सिंह को 22 मई को जबलपुर से गिरफ्तार किया गया था और बुधवार को उन्हें सीबीआई हिरासत में भेज दिया गया। अब उनकी सास और पूर्व जज गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी से मामले में नया मोड़ आया है।
प्रशासनिक औपचारिकताएँ
सीबीआई अधिकारी भोपाल के प्रधान जिला न्यायाधीश मनोज कुमार श्रीवास्तव के आवास पर भी पहुंचे और उन्हें गिरफ्तारी की औपचारिक जानकारी दी। अधिकारियों को गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेज ले जाते हुए देखा गया।
आगे क्या होगा
शुक्रवार को कोर्ट में पेशी के बाद सीबीआई गिरिबाला सिंह की हिरासत अवधि बढ़ाने की अर्जी दे सकती है। पति समर्थ सिंह पहले से ही सीबीआई हिरासत में हैं। यह मामला न्यायिक जवाबदेही और दहेज उत्पीड़न के खिलाफ कानून की प्रभावशीलता पर राष्ट्रीय बहस का केंद्र बन गया है।