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ट्विशा शर्मा केस: पिता ने MP हाई कोर्ट में लीगल एड वकीलों की जांच की मांग की, 16 जून को खत्म होगी गिरिबाला-समर्थ की हिरासत

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ट्विशा शर्मा केस: पिता ने MP हाई कोर्ट में लीगल एड वकीलों की जांच की मांग की, 16 जून को खत्म होगी गिरिबाला-समर्थ की हिरासत

सारांश

ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने MP हाई कोर्ट में लीगल एड वकीलों पर आरोपी पक्ष का समर्थन करने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। एक तस्वीर में लीगल एड वकील को समर्थ सिंह की शादी में नाचते दिखाया गया है। 16 जून को गिरिबाला-समर्थ की हिरासत का फैसला होगा।

मुख्य बातें

नवनिधि शर्मा ने MP हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और MP राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के समक्ष शिकायत दर्ज कराई।
लीगल एड असिस्टेंट एडवोकेट श्रेयस सक्सेना को समर्थ सिंह की शादी में नाचते दिखाती तस्वीर शिकायत के साथ संलग्न।
15 मई की अग्रिम जमानत सुनवाई में सक्सेना कथित तौर पर आरोपी के निजी वकील के साथ कोर्ट में मौजूद थे।
चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल रीना वर्मा का नाम भी शिकायत में शामिल।
पूर्व जज गिरिबाला सिंह और बेटे समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 16 जून 2026 को समाप्त; उस दिन अदालत में पेश किया जाएगा।
2 जून से भोपाल सेंट्रल जेल में बंद दोनों आरोपियों के लिए अब तक कोई पुलिस रिमांड नहीं माँगी गई।

ट्विशा शर्मा मौत मामले में नवनिधि शर्मा ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें 'लीगल एड डिफेंस काउंसिल स्कीम' से जुड़े कुछ वकीलों और एक अधिकारी की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। इस बीच, सीबीआई की जांच जारी है और मुख्य आरोपी गिरिबाला सिंह तथा उनके बेटे समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 16 जून 2026 को समाप्त हो रही है।

शिकायत में क्या आरोप लगाए गए

शिकायत के अनुसार, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को निःशुल्क कानूनी सहायता देने के उद्देश्य से नियुक्त कुछ वकील कथित तौर पर आरोपी पक्ष का समर्थन करते नजर आए। नवनिधि शर्मा ने आरोप लगाया है कि इन वकीलों की नियुक्ति भोपाल में गिरिबाला सिंह के जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्यकाल के दौरान हुई थी।

शिकायत के साथ एक तस्वीर भी संलग्न की गई है, जिसमें लीगल एड डिफेंस काउंसिल स्कीम के असिस्टेंट एडवोकेट श्रेयस सक्सेना को समर्थ सिंह की शादी में नृत्य करते हुए दिखाया गया है। इसके अलावा, शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि 15 मई को अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान सक्सेना कोर्ट में आरोपी के निजी वकील के साथ उपस्थित थे।

चीफ लीगल एड काउंसिल का नाम भी शामिल

नवनिधि शर्मा ने अपनी शिकायत में 'चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल' रीना वर्मा का नाम भी शामिल किया है। उन्होंने सवाल उठाया है कि जब आरोपी के पास पहले से निजी वकील मौजूद था, तो लीगल एड वकीलों ने सक्रिय भूमिका क्यों निभाई — यह सवाल कानूनी सहायता प्रणाली की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।

शिकायत में एक अज्ञात व्यक्ति की पहचान और घटनाक्रम में उसकी भूमिका को लेकर भी स्पष्टीकरण मांगा गया है, जिसे कथित तौर पर ब्यूटी पार्लर और बाद में विवाह समारोह में देखा गया था।

परिवार के वकील का बयान

अदालत में ट्विशा शर्मा के परिवार का पक्ष रख रहे वकील अंकुर पांडे ने कहा, "हमने संबंधित अधिकारियों को शिकायत भेज दी है और अब इस मामले में कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।" पांडे ने शुक्रवार को यह बयान दिया।

सीबीआई जांच और हिरासत की स्थिति

ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई की जांच फिलहाल जारी है। पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को 2 जून को भोपाल सेंट्रल जेल भेजा गया था। उनकी न्यायिक हिरासत 16 जून 2026 को समाप्त होगी, जिस दिन सीबीआई दोनों को अदालत में पेश करेगी।

गौरतलब है कि सीबीआई ने पहले अदालत को बताया था कि आवश्यकता पड़ने पर वह रिमांड की मांग करेगी। हालांकि, 2 जून से अब तक किसी पुलिस रिमांड की मांग नहीं की गई है। 16 जून की सुनवाई में यह तय होगा कि न्यायिक हिरासत बढ़ाई जाए या आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड दिया जाए।

यह मामला ऐसे समय में और पेचीदा होता जा रहा है जब कानूनी सहायता प्रणाली की निष्पक्षता पर उठे सवाल न्यायिक जवाबदेही की व्यापक बहस को हवा दे रहे हैं। आने वाले दिनों में हाई कोर्ट की प्रतिक्रिया और सीबीआई की अगली कार्रवाई इस मामले की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन विवाह समारोह की तस्वीर जैसे ठोस साक्ष्य के साथ दायर यह शिकायत अदालत के लिए नजरअंदाज करना मुश्किल होगा। 16 जून की सुनवाई सिर्फ हिरासत का सवाल नहीं — यह इस बात का भी पैमाना होगी कि सीबीआई जांच की धार कितनी तेज है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्विशा शर्मा के पिता ने MP हाई कोर्ट में क्या शिकायत दर्ज कराई है?
नवनिधि शर्मा ने MP हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और MP राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें 'लीगल एड डिफेंस काउंसिल स्कीम' के कुछ वकीलों और एक अधिकारी की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। आरोप है कि ये वकील आरोपी पक्ष का समर्थन करते नजर आए।
श्रेयस सक्सेना पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
लीगल एड डिफेंस काउंसिल स्कीम के असिस्टेंट एडवोकेट श्रेयस सक्सेना पर आरोप है कि वे 15 मई को अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान आरोपी के निजी वकील के साथ कोर्ट में मौजूद थे। शिकायत के साथ एक तस्वीर भी संलग्न की गई है, जिसमें उन्हें समर्थ सिंह की शादी में नाचते दिखाया गया है।
गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत कब समाप्त होगी?
पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 16 जून 2026 को समाप्त होगी। उस दिन सीबीआई दोनों को अदालत में पेश करेगी, जहाँ यह तय होगा कि हिरासत बढ़ाई जाए या पुलिस रिमांड दिया जाए।
ट्विशा शर्मा मामले में सीबीआई की जांच की अब तक क्या स्थिति है?
सीबीआई की जांच जारी है। गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को 2 जून को भोपाल सेंट्रल जेल भेजा गया था और तब से अब तक कोई पुलिस रिमांड नहीं माँगी गई है। सीबीआई ने पहले कहा था कि आवश्यकता पड़ने पर वह रिमांड की मांग करेगी।
लीगल एड डिफेंस काउंसिल स्कीम क्या है और इस पर सवाल क्यों उठे?
यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को निःशुल्क कानूनी सहायता देने के लिए बनाई गई है। ट्विशा केस में आरोप है कि इस योजना के तहत नियुक्त कुछ वकील आरोपी पक्ष का समर्थन करते नजर आए, जबकि आरोपी के पास पहले से निजी वकील भी मौजूद था — जो इस प्रणाली की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
राष्ट्र प्रेस
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