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सरायकेला में NH-220 पर हाइवा-ट्रेलर की भीषण टक्कर, आग में जलकर दोनों चालकों की मौत

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सरायकेला में NH-220 पर हाइवा-ट्रेलर की भीषण टक्कर, आग में जलकर दोनों चालकों की मौत

सारांश

झारखंड के सरायकेला में एनएच-220 पर रात दो बजे हाइवा और ट्रेलर की आमने-सामने टक्कर के बाद दोनों वाहनों में आग भड़क उठी। ट्रेलर चालक मौके पर जिंदा जला, हाइवा चालक ने अस्पताल में दम तोड़ा। स्थानीय लोगों ने सड़क को फोरलेन बनाने की माँग दोहराई।

मुख्य बातें

सरायकेला-खरसावां जिले में एनएच-220 पर 7 जुलाई की तड़के रात दो बजे हाइवा और ट्रेलर में भीषण टक्कर हुई।
टक्कर के बाद दोनों वाहनों में आग लग गई; ट्रेलर चालक की मौके पर ही जिंदा जलकर मृत्यु हुई।
हाइवा चालक को गंभीर हालत में चाईबासा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसे मृत घोषित किया गया।
दमकल विभाग ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया; दोनों वाहन पूरी तरह जल गए।
मृतकों की पहचान और दुर्घटना के कारणों की जाँच जारी; शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए।
स्थानीय निवासियों ने एनएच-220 को फोरलेन बनाने और स्थायी सड़क सुरक्षा उपाय लागू करने की माँग की।

सरायकेला-खरसावां जिले में राजनगर-चाईबासा मुख्य मार्ग (एनएच-220) पर मंगलवार, 7 जुलाई की तड़के रात करीब दो बजे एक हाइवा और ट्रेलर की आमने-सामने की भीषण टक्कर हुई, जिसके बाद दोनों वाहनों में आग भड़क उठी। इस दर्दनाक हादसे में दोनों वाहनों के चालकों की मौत हो गई।

हादसे का घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार यह दुर्घटना राजनगर थाना क्षेत्र के रोला-खैरबनी मोड़ के निकट हुई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों में तत्काल आग लग गई और वे कुछ ही मिनटों में आग के गोले में तब्दील हो गए। ट्रेलर चालक की मौके पर ही जिंदा जलकर मृत्यु हो गई।

दूसरे वाहन यानी हाइवा के चालक को गंभीर अवस्था में वाहन से बाहर निकाला गया और चाईबासा सदर अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

राहत एवं बचाव कार्य

घटना की सूचना मिलते ही राजनगर थाना पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुँचीं। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक हाइवा और ट्रेलर दोनों पूरी तरह जलकर राख हो चुके थे।

पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चाईबासा सदर अस्पताल भेज दिया है। मृतकों की पहचान और दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए जाँच जारी है।

स्थानीय लोगों की माँग

हादसे के बाद स्थानीय निवासियों ने एक बार फिर एनएच-220 के चौड़ीकरण की माँग उठाई। उनका कहना है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, जबकि सड़क संकरी होने के कारण आए दिन गंभीर दुर्घटनाएँ होती रहती हैं।

स्थानीय लोगों ने केंद्र और राज्य सरकार से इस मार्ग को फोरलेन बनाने और स्थायी सड़क सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की अपील की है। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड के राष्ट्रीय राजमार्गों पर भारी वाहन दुर्घटनाओं की संख्या में चिंताजनक वृद्धि दर्ज की जा रही है।

आगे की कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और परिजनों को सूचित किया जा रहा है। दुर्घटना के कारणों — जिसमें अत्यधिक गति, सड़क की स्थिति और रात्रि दृश्यता की कमी शामिल हो सकती है — की जाँच की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस नीतिगत उदासीनता का परिणाम है जो झारखंड के भारी-वाहन मार्गों पर वर्षों से जारी है। एनएच-220 पर संकरी सड़क और भारी वाहनों के बेतहाशा दबाव का यह घातक संयोग पहली बार सामने नहीं आया — स्थानीय निवासी लंबे समय से फोरलेन की माँग करते रहे हैं, पर सुनवाई नहीं हुई। असली सवाल यह है कि क्या दो चालकों की मौत के बाद भी सरकार इस मार्ग के चौड़ीकरण को प्राथमिकता देगी, या यह माँग अगली दुर्घटना तक फिर फाइलों में दब जाएगी।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सरायकेला हाइवा-ट्रेलर दुर्घटना कब और कहाँ हुई?
यह दुर्घटना 7 जुलाई की तड़के रात करीब दो बजे सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर थाना क्षेत्र में एनएच-220 पर रोला-खैरबनी मोड़ के पास हुई। हाइवा और ट्रेलर की आमने-सामने की टक्कर के बाद दोनों वाहनों में आग लग गई।
इस हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
हादसे में दोनों वाहनों के चालकों की मौत हुई। ट्रेलर चालक की मौके पर ही जिंदा जलकर मृत्यु हो गई, जबकि हाइवा चालक ने चाईबासा सदर अस्पताल में दम तोड़ा।
आग पर काबू पाने में कितना समय लगा?
राजनगर थाना पुलिस और दमकल विभाग की टीमों ने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तब तक हाइवा और ट्रेलर दोनों पूरी तरह जलकर नष्ट हो चुके थे।
स्थानीय लोगों ने क्या माँग की है?
हादसे के बाद स्थानीय निवासियों ने एनएच-220 को फोरलेन बनाने और स्थायी सड़क सुरक्षा उपाय लागू करने की माँग की है। उनका कहना है कि सड़क संकरी होने और भारी वाहनों के बढ़ते दबाव के कारण इस मार्ग पर आए दिन गंभीर दुर्घटनाएँ होती हैं।
मृतकों की पहचान हुई या नहीं?
पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान की प्रक्रिया अभी जारी है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए चाईबासा सदर अस्पताल भेजा गया है और दुर्घटना के कारणों की जाँच की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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