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हजरतगंज हत्याकांड: श्रद्धा दुबे समेत तीन आरोपियों को नागपुर से 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड, STF लखनऊ रवाना

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हजरतगंज हत्याकांड: श्रद्धा दुबे समेत तीन आरोपियों को नागपुर से 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड, STF लखनऊ रवाना

सारांश

हजरतगंज हत्याकांड के तीनों फरार आरोपी — श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और तनवीर अली — नागपुर से गिरफ्तार। 900 किलोमीटर की दूरी के मद्देनज़र नागपुर जिला अदालत ने 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मंजूर की; STF टीम लखनऊ रवाना।

मुख्य बातें

हजरतगंज हत्याकांड के तीनों वांछित आरोपियों को 20 अक्टूबर 2026 को नागपुर के एक अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 1105 से गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों में श्रद्धा दुबे (28-32 वर्ष), बहन रश्मि दुबे (28 वर्ष) और चालक तनवीर अली उर्फ दानिश शामिल हैं।
नागपुर जिला न्यायालय ने तीनों के लिए 72 घंटे का ट्रांजिट रिमांड मंजूर किया।
नागपुर से लखनऊ की दूरी लगभग 900 किलोमीटर होने के कारण ट्रांजिट रिमांड की अपील की गई थी।
यह मुकदमा थाना हजरतगंज में 10 अक्टूबर को दर्ज हुआ था; STF टीम अब आरोपियों को लखनऊ ले जा रही है।

लखनऊ पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को नागपुर जिला न्यायालय से बड़ी कामयाबी मिली है — हजरतगंज हत्याकांड में वांछित तीनों फरार आरोपियों को लखनऊ ले जाने के लिए अदालत ने 72 घंटे का ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर दिया है। गिरफ्तार आरोपियों में श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और चालक तनवीर अली उर्फ दानिश शामिल हैं, जिन्हें 20 अक्टूबर 2026 को नागपुर के एक अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया गया था।

गिरफ्तारी का विवरण

थानाध्यक्ष शिवमंगल सिंह के नेतृत्व में बनी संयुक्त पुलिस टीम ने नागपुर के थाना बेलतरोड़ी के सहयोग और महिला एएसआई स्नेहलता जयभारे (बैज संख्या 5077) की उपस्थिति में 20 अक्टूबर 2026 को शाम 4 बजे एक अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 1105 से तीनों आरोपियों को विधिपूर्वक हिरासत में लिया। यह गिरफ्तारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, लखनऊ द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट और सहायक पुलिस आयुक्त, हजरतगंज द्वारा गठित कमेटी के आदेश पर की गई।

गिरफ्तारी के बाद महिला हवालात उपलब्ध न होने के कारण तीनों का मेडिकल परीक्षण नागपुर शहर के थाने में ही कराया गया।

आरोपियों का परिचय

पहली आरोपी श्रद्धा दुबे (आयु 28 से 32 वर्ष के बीच) का हाल का पता 4-B फ्लैट, अवध्रीन अपार्टमेंट, नारायण रोड, सुल्तानगंज, हजरतगंज, लखनऊ है, जबकि उनका मूल निवास 340 पुष्पवाटिका, राजाजीपुरम, मालिकाऊं आईमा, जनपद रायबरेली है।

दूसरी आरोपी रश्मि दुबे (आयु 28 वर्ष) का पता ओमेक्स R2 टावर, फ्लैट नंबर 2, सुशांत गोल्फ सिटी, लखनऊ है। तीसरे आरोपी तनवीर अली उर्फ दानिश का निवास थाना आलमबाग, लखनऊ के अंतर्गत है।

ट्रांजिट रिमांड की ज़रूरत क्यों पड़ी

उत्तर प्रदेश पुलिस ने नागपुर जिला न्यायालय में दिए आवेदन में स्पष्ट किया कि नागपुर से लखनऊ की दूरी लगभग 900 किलोमीटर है, जिसे उचित साधन से तय करने में समय लगेगा। इसी आधार पर 72 घंटे का ट्रांजिट रिमांड माँगा गया ताकि तीनों आरोपियों को समय पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, लखनऊ के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक हिरासत ली जा सके। अदालत ने यह अनुरोध स्वीकार कर लिया।

गौरतलब है कि यह मुकदमा थाना हजरतगंज, कमिश्नरेट, उत्तर प्रदेश में 10 अक्टूबर को पंजीकृत हुआ था। यह ऐसे समय में आया है जब हाई-प्रोफाइल हत्याकांडों में फरार आरोपियों को अंतरराज्यीय सहयोग से पकड़ने की मिसाल पेश हो रही है।

आगे क्या होगा

ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद STF टीम तीनों आरोपियों को लेकर लखनऊ के लिए रवाना हो गई है। रिमांड अवधि के भीतर उन्हें मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, लखनऊ के सामने पेश किया जाएगा, जहाँ न्यायिक हिरासत की प्रक्रिया पूरी होगी। हजरतगंज हत्याकांड की आगे की जाँच और आरोप-पत्र दाखिल करने की दिशा में यह गिरफ्तारी एक अहम कदम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

गिरफ्तारी का यह चरण मात्र पहला पड़ाव है; असली परीक्षा यह होगी कि जाँच एजेंसी अदालत में कितना पुख्ता साक्ष्य प्रस्तुत कर पाती है। यह मामला इस लिहाज से भी उल्लेखनीय है कि महिला आरोपियों की गिरफ्तारी में महिला पुलिसकर्मी की उपस्थिति सुनिश्चित की गई, जो प्रक्रियागत पारदर्शिता के लिए ज़रूरी है।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हजरतगंज हत्याकांड क्या है?
हजरतगंज हत्याकांड लखनऊ के थाना हजरतगंज में 10 अक्टूबर को दर्ज एक हत्या का मामला है। इसमें श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और तनवीर अली उर्फ दानिश वांछित आरोपी थे, जो फरार होकर नागपुर में छिपे हुए थे।
तीनों आरोपियों को कब और कहाँ से गिरफ्तार किया गया?
तीनों आरोपियों को 20 अक्टूबर 2026 को शाम 4 बजे नागपुर के थाना बेलतरोड़ी क्षेत्र के एक अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 1105 से गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी लखनऊ STF और नागपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में हुई।
ट्रांजिट रिमांड क्यों माँगी गई और इसे क्यों मंजूर किया गया?
नागपुर से लखनऊ की दूरी लगभग 900 किलोमीटर है, इसलिए आरोपियों को समय पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, लखनऊ के सामने पेश करने के लिए 72 घंटे का ट्रांजिट रिमांड आवश्यक था। नागपुर जिला न्यायालय ने यह अनुरोध स्वीकार कर लिया।
आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम का नेतृत्व किसने किया?
गिरफ्तारी थानाध्यक्ष शिवमंगल सिंह के नेतृत्व में की गई। महिला आरोपियों की गिरफ्तारी में महिला एएसआई स्नेहलता जयभारे (बैज 5077) की उपस्थिति सुनिश्चित की गई। यह टीम सहायक पुलिस आयुक्त, हजरतगंज द्वारा गठित कमेटी के आदेश पर बनाई गई थी।
अब इन आरोपियों के साथ आगे क्या होगा?
72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड अवधि के भीतर तीनों आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, लखनऊ के समक्ष पेश किया जाएगा, जहाँ न्यायिक हिरासत की प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद हजरतगंज हत्याकांड की विस्तृत जाँच और आरोप-पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
राष्ट्र प्रेस
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