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ट्विशा शर्मा केस: गिरिबाला सिंह की कॉल लिस्ट में IAS, जज और CCTV ऑपरेटरों के नाम, जाँच पर सवाल

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ट्विशा शर्मा केस: गिरिबाला सिंह की कॉल लिस्ट में IAS, जज और CCTV ऑपरेटरों के नाम, जाँच पर सवाल

सारांश

ट्विशा शर्मा की मौत के बाद रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने IAS अधिकारी, लोकायुक्त जज और CCTV ऑपरेटरों से संपर्क किया — यह कॉल लिस्ट अब सार्वजनिक है। पति समर्थ सिंह फरार, परिवार दूसरे पोस्टमार्टम का इंतजार कर रहा है, और जाँच की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

मुख्य बातें

ट्विशा शर्मा ( 33 वर्ष , मॉडल व अभिनेत्री) की 12 मई की रात भोपाल में ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई।
वकील द्वारा जारी कॉल लिस्ट में IAS मनु श्रीवास्तव , लोकायुक्त जस्टिस सत्येंद्र कुमार सिंह , डॉक्टर और CCTV ऑपरेटरों के नाम शामिल हैं।
आरोप है कि ये सभी 12 से 14 मई के बीच आरोपी गिरिबाला सिंह के संपर्क में थे।
गिरिबाला सिंह को 15 मई को ₹50,000 मुचलके पर अंतरिम जमानत मिली; पति समर्थ सिंह अभी फरार।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नशीले पदार्थों का कोई सबूत नहीं; परिवार एम्स भोपाल में दूसरे पोस्टमार्टम की माँग कर रहा है।
गिरिबाला सिंह ने मीडिया में वायरल ऑडियो क्लिप और व्हाट्सएप चैट को मनगढ़ंत बताते हुए अदालत में याचिका दाखिल की।

ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला नए खुलासों के साथ और पेचीदा होता जा रहा है। भोपाल की पूर्व जिला जज और वर्तमान उपभोक्ता फोरम अध्यक्ष गिरिबाला सिंह ने अपनी बहू की मौत के बाद 12 मई से 14 मई के बीच किन-किन लोगों से संपर्क किया — इसकी एक विस्तृत कॉल सूची ट्विशा के वकील ने सार्वजनिक की है। इस सूची में कथित तौर पर आईएएस और आईपीएस अधिकारी, न्यायपालिका के सदस्य, डॉक्टर और सीसीटीवी ऑपरेटर शामिल बताए जा रहे हैं।

कॉल लिस्ट में किन-किन के नाम

ट्विशा शर्मा की कानूनी टीम के अनुसार, जारी की गई सूची में समर्थ सिंह (फरार पति), डॉ. राजबाला सिंह भदौरिया, मनु श्रीवास्तव (आईएएस, भोपाल), लोकायुक्त जस्टिस सत्येंद्र कुमार सिंह, तथा रोहित विश्वकर्मा और विनोद वाणी — जो दोनों सीसीटीवी संचालन से जुड़े बताए जाते हैं — को किए गए कॉल शामिल हैं। वकील का दावा है कि ये विवरण उन दस्तावेजों से लिए गए हैं जो गिरिबाला सिंह और सह-आरोपी समर्थ सिंह का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता ने जमा किए थे।

वकील ने यह भी आरोप लगाया कि कटारा हिल्स पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) सहित कई अधिकारी भी घटना के बाद आरोपी के साथ संपर्क में रहे।

जाँच की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल

ट्विशा की कानूनी टीम का कहना है कि जहाँ एक ओर आरोपी को व्यवस्था के विभिन्न वर्गों का कथित समर्थन मिल रहा था, वहीं दूसरी ओर ट्विशा का परिवार न्याय के लिए जाँच एजेंसियों और अदालतों के सामने संघर्ष करता रहा। बयान में यह भी दावा किया गया कि एम्स भोपाल में शव के दूसरे पोस्टमार्टम का इंतजार परिवार को अभी भी है।

गौरतलब है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नशीले पदार्थों के सेवन का कोई सबूत नहीं मिला — जबकि गिरिबाला सिंह ने ट्विशा पर नशे और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का आरोप लगाया था। पुलिस अधिकारियों ने इस रिपोर्ट की पुष्टि की है।

गिरिबाला सिंह का पक्ष और अदालत में याचिका

गिरिबाला सिंह ने अदालत का दरवाज़ा खटखटाते हुए दावा किया है कि मीडिया में व्यापक रूप से प्रसारित हो रही एक ऑडियो क्लिप और व्हाट्सएप चैट मनगढ़ंत हैं। उन्होंने इन सामग्रियों के 'मूल स्रोत' की अदालत की निगरानी में जाँच कराने की माँग की है।

याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि उनके आवास पर लगे सीसीटीवी कैमरों से जुड़े डीवीआर (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर) को जब्त करने की प्रक्रिया में खामियाँ थीं। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया है कि डीवीआर की दोबारा जाँच हो और सीलबंद रिकॉर्डिंग का नए सिरे से सत्यापन किया जाए।

मामले की पृष्ठभूमि

33 वर्षीया ट्विशा शर्मा एक मॉडल और अभिनेत्री थीं, जिनकी 12 मई की रात अपने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनकी शादी वकील समर्थ सिंह से कुछ ही महीने पहले हुई थी। पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया है, जबकि परिवार का आरोप है कि यह हत्या है और दहेज के लिए उन्हें मारा गया।

दहेज हत्या मामले में आरोपी गिरिबाला सिंह को 15 मई को ₹50,000 का मुचलका भरने के बाद अंतरिम जमानत दे दी गई थी। पति समर्थ सिंह अभी भी फरार हैं। यह ऐसे समय में आया है जब न्यायिक पदों पर बैठे लोगों की जवाबदेही को लेकर देशभर में बहस तेज़ है।

आगे क्या होगा

ट्विशा के परिवार की प्राथमिक माँग एम्स भोपाल में दूसरा पोस्टमार्टम कराने की है, जो अभी तक लंबित है। फरार समर्थ सिंह की गिरफ्तारी और कॉल लिस्ट में शामिल लोगों से पूछताछ अब इस मामले की अगली बड़ी कड़ी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस व्यवस्था की परीक्षा है जिसमें न्यायपालिका, पुलिस और प्रशासन के लोग एक ही आरोपी के इर्द-गिर्द घटना के तुरंत बाद एकत्रित होते दिखते हैं। कॉल लिस्ट में लोकायुक्त जज और IAS अधिकारी का नाम होना — चाहे कारण कुछ भी हो — जाँच की स्वतंत्रता पर स्वाभाविक संदेह पैदा करता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने गिरिबाला सिंह के नशे वाले दावे को खारिज कर दिया, फिर भी दूसरा पोस्टमार्टम अभी तक नहीं हुआ — यह देरी खुद सवाल है। जब तक फरार समर्थ सिंह गिरफ्तार नहीं होते और कॉल लिस्ट के लोगों से स्वतंत्र एजेंसी पूछताछ नहीं करती, न्याय की माँग महज कागज़ी रहेगी।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्विशा शर्मा की मौत कैसे हुई?
33 वर्षीया ट्विशा शर्मा की 12 मई की रात भोपाल में अपने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई। पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया है, जबकि परिवार का आरोप है कि दहेज के लिए उनकी हत्या की गई।
गिरिबाला सिंह की कॉल लिस्ट में किन-किन के नाम हैं?
वकील द्वारा जारी सूची में IAS मनु श्रीवास्तव , लोकायुक्त जस्टिस सत्येंद्र कुमार सिंह , डॉ. राजबाला सिंह भदौरिया , और CCTV ऑपरेटर रोहित विश्वकर्मा व विनोद वाणी के नाम कथित तौर पर शामिल हैं। ये सभी कॉल 12 से 14 मई के बीच की बताई जा रही हैं।
गिरिबाला सिंह को जमानत कब और कैसे मिली?
दहेज हत्या मामले में आरोपी गिरिबाला सिंह को 15 मई को ₹50,000 का मुचलका भरने के बाद अंतरिम जमानत दी गई। वे भोपाल की पूर्व जिला जज और वर्तमान में उपभोक्ता फोरम की अध्यक्ष हैं।
समर्थ सिंह कौन हैं और वे अभी कहाँ हैं?
समर्थ सिंह ट्विशा शर्मा के पति और पेशे से वकील हैं। वे इस मामले में सह-आरोपी हैं और घटना के बाद से फरार चल रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है।
ट्विशा शर्मा के परिवार की मुख्य माँगें क्या हैं?
परिवार की प्रमुख माँग एम्स भोपाल में दूसरा पोस्टमार्टम कराने की है, जो अभी लंबित है। इसके अलावा वे फरार समर्थ सिंह की गिरफ्तारी और कॉल लिस्ट में शामिल सभी लोगों से स्वतंत्र एजेंसी द्वारा पूछताछ की माँग कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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