ट्विशा शर्मा दहेज हत्या केस: गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह को एमएएनआईटी भेजा मेडिकल जांच के लिए
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने गुरुवार, 28 मई 2026 को भोपाल में पूर्व जज गिरिबाला सिंह को उनकी बहू ट्विशा शर्मा की कथित दहेज हत्या के मामले में गिरफ्तार किया और तत्काल उन्हें मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमएएनआईटी) कैंपस में मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया। यह गिरफ्तारी मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा उनकी अग्रिम जमानत रद्द किए जाने के एक दिन बाद की गई।
गिरफ्तारी और मेडिकल जांच का घटनाक्रम
सूत्रों के अनुसार, एमएएनआईटी कैंपस में एक विशेष मेडिकल कैंप पहले से स्थापित किया गया था और मध्य प्रदेश पुलिस से औपचारिक मंजूरी भी पूर्व में ली जा चुकी थी। मेडिकल जांच के दौरान कैंपस में एक एम्बुलेंस भी पहुँचती देखी गई।
सीबीआई की टीम, जिसके साथ भारी पुलिस बल तैनात था, सुबह लगभग 10:30 बजे भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में गिरिबाला सिंह के आवास पर पहुँची। गिरफ्तारी से पहले वहाँ लगभग सात घंटे तक पूछताछ की गई।
न्यायिक प्रक्रिया और कोर्ट की अधिसूचना
सीबीआई अधिकारी गिरफ्तारी के बाद प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज (भोपाल) मनोज कुमार श्रीवास्तव के आवास पर भी पहुँचे और उन्हें गिरफ्तारी के बारे में औपचारिक रूप से सूचित किया। अधिकारियों को इस दौरान गिरफ्तारी से संबंधित दस्तावेज साथ ले जाते हुए देखा गया। सूत्रों ने पुष्टि की है कि सीबीआई शुक्रवार, 29 मई को गिरिबाला सिंह को कोर्ट के समक्ष पेश करेगी।
हाई कोर्ट के आदेश की मुख्य बातें
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने बुधवार, 27 मई को पारित अपने 17 पृष्ठों के आदेश में गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द की। यह जमानत पहले 15 मई को भोपाल की एक जिला अदालत ने दी थी — जो ट्विशा शर्मा की मृत्यु के तीन दिन बाद, 12 मई को, दी गई थी।
हाई कोर्ट ने अपने आदेश में टिप्पणी की कि ट्विशा के परिवार की व्हाट्सऐप चैट और बयानों से स्पष्ट होता है कि आरोप केवल उनके पति तक सीमित नहीं थे। कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि ट्विशा पर कथित तौर पर अपनी प्रेग्नेंसी समाप्त करने का दबाव डाला गया था, और यह तथ्य मामले में स्वीकार्य माना गया।
मामले की पृष्ठभूमि
ट्विशा शर्मा की शादी समर्थ सिंह से 9 दिसंबर 2025 को हुई थी। विवाह के लगभग पाँच महीने बाद, 12 मई 2026 को, वह अपने ससुराल में मृत पाई गईं। परिवार ने दहेज हत्या का आरोप लगाया।
ट्विशा के पति समर्थ सिंह को 22 मई को जबलपुर से गिरफ्तार किया गया था और बुधवार को उन्हें सीबीआई की हिरासत में भेज दिया गया। गौरतलब है कि यह मामला न्यायपालिका से जुड़े परिवार से संबंधित होने के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है।
आगे क्या होगा
सीबीआई द्वारा गिरिबाला सिंह को 29 मई को कोर्ट में पेश किए जाने की उम्मीद है, जहाँ उनकी रिमांड पर फैसला होगा। यह मामला दहेज उत्पीड़न कानूनों के क्रियान्वयन और न्यायिक परिवारों की जवाबदेही की व्यापक बहस को नई दिशा दे सकता है।