ट्विशा शर्मा केस: पूर्व जज गिरिबाला की अग्रिम जमानत रद्द, पिता नवनिधि शर्मा ने CJI और मीडिया का जताया आभार
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने ट्विशा शर्मा की सास और सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द कर दी है। इस बड़े घटनाक्रम के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 28 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में स्थित उनके घर से उन्हें हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। यह मामला ट्विशा की कथित दहेज-संबंधी मौत से जुड़ा है, जो देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
पिता का आभार और न्याय पर विश्वास
ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने ग्रेटर नोएडा में पत्रकारों से बात करते हुए मीडिया, देश के नागरिकों और भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'सबसे पहले मैं मीडिया के दोस्तों और सभी भारतीयों का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा, जिन्होंने न्याय की इस लड़ाई में हमारा साथ दिया है। मैं भारत के मुख्य न्यायाधीश का भी शुक्रिया अदा करना चाहूंगा। इन सभी ने ज़रूरी कदम उठाए हैं और एक मिसाल कायम की है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।'
शर्मा ने हाई कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा बनेगा जो न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हाई कोर्ट का फैसला बहुत अहम है। न्याय की लड़ाई में यह दूसरों के लिए भी एक मिसाल के रूप में काम करेगा।'
CBI की गिरफ्तारी कार्रवाई
CBI की एक टीम, जिसके साथ भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था, 28 मई की सुबह भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में गिरिबाला सिंह के आवास पर पहुंची। स्थानीय पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और गिरफ्तारी की प्रक्रिया के दौरान आम नागरिकों की आवाजाही पर रोक लगा दी। गिरिबाला सिंह पर आरोप है कि उन्होंने अपनी बहू ट्विशा को दहेज के लिए प्रताड़ित किया, जिसके चलते ट्विशा ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।
गौरतलब है कि एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की इस तरह की हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी देश में न्यायपालिका और कानून-व्यवस्था के संदर्भ में एक असाधारण घटना मानी जा रही है।
दहेज हत्या पर समाज को एकजुट होने की अपील
नवनिधि शर्मा ने देश में दहेज से जुड़ी मौतों के बढ़ते मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'आजकल दहेज से जुड़ी मौतें बहुत चिंता का विषय हैं। हमें इस समस्या से बाहर निकलना होगा।' उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर में दहेज उत्पीड़न के मामलों को लेकर सामाजिक जागरूकता की माँग तेज हो रही है।
CBI जांच पर परिवार का भरोसा
शर्मा ने CBI की निष्पक्षता पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा, 'मुझे CBI पर पूरा भरोसा है। उन्होंने पहले भी कई मामलों को सुलझाया है, और मुझे यकीन है कि वे इस मामले में भी न्याय दिलाएंगे।' यह मामला अब CBI की निगरानी में है और आगे की कार्रवाई पर सबकी नज़रें टिकी हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब न्यायपालिका से जुड़े लोगों पर कानूनी कार्रवाई को लेकर देश में बहस तेज है। आने वाले दिनों में CBI की चार्जशीट और अदालत में सुनवाई इस मामले की दिशा तय करेगी।