ट्विशा शर्मा दहेज हत्या मामला: पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह उसी अदालत में आरोपी के कटघरे में
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व प्रधान जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह शुक्रवार, 29 मई 2026 को भोपाल जिला अदालत में एक बिल्कुल अलग हैसियत से उपस्थित हुईं — वह न्यायपीठ पर नहीं, बल्कि आरोपी के कटघरे में खड़ी थीं। अभिनेत्री-मॉडल ट्विशा शर्मा की कथित दहेज हत्या के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उन्हें और उनके बेटे समर्थ सिंह — ट्विशा के पति — को अदालत में पेश किया। फरवरी 2023 में इसी अदालत से प्रधान जिला न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त हुई गिरिबाला सिंह के लिए यह वापसी न्यायिक इतिहास में एक असाधारण क्षण बन गई।
अदालत परिसर में असाधारण दृश्य
जैसे ही सीबीआई का काफिला भोपाल जिला अदालत परिसर में दाखिल हुआ, वकीलों, मुवक्किलों और अदालत कर्मचारियों की भारी भीड़ इमारत के चारों ओर जमा हो गई। सीबीआई टीम ने पहले समर्थ सिंह को वाहन से उतारकर मजिस्ट्रेट शोभना भालावे के कोर्टरूम में ले गई। कुछ देर बाद गिरिबाला सिंह को सुरक्षा घेरे में अलग से लाया गया।
जांचकर्ता जब उन्हें तीसरी मंजिल पर स्थित कोर्टरूम की ओर सीढ़ियों से ऊपर ले जा रहे थे, तो गलियारों और बालकनियों में खड़े लोग चुपचाप देखते रहे। वकील कोर्टरूम के बाहर रुक गए, जबकि कर्मचारी रेलिंग के पास जमा होकर उस दृश्य के गवाह बने।
दो घंटे से अधिक की कार्यवाही
खचाखच भरे कोर्टरूम में गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह दो घंटे से अधिक समय तक कटघरे में खड़े रहे। 65 वर्षीया पूर्व न्यायाधीश पूरी सुनवाई के दौरान शांत रहीं और लगातार अपने वकीलों तथा बेटे से बातचीत करती रहीं। कई बार उन्हें अपने वकील को कुछ बातें समझाते देखा गया; कभी-कभी उन्होंने केवल इशारों और सिर हिलाकर जवाब दिया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सीबीआई को आगे की पूछताछ के लिए दोनों आरोपियों की पाँच दिन की हिरासत सौंप दी।
ट्विशा शर्मा मामले की पृष्ठभूमि
अभिनेत्री-मॉडल ट्विशा शर्मा ने कथित तौर पर 12 मई को आत्महत्या कर ली थी — समर्थ सिंह से विवाह के कुछ ही महीनों बाद। दोनों परिवारों की उपस्थिति में एक भव्य समारोह में संपन्न हुई इस शादी के बाद ट्विशा के परिवार ने आरोप लगाया कि उन पर शादी के बाद से ही मानसिक दबाव डाला जा रहा था और लगातार दहेज की माँगें रखी जा रही थीं। परिवार ने समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह पर उत्पीड़न और दहेज-संबंधी क्रूरता का आरोप लगाया।
जांच सीबीआई को सौंपी गई
मामले की शुरुआती जांच भोपाल पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने की थी। जनता के बढ़ते दबाव और स्वतंत्र जांच की माँग के बाद इसे सीबीआई को सौंप दिया गया। सीबीआई ने इस सप्ताह की शुरुआत में समर्थ सिंह को गिरफ्तार किया, जबकि गिरिबाला सिंह को गुरुवार शाम लंबी पूछताछ के बाद हिरासत में लिया गया।
आगे की कार्यवाही
अदालत द्वारा दी गई पाँच दिन की सीबीआई हिरासत के दौरान जांच एजेंसी दोनों आरोपियों से विस्तृत पूछताछ करेगी। यह मामला न केवल न्यायिक जगत में बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि एक पूर्व न्यायाधीश का उसी अदालत में आरोपी के रूप में पेश होना अत्यंत विरल घटना है।