ट्विशा शर्मा दहेज हत्या मामला: पूर्व जज गिरिबाला सिंह और बेटे समर्थ को 5 दिन की सीबीआई हिरासत
सारांश
मुख्य बातें
भोपाल की एक जिला अदालत ने शुक्रवार, 29 मई को अभिनेत्री-मॉडल ट्विशा शर्मा की कथित दहेज हत्या मामले में पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को पाँच दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया। सेशन जज शोभना भालवी की अदालत ने यह आदेश भारी सुरक्षा बंदोबस्त के बीच दोनों आरोपियों की अलग-अलग मेडिकल जांच के बाद सुनाया।
अदालत में क्या हुआ
अदालती कार्यवाही के दौरान गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह आरोपियों के कटघरे में एक साथ खड़े रहे और आपस में दबे स्वर में बात करते देखे गए। गिरफ्तारी के बाद दोनों को अदालत में पेश करने से पहले भोपाल स्थित मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MANIT) परिसर में लगाए गए एक विशेष मेडिकल कैंप में ले जाया गया था।
गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी कैसे हुई
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में गिरिबाला सिंह के आवास पर सात घंटे से अधिक की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया। उनकी गिरफ्तारी उसी दिन हुई जब मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने उनकी अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
समर्थ सिंह की हिरासत का पूरा घटनाक्रम
ट्विशा शर्मा की मौत 12 मई को हुई थी। इसके बाद समर्थ सिंह लगभग एक सप्ताह तक लापता रहे और भोपाल पुलिस ने उन्हें 22 मई को जबलपुर से गिरफ्तार किया। 23 मई को उन्हें भोपाल में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास की अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 29 मई तक पुलिस हिरासत में भेजा गया था। पुलिस रिमांड पूरी होने पर सीबीआई ने आगे की जांच के लिए नई हिरासत की माँग की, जिसे अदालत ने मंजूर किया।
सीबीआई की फॉरेंसिक जांच
रिमांड अवधि के दौरान सीबीआई की टीम समर्थ को कथित अपराध स्थल कटारा हिल्स स्थित घर पर ले गई। दिल्ली से आई एक विशेष टीम ने आधुनिक फॉरेंसिक उपकरणों की मदद से फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी की और साक्ष्य एकत्र किए। एजेंसी ने समर्थ से 12 मई की रात की घटनाओं के बारे में विस्तृत पूछताछ भी की।
मामले की पृष्ठभूमि
कथित तौर पर ट्विशा शर्मा अपने ससुराल, कटारा हिल्स में फंदे से लटकी हुई मिली थीं। उनके परिवार ने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया, जिसके बाद व्यापक जांच की माँग उठी। मध्य प्रदेश सरकार की सिफारिश पर जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपा गया। यह मामला न्यायपालिका से जुड़े परिवार पर लगे गंभीर आरोपों के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। आगे की सुनवाई और जांच के नतीजे इस मामले की दिशा तय करेंगे।