2 अगस्त 2026
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ट्विशा शर्मा केस: पिता नवनिधि शर्मा बोले — सीबीआई जांच पर पूरा भरोसा, गिरिबाला का प्रभाव था शुरू से

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ट्विशा शर्मा केस: पिता नवनिधि शर्मा बोले — सीबीआई जांच पर पूरा भरोसा, गिरिबाला का प्रभाव था शुरू से

सारांश

ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने भोपाल अदालत से बाहर कहा — शुरुआती जांच में गिरिबाला सिंह का प्रभाव था, लेकिन सीबीआई पर भरोसा है। दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली। गिरिबाला और समर्थ सिंह की हिरासत 30 जून तक बढ़ाई गई।

मुख्य बातें

नवनिधि शर्मा ने कहा कि गिरिबाला सिंह के प्रभाव से जांच में पक्षपात की बात वे पहले दिन से कहते आ रहे हैं।
परिवार ने सीबीआई की चल रही जांच पर पूर्ण भरोसा जताया और न्याय की उम्मीद व्यक्त की।
सीबीआई को अब तक दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई, जो जांच का अहम हिस्सा है।
गिरिबाला सिंह ने जेल में अखबार व कानूनी परामर्श की सुविधा और बेटे समर्थ सिंह से मुलाकात की अनुमति माँगी।
अदालत ने गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 30 जून 2026 तक बढ़ा दी।

भोपाल की एक अदालत में मंगलवार को हुई सुनवाई के बाद पूर्व मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने स्पष्ट किया कि उनका परिवार शुरू से यह आरोप लगाता रहा है कि शुरुआती जांच में आरोपी सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के प्रभाव के कारण संस्थागत पक्षपात और प्रक्रियागत अनियमितताएँ थीं। साथ ही, उन्होंने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की चल रही जांच पर पूर्ण विश्वास जताते हुए कहा कि कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से सच्चाई सामने आएगी।

परिवार का पक्ष: शुरू से उठाते रहे हैं सवाल

नवनिधि शर्मा और ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा दिल्ली से भोपाल आकर सुनवाई में शामिल हुए। नवनिधि शर्मा ने कहा, 'हमारा पहले दिन से यही रुख रहा है कि गिरिबाला सिंह के प्रभाव के कारण जांच में संस्थागत पूर्वाग्रह और प्रक्रियात्मक अनियमितता थी। ये चिंताएं हाल ही में नहीं उठाई गईं — हम शुरू से ही यही कहते आ रहे हैं।'

उन्होंने यह भी जोड़ा कि परिवार सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन कर रहा है और ऐसे किसी भी सार्वजनिक बयान से बच रहा है जो चल रही कार्यवाही को प्रभावित कर सकता हो।

सीबीआई जांच पर भरोसा

शुरुआती जांच को लेकर गंभीर आरोपों के बावजूद नवनिधि शर्मा ने कहा कि वे अभी सीबीआई के जांच के तरीके से संतुष्ट हैं। उनके अनुसार, 'एजेंसी अपना काम कर रही है और हमें विश्वास है कि न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से सच्चाई सामने आएगी।' परिवार को उम्मीद है कि ट्विशा शर्मा को न्याय मिलेगा।

दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली

सुनवाई के दौरान ट्विशा की ओर से पैरवी कर रहे वकील शुभांग दीक्षित ने पत्रकारों को बताया कि सीबीआई ने अदालत को सूचित किया है कि उसे अब तक दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है, जो इस मामले की जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह रिपोर्ट मौत के कारणों को लेकर अहम तथ्य उजागर कर सकती है।

गिरिबाला सिंह की अदालत में अर्जियाँ

कार्यवाही के दौरान सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह ने जेल में समाचार पत्रों और कानूनी परामर्श तक पहुँच को लेकर चिंता जताई। उन्होंने हिंदी और अंग्रेजी अखबारों के पूर्ण संस्करण उपलब्ध कराने और अपने वकीलों से मुलाकात के लिए अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया।

गिरिबाला सिंह ने अपने बेटे और सह-आरोपी समर्थ सिंह तथा अपने वकील से मिलने की अनुमति भी माँगी, ताकि बचाव पक्ष का बेहतर समन्वय हो सके। इसके अलावा उन्होंने ट्विशा के परिवार के सदस्यों के सार्वजनिक बयानों पर आपत्ति जताते हुए अदालत से उचित निर्देश देने का आग्रह किया।

न्यायिक हिरासत 30 जून तक बढ़ी

सीबीआई जांच जारी रहने के मद्देनजर अदालत ने मंगलवार, 16 जून को गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 30 जून तक बढ़ा दी। यह मामला आने वाले हफ्तों में और अहम मोड़ ले सकता है, खासकर जब दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो राज्य-स्तरीय जांच एजेंसियाँ कितनी स्वतंत्र रह पाती हैं। परिवार का यह कहना कि पक्षपात की शिकायत 'पहले दिन से' थी, लेकिन सुनवाई अब हो रही है — यह संस्थागत जवाबदेही की कमज़ोरी को उजागर करता है। दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अदालत तक न पहुँचना जांच की गति पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों का हवाला देकर परिवार का संयम बरतना दर्शाता है कि वे न्यायपालिका पर भरोसा कर रहे हैं — लेकिन यह भरोसा तभी टिकेगा जब जांच पारदर्शी और समयबद्ध हो।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्विशा शर्मा केस में सीबीआई की जांच कहाँ तक पहुँची है?
सीबीआई की जांच जारी है और अदालत को बताया गया है कि दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी तक एजेंसी को प्राप्त नहीं हुई है, जो मामले की जांच का अहम हिस्सा है। आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 30 जून 2026 तक बढ़ा दी गई है।
नवनिधि शर्मा ने शुरुआती जांच पर क्या आरोप लगाए हैं?
ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा का आरोप है कि आरोपी सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के प्रभाव के कारण शुरुआती जांच में संस्थागत पूर्वाग्रह और प्रक्रियात्मक अनियमितताएँ थीं। उनके अनुसार, यह चिंता पहले दिन से जताई जाती रही है, कोई नई बात नहीं है।
गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह कौन हैं?
गिरिबाला सिंह एक सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश हैं जो ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में मुख्य आरोपी हैं। समर्थ सिंह उनके बेटे और इस मामले में सह-आरोपी हैं। दोनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट क्यों महत्वपूर्ण है?
दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट ट्विशा शर्मा की मौत के कारणों को लेकर अतिरिक्त चिकित्सकीय साक्ष्य उपलब्ध करा सकती है। सीबीआई ने अदालत को बताया है कि यह रिपोर्ट अभी तक उन्हें नहीं मिली है, जिससे जांच की प्रगति पर सवाल उठ रहे हैं।
परिवार सार्वजनिक बयानों में संयम क्यों बरत रहा है?
नवनिधि शर्मा के अनुसार, परिवार सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन कर रहा है और ऐसे बयानों से बच रहा है जो चल रही कार्यवाही को प्रभावित कर सकते हों। वे न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए चाहते हैं कि जांच बिना किसी बाहरी दबाव के जारी रहे।
राष्ट्र प्रेस
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