गुंटूर में दो ट्रकों की आमने-सामने टक्कर, आग में दो ड्राइवर और एक हेल्पर जिंदा जले
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में बुधवार, 1 जुलाई 2026 की सुबह करीब 6 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन लोगों की जलकर मौत हो गई। प्रतिपाडु मंडल के बोयापालेम गाँव के पास नेशनल हाईवे-16 पर दो ट्रक आमने-सामने टकरा गए, जिसके बाद दोनों वाहनों में भीषण आग भड़क उठी। हादसे में दो ड्राइवर और एक हेल्पर की मौके पर ही जलकर मौत हो गई।
हादसे का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, एक ट्रक कुरनूल से गुंटूर की ओर और दूसरी गुंटूर से चिलकलुरिपेट की ओर कागज का सामान लेकर जा रही थी। बोयापालेम के पास दोनों वाहन सीधे आमने-सामने भिड़ गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों ट्रकों में तत्काल आग लग गई और देखते ही देखते वे पूरी तरह आग की लपटों में घिर गए।
नरहरी इंस्पेक्टर ने बताया कि दोनों वाहन NH-16 पर विपरीत दिशाओं से आ रहे थे। आग इतनी तेज़ी से फैली कि अंदर फँसे तीनों लोगों को बाहर निकालना संभव नहीं हो सका।
राहत एवं बचाव कार्य
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिसकर्मी और दमकल दल मौके पर पहुँचे। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया, जबकि पुलिस ने यातायात को सर्विस रोड की ओर डायवर्ट किया। दोनों जलती हुई लॉरियों की वजह से नेशनल हाईवे पर लंबा जाम लग गया, जिससे आसपास के इलाकों में यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा।
आंध्र प्रदेश में सड़क हादसों का सिलसिला
यह हादसा ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की घटनाएँ लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। गौरतलब है कि इससे पहले 23 जून 2026 को पूर्वी गोदावरी जिले में भी एक भीषण सड़क हादसा हो चुका है। समरलाकोटा के गुम्मादिवेदी गाँव के प्रवासी मजदूर 16 जून को गुंटूर के पास कोल्लुरु में कंक्रीट फेंसिंग का काम करने गए थे। वापस लौटते समय मध्यरात्रि में ड्राइवर की लापरवाही के चलते उनकी बोलेरो गाड़ी पलट गई — गाड़ी में निर्माण सामग्री भी लदी होने से हादसा और गंभीर हो गया।
उस हादसे में मसाकापल्ली बालू, मुरामाला राजकुमार और ताथापुडी राजेश — तीनों गुम्मादिवेदी गाँव के निवासी — की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 9 लोग घायल हुए थे। घायलों को पेड्डापुरम के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
आम जनता और यातायात पर असर
NH-16 पर लगे भारी जाम के कारण आसपास के जिलों से गुज़रने वाले वाहन घंटों फँसे रहे। प्रशासन ने वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की, लेकिन सुबह के व्यस्त समय में यह हादसा आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बना। राज्य में बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए परिवहन विशेषज्ञ हाईवे सुरक्षा मानकों की समीक्षा की माँग कर रहे हैं।
आगे की जाँच
पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है और हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने की कोशिश जारी है। प्रारंभिक जाँच में तेज़ रफ्तार और सुबह के कम दृश्यता वाले समय को हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया भी जारी है।