12 जुलाई 2026
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ट्विशा शर्मा केस: पति समर्थ सिंह 29 मई तक सीबीआई हिरासत में, कटारा हिल्स घर की जांच शुरू

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ट्विशा शर्मा केस: पति समर्थ सिंह 29 मई तक सीबीआई हिरासत में, कटारा हिल्स घर की जांच शुरू

सारांश

ट्विशा शर्मा केस में सीबीआई की एंट्री अब महज औपचारिकता नहीं रही — पति समर्थ सिंह की 29 मई तक हिरासत, घटनास्थल का निरीक्षण और डिजिटल साक्ष्यों की खंगालाई यह संकेत देती है कि जाँच निर्णायक मोड़ पर है।

मुख्य बातें

सीबीआई ने पति समर्थ सिंह को 29 मई 2026 तक अपनी हिरासत में लिया।
मॉडल-अभिनेत्री ट्विशा शर्मा (33) 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में फाँसी के फंदे पर लटकी मिली थीं।
भोपाल पुलिस ने 15 मई को दहेज मृत्यु और क्रूरता की धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी।
समर्थ सिंह घटना के बाद करीब 10 दिन फरार रहे; पुलिस ने उनकी 'वापसी' को आत्मसमर्पण नहीं, गिरफ्तारी करार दिया।
सीबीआई की स्पेशल क्राइम यूनिट-III ने घटनास्थल का निरीक्षण किया; कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा और वित्तीय लेन-देन की जाँच जारी।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई भी जारी है।

भोपाल के कटारा हिल्स में 12 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में जान गँवाने वाली मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह को केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने 29 मई 2026 तक अपनी हिरासत में ले लिया है। सीबीआई की स्पेशल क्राइम यूनिट-III की टीम ने मंगलवार सुबह भोपाल पहुँचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और कई अहम सबूत जुटाए।

मुख्य घटनाक्रम

33 वर्षीय ट्विशा शर्मा 12 मई की रात कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में फाँसी के फंदे पर लटकी मिली थीं। शुरुआती जाँच में मामला संदिग्ध नज़र आने पर परिवार ने पति और ससुराल वालों पर मानसिक प्रताड़ना, दहेज की माँग और लगातार उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए। इसके बाद भोपाल पुलिस ने 15 मई को दहेज मृत्यु और क्रूरता से जुड़ी धाराओं में एफआईआर दर्ज की।

मॉडलिंग और अभिनय से जुड़े ट्विशा के पेशेवर पृष्ठभूमि के कारण यह मामला तेज़ी से राष्ट्रीय सुर्खियों में आ गया। इस बीच आरोपी समर्थ सिंह — जो वकील हैं और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के बेटे हैं — घटना के बाद करीब 10 दिनों तक फरार रहे।

गिरफ्तारी और रिमांड

समर्थ सिंह बाद में जबलपुर में सामने आए, जहाँ उन्होंने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में दायर अग्रिम जमानत याचिका वापस ली। हालाँकि पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह आत्मसमर्पण नहीं, बल्कि गिरफ्तारी थी। भोपाल कोर्ट में पेश किए जाने पर प्रारंभिक पूछताछ में सहयोग न करने और कई अहम सवालों के जवाब न देने के आरोपों के चलते अदालत ने सात दिन की पुलिस रिमांड मंजूर की थी। अब सीबीआई ने उन्हें 29 मई तक अपनी हिरासत में ले लिया है।

सीबीआई की जाँच

सीबीआई की स्पेशल क्राइम यूनिट-III की टीम में दो महिला अधिकारी भी शामिल थीं। टीम ने कटारा हिल्स स्थित घर की छत का निरीक्षण किया — जहाँ ट्विशा का शव मिला था — और घर के अलग-अलग हिस्सों की भी जाँच की। जाँच एजेंसियों के अनुसार ट्विशा की मृत्यु के दिन समर्थ सिंह की गतिविधियों को लेकर कई सवाल अभी भी अनुत्तरित हैं। पुलिस और सीबीआई दोनों उनकी लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा और वित्तीय लेन-देन की गहन जाँच कर रही हैं।

परिवार की माँग और अदालती कार्यवाही

ट्विशा के परिवार ने शुरू से ही स्थानीय पुलिस की जाँच पर सवाल उठाए थे और सीबीआई जाँच की माँग की थी। परिवार को अब उम्मीद है कि केंद्रीय एजेंसी पूरे मामले की सच्चाई सामने लाएगी। इसी बीच मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई भी जारी है।

आगे क्या होगा

सीबीआई आने वाले दिनों में परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ करेगी और विवाह से जुड़े विवादों समेत कई पहलुओं की जाँच करेगी। सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर व्यापक आक्रोश है और लोग दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। यह मामला दहेज उत्पीड़न और महिला सुरक्षा के व्यापक सवालों को एक बार फिर राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में ले आया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा अब शुरू होती है — क्या केंद्रीय एजेंसी उन सवालों के जवाब दे पाएगी जो स्थानीय पुलिस अनुत्तरित छोड़ गई? समर्थ सिंह का 10 दिन फरार रहना और फिर 'गिरफ्तारी बनाम आत्मसमर्पण' का विवाद इस मामले की जटिलता को उजागर करता है। दहेज उत्पीड़न के मामलों में आरोपी का प्रभावशाली पारिवारिक पृष्ठभूमि — रिटायर्ड जज की संतान — जाँच की निष्पक्षता पर सार्वजनिक संदेह को स्वाभाविक बनाता है। सीबीआई के डिजिटल साक्ष्य विश्लेषण और परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ ही तय करेगी कि यह मामला न्याय की राह पर है या सुर्खियों की भीड़ में खो जाएगा।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्विशा शर्मा केस में सीबीआई को क्यों शामिल किया गया?
ट्विशा शर्मा के परिवार ने शुरू से ही स्थानीय पुलिस की जाँच पर सवाल उठाए थे और सीबीआई जाँच की माँग की थी। मामले की संवेदनशीलता और आरोपी के प्रभावशाली पारिवारिक पृष्ठभूमि को देखते हुए केंद्रीय एजेंसी को जाँच सौंपी गई।
समर्थ सिंह को कब तक सीबीआई हिरासत में रखा जाएगा?
सीबीआई ने समर्थ सिंह को 29 मई 2026 तक अपनी हिरासत में लिया है। इससे पहले भोपाल कोर्ट ने उन्हें सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा था।
ट्विशा शर्मा की मृत्यु कब और कहाँ हुई थी?
ट्विशा शर्मा (33) की मृत्यु 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में हुई थी, जहाँ वे फाँसी के फंदे पर लटकी मिली थीं। परिवार ने इसे हत्या बताते हुए दहेज उत्पीड़न के आरोप लगाए।
सीबीआई इस मामले में किन पहलुओं की जाँच कर रही है?
सीबीआई समर्थ सिंह की लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा और वित्तीय लेन-देन की जाँच कर रही है। आने वाले दिनों में परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ और विवाह से जुड़े विवादों की भी जाँच होगी।
समर्थ सिंह की गिरफ्तारी कैसे हुई?
घटना के करीब 10 दिन फरार रहने के बाद समर्थ सिंह जबलपुर में सामने आए और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में दायर अग्रिम जमानत याचिका वापस ली। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह आत्मसमर्पण नहीं बल्कि गिरफ्तारी थी।
राष्ट्र प्रेस
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