ट्विशा शर्मा केस: पति समर्थ सिंह जबलपुर कोर्ट पहुंचे, ट्विशा के वकील बोले — 'न्यायपालिका उनके समर्थन में'
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश में मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला 22 मई 2026 को एक नए और अहम मोड़ पर पहुंच गया, जब मुख्य आरोपी और ट्विशा के पति समर्थ सिंह जबलपुर जिला अदालत परिसर में प्रकट हुए। काफी दिनों से फरार चल रहे समर्थ के अचानक सामने आने के बाद इस हाई-प्रोफाइल मामले में जांच की रफ्तार तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
अदालत में समर्थ सिंह का आगमन
समर्थ सिंह के वकील सौरभ सुंदर ने मीडिया को बताया कि उनके मुवक्किल ने पहले अपनी अग्रिम जमानत याचिका वापस ली और फिर आत्मसमर्पण का निर्णय लिया। उन्होंने कहा, 'मुझे 5 मिनट दीजिए, वह सरेंडर करने के लिए यहीं मौजूद है। वह सरेंडर करेगा। हम सीजेएम के समक्ष एक अर्जी दाखिल कर रहे हैं। हम अर्जी दाखिल करेंगे, उसका जो भी नतीजा होगा, हम आपको बता देंगे। बस 5 मिनट इंतजार कीजिए।'
समर्थ सिंह अदालत परिसर में चश्मा, मास्क और टोपी पहनकर पहुंचे थे, ताकि उनकी पहचान छुप सके। पत्रकारों ने उनसे ट्विशा की मौत, दहेज प्रताड़ना और उन पर लगे आरोपों को लेकर सवाल पूछे, लेकिन समर्थ ने पूरी तरह चुप्पी साधे रखी और किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया।
ट्विशा के वकील का गंभीर आरोप
ट्विशा शर्मा की ओर से पैरवी कर रहे वकील अनुराग श्रीवास्तव ने इस मामले में न्यायपालिका की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने मीडिया से कहा, 'इससे पहले, वह कोर्ट नंबर 32 के अंदर बैठे हुए थे, जो कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश का कोर्टरूम है, और उसके दरवाजे बंद थे। उन्हें किस अधिकार के तहत उस कमरे में बैठने की अनुमति दी गई थी?'
श्रीवास्तव ने आगे कहा, 'इससे समझ में आता है कि ज्यूडिशियरी उनके सपोर्ट में कितनी ज्यादा है। मैं एसआईटी और लोकल पुलिस को कहना चाहता हूं कि उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कीजिए। उनको तुरंत अरेस्ट किया जाए।' उन्होंने यह भी बताया कि जब उन्होंने जिला जज के बंद कमरे का दरवाजा खुलवाया, तो समर्थ वहां से भागे और बाद में बार एसोसिएशन के चैंबर में जाकर बैठ गए।
मामले की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि ट्विशा शर्मा मध्य प्रदेश की एक जानी-मानी मॉडल और अभिनेत्री थीं, जिनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे प्रदेश में हलचल मचा दी। इस मामले में दहेज प्रताड़ना और हत्या के आरोप लगाए गए हैं। एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है। समर्थ सिंह के फरार रहने के दौरान पुलिस पर मामले को दबाने के आरोप भी लगते रहे हैं।
आगे क्या होगा
समर्थ सिंह के अदालत परिसर में आने के बाद अब सीजेएम के समक्ष अर्जी दाखिल होने की प्रक्रिया के बाद उनकी गिरफ्तारी या न्यायिक हिरासत की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। ट्विशा के वकील ने एसआईटी से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। यह मामला मध्य प्रदेश की न्यायिक और पुलिस प्रणाली दोनों के लिए एक बड़ी परीक्षा बनता जा रहा है।