ट्विशा शर्मा केस: पिता नवनिधि शर्मा बोले — सीबीआई जांच पर पूरा भरोसा, गिरिबाला का प्रभाव था शुरू से
सारांश
मुख्य बातें
भोपाल की एक अदालत में मंगलवार को हुई सुनवाई के बाद पूर्व मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने स्पष्ट किया कि उनका परिवार शुरू से यह आरोप लगाता रहा है कि शुरुआती जांच में आरोपी सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के प्रभाव के कारण संस्थागत पक्षपात और प्रक्रियागत अनियमितताएँ थीं। साथ ही, उन्होंने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की चल रही जांच पर पूर्ण विश्वास जताते हुए कहा कि कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से सच्चाई सामने आएगी।
परिवार का पक्ष: शुरू से उठाते रहे हैं सवाल
नवनिधि शर्मा और ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा दिल्ली से भोपाल आकर सुनवाई में शामिल हुए। नवनिधि शर्मा ने कहा, 'हमारा पहले दिन से यही रुख रहा है कि गिरिबाला सिंह के प्रभाव के कारण जांच में संस्थागत पूर्वाग्रह और प्रक्रियात्मक अनियमितता थी। ये चिंताएं हाल ही में नहीं उठाई गईं — हम शुरू से ही यही कहते आ रहे हैं।'
उन्होंने यह भी जोड़ा कि परिवार सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन कर रहा है और ऐसे किसी भी सार्वजनिक बयान से बच रहा है जो चल रही कार्यवाही को प्रभावित कर सकता हो।
सीबीआई जांच पर भरोसा
शुरुआती जांच को लेकर गंभीर आरोपों के बावजूद नवनिधि शर्मा ने कहा कि वे अभी सीबीआई के जांच के तरीके से संतुष्ट हैं। उनके अनुसार, 'एजेंसी अपना काम कर रही है और हमें विश्वास है कि न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से सच्चाई सामने आएगी।' परिवार को उम्मीद है कि ट्विशा शर्मा को न्याय मिलेगा।
दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली
सुनवाई के दौरान ट्विशा की ओर से पैरवी कर रहे वकील शुभांग दीक्षित ने पत्रकारों को बताया कि सीबीआई ने अदालत को सूचित किया है कि उसे अब तक दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है, जो इस मामले की जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह रिपोर्ट मौत के कारणों को लेकर अहम तथ्य उजागर कर सकती है।
गिरिबाला सिंह की अदालत में अर्जियाँ
कार्यवाही के दौरान सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह ने जेल में समाचार पत्रों और कानूनी परामर्श तक पहुँच को लेकर चिंता जताई। उन्होंने हिंदी और अंग्रेजी अखबारों के पूर्ण संस्करण उपलब्ध कराने और अपने वकीलों से मुलाकात के लिए अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया।
गिरिबाला सिंह ने अपने बेटे और सह-आरोपी समर्थ सिंह तथा अपने वकील से मिलने की अनुमति भी माँगी, ताकि बचाव पक्ष का बेहतर समन्वय हो सके। इसके अलावा उन्होंने ट्विशा के परिवार के सदस्यों के सार्वजनिक बयानों पर आपत्ति जताते हुए अदालत से उचित निर्देश देने का आग्रह किया।
न्यायिक हिरासत 30 जून तक बढ़ी
सीबीआई जांच जारी रहने के मद्देनजर अदालत ने मंगलवार, 16 जून को गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 30 जून तक बढ़ा दी। यह मामला आने वाले हफ्तों में और अहम मोड़ ले सकता है, खासकर जब दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।