ट्विशा शर्मा केस: समर्थ सिंह को भोपाल पुलिस ने हिरासत में लिया, जबलपुर अदालत में किया था आत्मसमर्पण
सारांश
मुख्य बातें
ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के हाई-प्रोफाइल मामले में शुक्रवार, 22 मई को बड़ा मोड़ आया, जब मुख्य आरोपी और ट्विशा के पति समर्थ सिंह ने जबलपुर जिला अदालत में आत्मसमर्पण किया। इसके तुरंत बाद भोपाल पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर भोपाल के लिए रवाना हो गई। इस घटनाक्रम की पुष्टि जबलपुर एसपी ने की है।
आत्मसमर्पण से पहले वापस ली अग्रिम जमानत याचिका
समर्थ सिंह के अधिवक्ता के अनुसार, उन्होंने पहले अपनी अग्रिम जमानत याचिका वापस ली और उसके बाद अदालत में उपस्थित होने का निर्णय लिया। काफी दिनों से फरार चल रहे समर्थ सिंह के अचानक सामने आने से मामले की जाँच में नई गति आने की उम्मीद जताई जा रही है।
पहचान छुपाकर पहुँचे अदालत, पत्रकारों के सवालों पर चुप्पी
अदालत परिसर में समर्थ सिंह ने चश्मा, मास्क और टोपी पहनकर अपनी पहचान छुपाने की कोशिश की। जब पत्रकारों ने उनसे ट्विशा शर्मा की मौत, दहेज प्रताड़ना और उन पर लगे आरोपों के बारे में सवाल पूछे, तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया और पूरी तरह मौन रहे।
ट्विशा के वकील ने उठाए गंभीर सवाल
ट्विशा शर्मा के अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने पूरे घटनाक्रम पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि समर्थ सिंह कोर्ट नंबर 32 — जो जिला एवं सत्र न्यायाधीश का कक्ष है — के अंदर बंद दरवाज़े के पीछे बैठे थे। उन्होंने सवाल किया कि उन्हें वहाँ बैठने की अनुमति किस अधिकार के तहत दी गई।
अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, "इससे साफ समझ आता है कि ज्यूडिशियरी उनके सपोर्ट में कितनी ज़्यादा है। मैं एसआईटी और लोकल पुलिस से माँग करता हूँ कि उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। वे यहाँ सरेंडर करने आए थे, लेकिन जिला जज के चैंबर में दरवाज़ा बंद कर बैठे थे। जब दरवाज़ा खुलवाया गया तो वहाँ से निकलकर बार एसोसिएशन के चैंबर में चले गए।"
आगे क्या होगा
समर्थ सिंह के भोपाल पहुँचने के बाद पुलिस उनसे पूछताछ करेगी। यह मामला दहेज प्रताड़ना और संदिग्ध मौत के गंभीर आरोपों से जुड़ा है। अब जाँच एजेंसियों पर दबाव है कि वे इस केस को तेज़ी से आगे बढ़ाएँ और पारदर्शी तरीके से जाँच पूरी करें।