28 जुलाई 2026
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ट्विशा शर्मा दहेज हत्या मामला: सीबीआई कोर्ट ने गिरिबाला और समर्थ सिंह की हिरासत 11 अगस्त तक बढ़ाई

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ट्विशा शर्मा दहेज हत्या मामला: सीबीआई कोर्ट ने गिरिबाला और समर्थ सिंह की हिरासत 11 अगस्त तक बढ़ाई

सारांश

भोपाल में ट्विशा शर्मा की कथित दहेज हत्या के मामले में सीबीआई कोर्ट ने रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 11 अगस्त तक बढ़ा दी। वॉइस सैंपल विवाद और बचाव पक्ष की आपत्तियों के बीच सीबीआई ने जांच जारी रहने का हवाला दिया।

मुख्य बातें

सीबीआई स्पेशल कोर्ट, भोपाल ने 28 जुलाई को गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 11 अगस्त तक बढ़ाई।
दोनों आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुए; नियमित मजिस्ट्रेट अवकाश पर थे।
आरोपियों ने वॉइस सैंपल सहयोग न करने के सीबीआई के आरोप का खंडन किया और जांच अधिकारियों के व्यवहार पर आपत्ति जताई।
बचाव पक्ष ने हिरासत विस्तार का विरोध किया — कहा कि अर्जी में कोई नया आधार नहीं था।
ट्विशा शर्मा 12 मई की रात कटारा हिल्स, भोपाल में ससुराल में मृत पाई गई थीं; परिजनों ने दहेज हत्या का आरोप लगाया है।

भोपाल की सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने 28 जुलाई को ट्विशा शर्मा की कथित दहेज हत्या मामले में आरोपी रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके पुत्र समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 11 अगस्त तक बढ़ा दी। सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि जांच अभी जारी है, जिसके बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने हिरासत विस्तार की अर्जी स्वीकार कर ली।

सुनवाई का घटनाक्रम

नियमित मजिस्ट्रेट के अवकाश पर होने के कारण मंगलवार की सुनवाई ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष हुई। दोनों आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में उपस्थित हुए। ट्विशा के परिवार की ओर से पेश अधिवक्ता शुभांग दीक्षित ने बताया कि सीबीआई का पक्ष सुनने के बाद कोर्ट ने हिरासत बढ़ाने का आदेश दिया।

वॉइस सैंपल विवाद

सुनवाई के दौरान आरोपियों ने सीबीआई के उस आरोप का खंडन किया जिसमें कहा गया था कि उन्होंने आवाज के नमूने (वॉइस सैंपल) देने में सहयोग नहीं किया। बचाव पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि नमूने लेने की प्रक्रिया के दौरान जांच अधिकारियों का व्यवहार अनुचित था और इस पर कोर्ट के समक्ष औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई गई।

अधिवक्ता दीक्षित के अनुसार, कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि वॉइस सैंपल से जुड़ा मुद्दा जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान पहले ही उठाया जा चुका था और चूंकि उस पर फैसला हो चुका है, इसलिए यह मौजूदा रिमांड कार्यवाही के लिए प्रासंगिक नहीं है। हालांकि, यह टिप्पणी कोर्ट के लिखित आदेश का हिस्सा नहीं बनाई गई।

बचाव पक्ष की आपत्तियाँ

बचाव पक्ष ने न्यायिक हिरासत विस्तार का विरोध करते हुए तर्क दिया कि सीबीआई की अर्जी में अतिरिक्त रिमांड के लिए कोई नया आधार प्रस्तुत नहीं किया गया था। बचाव पक्ष ने जांच के दौरान पूछताछ किए गए गवाहों की संख्या की जानकारी भी मांगी।

सीबीआई ने इस मांग का विरोध करते हुए कहा कि जांच जारी है और इस स्तर पर गवाहों के विवरण या दर्ज बयान सार्वजनिक करने से जांच की गोपनीयता प्रभावित होगी। एजेंसी ने यह जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया।

मामले की पृष्ठभूमि

12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में ट्विशा शर्मा अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया, जबकि मायके वालों ने दहेज की मांग के चलते हत्या का आरोप लगाया। शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल उठने के बाद यह मामला न्यायिक जांच के दायरे में आया और बाद में सीबीआई को सौंपा गया। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब एक रिटायर्ड न्यायाधीश का इस तरह के मामले में आरोपी होना न्यायपालिका की साख को लेकर व्यापक बहस छेड़ रहा है।

आगे क्या होगा

दोनों आरोपी अब 11 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे, जब मामले की अगली सुनवाई होगी। सीबीआई की जांच जारी है और एजेंसी ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में जांच प्रक्रिया में और कदम उठाए जाएंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्विशा शर्मा मौत मामला क्या है?
ट्विशा शर्मा 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। ससुराल पक्ष ने आत्महत्या का दावा किया, जबकि परिजनों ने दहेज की मांग के चलते हत्या का आरोप लगाया। शुरुआती पोस्टमार्टम पर सवाल उठने के बाद मामला सीबीआई को सौंपा गया।
गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह कौन हैं?
गिरिबाला सिंह एक रिटायर्ड जिला जज हैं और ट्विशा शर्मा की सास हैं। समर्थ सिंह उनके पुत्र और ट्विशा के पति हैं। दोनों पर दहेज हत्या से जुड़े आरोप हैं और वर्तमान में सीबीआई की न्यायिक हिरासत में हैं।
सीबीआई कोर्ट ने 28 जुलाई को क्या फैसला सुनाया?
भोपाल की सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने 28 जुलाई को दोनों आरोपियों — गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह — की न्यायिक हिरासत 11 अगस्त तक बढ़ा दी। कोर्ट ने सीबीआई की यह दलील मानी कि जांच अभी जारी है।
वॉइस सैंपल विवाद क्या है?
सीबीआई ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने आवाज के नमूने देने में सहयोग नहीं किया। बचाव पक्ष ने इसका खंडन किया और कहा कि नमूने लेने की प्रक्रिया के दौरान जांच अधिकारियों का व्यवहार अनुचित था। कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि यह मुद्दा जमानत याचिका में पहले ही उठाया जा चुका है और मौजूदा रिमांड कार्यवाही के लिए प्रासंगिक नहीं है।
इस मामले में अगली सुनवाई कब होगी?
दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत 11 अगस्त तक बढ़ाई गई है, इसलिए अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी। सीबीआई की जांच जारी है और एजेंसी ने अभी गवाहों या बयानों का विवरण साझा करने से इनकार किया है।
राष्ट्र प्रेस
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