ट्विशा शर्मा हत्याकांड: आरोपी समर्थ सिंह के हर बयान की क्रॉस-चेकिंग जारी, भोपाल पुलिस आयुक्त बोले
सारांश
मुख्य बातें
कथित दहेज हत्या के आरोप में गिरफ्तार समर्थ सिंह से सोमवार, 26 मई 2025 को भोपाल में गहन पूछताछ की गई। भोपाल पुलिस आयुक्त संजय सिंह ने पत्रकारों को बताया कि आरोपी के हर बयान की बारीकी से क्रॉस-चेकिंग की जा रही है, इसीलिए पूछताछ की प्रक्रिया में अपेक्षाकृत अधिक समय लग रहा है। यह मामला मॉडल-अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की 12 मई को कटारा हिल्स, भोपाल स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से जुड़ा है।
पूछताछ में देरी क्यों
पुलिस आयुक्त संजय सिंह ने स्पष्ट किया कि कोई भी आरोपी स्वाभाविक रूप से गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने तरीके से बयान देता है। उन्होंने कहा, 'इसीलिए पूछताछ में समय लग रहा है, क्योंकि उसके हर बयान की साथ-साथ जांच करनी होती है।' जांचकर्ताओं के अनुसार, कोई भी तथ्य बिना सत्यापन के स्वीकार नहीं किया जा रहा।
दस दिन की फरारी पर चुप्पी
जब आयुक्त से पूछा गया कि 12 मई को शव मिलने के बाद समर्थ सिंह लगभग दस दिनों तक कहाँ छिपा रहा, तो उन्होंने विवरण देने से इनकार करते हुए कहा कि यह चल रही जांच का हिस्सा है। गौरतलब है कि समर्थ सिंह को जबलपुर जिला न्यायालय परिसर से हिरासत में लिया गया था, जब उनका कथित आत्मसमर्पण का प्रयास विफल रहा। उन्हें शुक्रवार देर रात भोपाल लाया गया और शनिवार को स्थानीय अदालत ने उन्हें सात दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
सास गिरिबाला सिंह की भूमिका की जांच
आयुक्त ने बताया कि समर्थ की माँ गिरिबाला सिंह से प्रारंभिक पूछताछ हो चुकी है, जबकि कई अन्य पहलुओं पर जांच अभी जारी है। पुलिस की एक टीम उनके आवास पर भी गई थी। जांच में संभावित हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज करते हुए आयुक्त ने दृढ़ता से कहा कि मामले की फाइल के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं हुई है।
सीबीआई जांच की तैयारी
मध्य प्रदेश सरकार पहले ही इस मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच की सिफारिश कर चुकी है। आयुक्त ने बताया कि सीबीआई टीम के औपचारिक रूप से कार्यभार संभालने के बाद केस डायरी सौंप दी जाएगी और तब तक भोपाल पुलिस जांच जारी रखेगी।
मामले की पृष्ठभूमि
33 वर्षीय ट्विशा शर्मा 12 मई को कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में फाँसी पर लटकी हुई पाई गई थीं। रविवार को एम्स दिल्ली के डॉक्टरों की टीम द्वारा दूसरा पोस्टमार्टम किए जाने के बाद भोपाल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। परिवार ने दहेज उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाया है, जबकि आरोपी पक्ष ने अब तक इन आरोपों से इनकार किया है।