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'माचिस' से रातों-रात स्टार बने चंद्रचूड़ सिंह आज मना रहे हैं 58वाँ जन्मदिन

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'माचिस' से रातों-रात स्टार बने चंद्रचूड़ सिंह आज मना रहे हैं 58वाँ जन्मदिन

सारांश

'माचिस' ने 1996 में चंद्रचूड़ सिंह को रातों-रात स्टार बना दिया — वही शख्स जो कभी आईएएस बनना चाहता था, 'द दून स्कूल' में इतिहास पढ़ाता था और बच्चों को शास्त्रीय संगीत सिखाता था। 58वें जन्मदिन पर उनकी अनूठी यात्रा को याद करने का वक्त।

मुख्य बातें

चंद्रचूड़ सिंह का जन्म 11 अक्टूबर 1968 को नई दिल्ली में हुआ; वे आज अपना 58वाँ जन्मदिन मना रहे हैं।
पिता कैप्टन बलदेव सिंह उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक थे; माँ ओडिशा के बोलांगीर के शाही परिवार से थीं।
'द दून स्कूल' और सेंट स्टीफंस कॉलेज से पढ़ाई के बाद UPSC की तैयारी की, लेकिन बॉलीवुड को चुना।
1996 में 'माचिस' से रातों-रात स्टार बने; फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ पुरुष डेब्यू पुरस्कार मिला।
प्रमुख फिल्मों में 'जोश' , 'क्या कहना' , 'दाग: द फायर' शामिल हैं।
1999 में अवंतिका कुमारी से विवाह; बाद में अलगाव; एक बेटा है।

बॉलीवुड अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह 11 अक्टूबर 2026 को अपना 58वाँ जन्मदिन मना रहे हैं — वही चेहरा जिसने 1990 और 2000 के दशक में अपनी सौम्य स्क्रीन प्रजेंस और प्रभावशाली अभिनय से करोड़ों दर्शकों के दिलों में जगह बनाई। नई दिल्ली में जन्मे इस अभिनेता की ज़िंदगी की कहानी एक आईएएस अफसर बनने के सपने से शुरू होकर बॉलीवुड की चमक तक पहुँचती है।

परिवार और प्रारंभिक जीवन

चंद्रचूड़ सिंह का जन्म 11 अक्टूबर 1968 को नई दिल्ली के एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ। उनके पिता कैप्टन बलदेव सिंह उत्तर प्रदेश के खैर (अलीगढ़) से राजनेता और पूर्व विधायक थे, जबकि माँ कृष्णा कुमारी देवी ओडिशा के बोलांगीर (पटना) के शाही परिवार से थीं। उनके दो भाई हैं — अभिमन्यु सिंह, जो एक जाने-माने भारतीय अभिनेता और निर्देशक हैं, तथा आदित्य सिंह, जो फिल्म निर्माण के क्षेत्र से जुड़े हैं।

शिक्षा और आईएएस का सपना

चंद्रचूड़ ने अपनी शुरुआती शिक्षा देहरादून के प्रतिष्ठित 'द दून स्कूल' और 'वेल्हम बॉयज स्कूल' में प्राप्त की। बाद में वे दिल्ली आए और दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा की तैयारी की और आईएएस अधिकारी बनने का स्वप्न देखा।

गौरतलब है कि उन्होंने अभिनय में कदम रखने से पहले वसंत वैली स्कूल, दिल्ली में बच्चों को संगीत सिखाया और अपने पुराने विद्यालय 'द दून स्कूल' में इतिहास के शिक्षक के रूप में भी काम किया। चंद्रचूड़ एक प्रशिक्षित शास्त्रीय गायक भी हैं — एक पक्ष जो उनकी कलात्मक संवेदनशीलता की गहराई को दर्शाता है।

फिल्मी करियर की शुरुआत और 'माचिस' की छलाँग

चंद्रचूड़ सिंह ने अपने अभिनय सफर की शुरुआत वर्ष 1996 में अमिताभ बच्चन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ABCL) की फिल्म 'तेरे मेरे सपने' से की। उसी वर्ष उनकी दूसरी फिल्म 'माचिस' ने उन्हें रातों-रात एक जाना-पहचाना चेहरा बना दिया। इस फिल्म में उनके जीवंत और संजीदा अभिनय के लिए उन्हें प्रतिष्ठित फिल्मफेयर पुरस्कार — सर्वश्रेष्ठ पुरुष डेब्यू — से नवाजा गया।

