ट्विशा शर्मा केस: गिरिबाला और समर्थ ने वॉयस सैंपल देने से किया इनकार, न्यायिक हिरासत 28 जुलाई तक बढ़ी
सारांश
मुख्य बातें
भोपाल जिला अदालत ने एक्ट्रेस-मॉडल ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 28 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अदालत को बताया कि दोनों आरोपियों ने वॉयस सैंपल देने से इनकार कर दिया, जबकि पिछली सुनवाई में वे इसके लिए सहमत हुए थे।
वॉयस सैंपल पर विवाद
मामले के वकील अंकुर पांडे ने बताया कि सीबीआई ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 349 के तहत अदालत में अर्जी दाखिल कर दोनों आरोपियों के वॉयस सैंपल लेने की अनुमति माँगी है। पिछली सुनवाई में भी सीबीआई ने इसी धारा के तहत अर्जी दी थी, और उस समय आरोपियों ने कुछ आपत्तियों के साथ नमूने देने पर सहमति जताई थी।
हालाँकि, जब सीबीआई जेल पहुँची तो समर्थ सिंह ने वॉयस सैंपल देने से स्पष्ट रूप से मना कर दिया। इसके बाद सीबीआई को पुनः अदालत का दरवाज़ा खटखटाना पड़ा।
पिता नवनीधि शर्मा का बयान
ट्विशा के पिता नवनीधि शर्मा ने कहा कि उन्हें सीबीआई पर पूरा भरोसा है और वह सच्चाई सामने लाएगी। उन्होंने कहा, 'सीबीआई देश की प्रमुख जाँच एजेंसी है और हमें गर्व है कि यह मामला उसके हाथों में है।' उन्होंने यह भी बताया कि सीबीआई ने मंगलवार को अदालत को आरोपियों के इनकार से अवगत कराया।
मामले की पृष्ठभूमि
ट्विशा शर्मा 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। ससुरालवालों ने इसे आत्महत्या बताया, जबकि मायके वालों ने हत्या का आरोप लगाया। परिवार ने गिरिबाला सिंह के प्रभाव के चलते पहले पोस्टमॉर्टम की निष्पक्षता पर सवाल उठाए, जिसके बाद मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने एम्स, नई दिल्ली से दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने का आदेश दिया।
25 मई को उच्च न्यायालय ने जाँच सीबीआई को सौंप दी। सीबीआई अब फोरेंसिक साक्ष्यों, डिजिटल रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों की जाँच कर रही है।
जाँच का अहम पड़ाव
चार्जशीट दाखिल करने की कानूनी समय-सीमा नज़दीक आने के साथ यह मामला निर्णायक दौर में पहुँच गया है। वॉयस सैंपल से इनकार को जाँच एजेंसी के लिए एक बड़ी बाधा माना जा रहा है, क्योंकि फोरेंसिक साक्ष्यों की श्रृंखला में यह एक महत्त्वपूर्ण कड़ी हो सकती है। आगामी सुनवाई में अदालत का रुख तय करेगा कि सीबीआई को नमूने लेने की अनुमति मिलती है या नहीं।