3 अगस्त 2026
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ट्विशा शर्मा मौत मामला: गिरिबाला सिंह और समर्थ की न्यायिक हिरासत 30 जून तक बढ़ी

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ट्विशा शर्मा मौत मामला: गिरिबाला सिंह और समर्थ की न्यायिक हिरासत 30 जून तक बढ़ी

सारांश

भोपाल अदालत ने ट्विशा शर्मा मौत मामले में रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ की न्यायिक हिरासत 30 जून तक बढ़ाई। सीबीआई घटनास्थल पुनर्निर्माण, फोरेंसिक साक्ष्य और गवाहों के बयानों के आधार पर जाँच को आगे बढ़ा रही है।

मुख्य बातें

भोपाल जिला अदालत ने 16 जून को रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 30 जून 2026 तक बढ़ाई।
पूर्व मॉडल-अभिनेत्री ट्विशा शर्मा (33) 12 मई 2026 को भोपाल में ससुराल में मृत पाई गई थीं।
सीबीआई ने भोपाल में घटनाक्रम का पुनर्निर्माण किया और ग्रेटर नोएडा जाकर परिवार के बयान दर्ज किए।
25 मई को एम्स भोपाल में दूसरा पोस्टमार्टम हुआ; मामला मध्य प्रदेश पुलिस से सीबीआई को स्थानांतरित किया गया।
परिवार ने मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं; दोनों आरोपियों ने सभी आरोपों से इनकार किया है।
मामले की अगली सुनवाई 30 जून को निर्धारित है।

भोपाल की एक जिला अदालत ने मंगलवार, 16 जून को रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 30 जून 2026 तक बढ़ा दी। यह आदेश पूर्व मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत से जुड़े मामले में आया है, जिसकी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है। 2 जून को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद यह पहला विस्तार है।

कोर्ट में पेशी और आदेश

14 दिन की न्यायिक हिरासत पूरी होने पर माँ-बेटे की जोड़ी को भोपाल सेंट्रल जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया। दोनों पक्षों के अधिवक्ता सुनवाई के दौरान उपस्थित रहे। कोर्ट ने आदेश दिया कि दोनों आरोपी अगले दो सप्ताह तक, यानी 30 जून तक, न्यायिक हिरासत में बने रहेंगे।

सुनवाई में ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा और उनके भाई मेजर हर्षित शर्मा भी मौजूद रहे।

मामले की पृष्ठभूमि

ट्विशा शर्मा (33) को 12 मई 2026 को भोपाल में उनके ससुराल में मृत पाया गया था। पहला पोस्टमार्टम 13 मई को एम्स भोपाल में हुआ। जाँच के नतीजों और परिवार की स्वतंत्र जाँच की माँग के बाद 25 मई को दूसरा पोस्टमार्टम भी एम्स भोपाल में कराया गया। इसके बाद परिवार अंतिम संस्कार करके ग्रेटर नोएडा लौट आया।

मामले पर सार्वजनिक दबाव और परिवार की माँग के चलते केस मध्य प्रदेश पुलिस से सीबीआई को सौंपा गया। केंद्रीय एजेंसी ने प्रारंभिक जाँच के आधार पर मई में गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को गिरफ्तार किया और पूछताछ के बाद 2 जून को कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

सीबीआई की जाँच की दिशा

जाँचकर्ता कई मोर्चों पर काम कर रहे हैं। सीबीआई ने हाल ही में भोपाल में सिंह परिवार के उस घर पर घटनाक्रम का पुनर्निर्माण (रिकंस्ट्रक्शन) किया, जहाँ शादी के बाद ट्विशा रह रही थीं। इस प्रक्रिया में अधिकारियों ने घटनाओं के क्रम को फिर से स्थापित करने और आरोपियों के दावों की परख करने के लिए भारित डमी का उपयोग किया।

ट्विशा के परिवार का पक्ष रख रहे अधिवक्ता अंकुर पांडे के अनुसार, सीबीआई अधिकारी ग्रेटर नोएडा भी गए और परिवार के सदस्यों तथा मामले से जुड़े अन्य लोगों के बयान दर्ज किए। जाँचकर्ता अब फोरेंसिक साक्ष्य, डिजिटल रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक संचार और गवाहों के बयानों की विस्तृत जाँच कर रहे हैं।

परिवार के आरोप और आरोपियों का रुख

ट्विशा के परिवार ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद उन्हें मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। परिवार ने दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की माँग की है। दूसरी ओर, गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह ने सभी आरोपों से इनकार किया है।

आगे क्या

अदालत के आदेश के अनुसार, गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह 30 जून तक भोपाल सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में रहेंगे, जब इस मामले की अगली सुनवाई होगी। सीबीआई की जाँच जारी है और आने वाले हफ्तों में फोरेंसिक व डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के नतीजे निर्णायक साबित हो सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यह इस बात का संकेत है कि परिवार के दबाव और सार्वजनिक ध्यान के बिना यह मामला शायद उसी रफ्तार से न चलता। सीबीआई का घटनास्थल पुनर्निर्माण और डिजिटल साक्ष्यों की जाँच दर्शाती है कि एजेंसी ठोस फोरेंसिक आधार बनाने की कोशिश में है — लेकिन दो पोस्टमार्टम के बाद भी मौत की परिस्थितियाँ सार्वजनिक रूप से अस्पष्ट हैं। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर कोर्ट की तारीखों तक सिमट जाती है; असली सवाल यह है कि फोरेंसिक रिपोर्ट क्या कहती है और अभियोजन पक्ष का मामला कितना मज़बूत है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्विशा शर्मा कौन थीं और उनकी मौत कैसे हुई?
ट्विशा शर्मा (33) एक पूर्व मॉडल और अभिनेत्री थीं, जो 12 मई 2026 को भोपाल में अपने ससुराल में मृत पाई गईं। उनकी मौत की परिस्थितियाँ संदिग्ध मानी गई हैं और फिलहाल सीबीआई जाँच जारी है।
गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को क्यों गिरफ्तार किया गया?
सीबीआई ने प्रारंभिक जाँच के आधार पर मई 2026 में रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को गिरफ्तार किया। ट्विशा के परिवार ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद उन्हें मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा; दोनों आरोपियों ने सभी आरोपों से इनकार किया है।
मामला मध्य प्रदेश पुलिस से सीबीआई को क्यों सौंपा गया?
ट्विशा के परिवार की स्वतंत्र जाँच की माँग और मामले पर बढ़ते सार्वजनिक दबाव के कारण केस सीबीआई को स्थानांतरित किया गया। दूसरा पोस्टमार्टम 25 मई को एम्स भोपाल में कराए जाने के बाद यह निर्णय लिया गया।
सीबीआई जाँच में अब तक क्या हुआ है?
सीबीआई ने भोपाल में सिंह परिवार के घर पर घटनाक्रम का पुनर्निर्माण किया, ग्रेटर नोएडा जाकर परिवार के बयान दर्ज किए और फोरेंसिक साक्ष्य, डिजिटल रिकॉर्ड व इलेक्ट्रॉनिक संचार की जाँच कर रही है। अधिवक्ता अंकुर पांडे के अनुसार, जाँच कई दिशाओं में एक साथ आगे बढ़ रही है।
इस मामले में अगली सुनवाई कब होगी?
अदालत के आदेश के अनुसार, 30 जून 2026 को इस मामले की अगली सुनवाई होगी। तब तक गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह भोपाल सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में रहेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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