यह ऐसे समय में आया जब बॉलीवुड में नए चेहरों को स्थापित होने में वर्षों लग जाते थे। 'माचिस' के बाद चंद्रचूड़ ने 'दिल क्या करे', 'जोश', 'क्या कहना', 'आमदनी अठन्नी खर्चा रुपया' और 'दाग: द फायर' जैसी फिल्मों में काम किया और अपनी अलग पहचान बनाए रखी।

व्यक्तिगत जीवन

व्यक्तिगत मोर्चे पर चंद्रचूड़ सिंह ने वर्ष 1999 में अवंतिका कुमारी से विवाह किया। हालाँकि बाद में दोनों ने अलग रास्ते चुने। इस रिश्ते से उनका एक बेटा है।

विरासत और आज का दिन

चंद्रचूड़ सिंह की कहानी केवल एक अभिनेता की नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति की है जिसने संगीत, शिक्षण और सिविल सेवा के सपने से होते हुए बॉलीवुड में अपना अनूठा मुकाम बनाया। जन्मदिन के इस मौके पर उनके प्रशंसक सोशल मीडिया पर उन्हें शुभकामनाएँ दे रहे हैं। उनके समकालीन और प्रशंसक एकमत हैं कि 'माचिस' में दी गई उनकी भूमिका आज भी हिंदी सिनेमा की यादगार परफॉर्मेंस में गिनी जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी मुख्यधारा की चर्चा में वे अक्सर नज़रअंदाज़ होते हैं। यह विचारणीय है कि जिस पीढ़ी ने 'माचिस' और 'जोश' जैसी फिल्मों से उनका अभिनय सराहा, उसी दौर में बाज़ार की प्राथमिकताएँ बदलती रहीं। उनकी यात्रा इस बात की भी याद दिलाती है कि सफलता का पैमाना केवल स्क्रीन पर बिताए वर्षों से नहीं, बल्कि छोड़ी गई छाप से तय होता है।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंद्रचूड़ सिंह का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
चंद्रचूड़ सिंह का जन्म 11 अक्टूबर 1968 को नई दिल्ली में हुआ था। वे एक प्रतिष्ठित परिवार से आते हैं — उनके पिता उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक थे और माँ ओडिशा के शाही परिवार से थीं।
चंद्रचूड़ सिंह ने फिल्मों में कब और कैसे कदम रखा?
चंद्रचूड़ सिंह ने 1996 में ABCL की फिल्म 'तेरे मेरे सपने' से डेब्यू किया। उसी वर्ष 'माचिस' में उनके अभिनय ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया और उन्हें फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ पुरुष डेब्यू पुरस्कार मिला।
क्या चंद्रचूड़ सिंह वाकई IAS बनना चाहते थे?
हाँ, सेंट स्टीफंस कॉलेज से स्नातक के बाद चंद्रचूड़ सिंह ने UPSC प्रवेश परीक्षा की तैयारी की थी। अभिनय में आने से पहले वे 'वसंत वैली स्कूल' में संगीत और 'द दून स्कूल' में इतिहास पढ़ा चुके थे।
चंद्रचूड़ सिंह की प्रमुख फिल्में कौन-सी हैं?
चंद्रचूड़ सिंह की उल्लेखनीय फिल्मों में 'माचिस' (1996), 'दिल क्या करे', 'जोश', 'क्या कहना', 'आमदनी अठन्नी खर्चा रुपया' और 'दाग: द फायर' शामिल हैं। वे मुख्यतः अपने रोमांटिक किरदारों और सौम्य स्क्रीन प्रजेंस के लिए जाने जाते हैं।
चंद्रचूड़ सिंह के व्यक्तिगत जीवन के बारे में क्या जानकारी है?
चंद्रचूड़ सिंह ने 1999 में अवंतिका कुमारी से विवाह किया था, हालाँकि बाद में दोनों अलग हो गए। इस रिश्ते से उनका एक बेटा है। उनके भाई अभिमन्यु सिंह एक अभिनेता-निर्देशक और आदित्य सिंह एक फिल्म निर्माता हैं।
राष्ट्र प्रेस
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