'माचिस' से रातों-रात स्टार बने चंद्रचूड़ सिंह आज मना रहे हैं 58वाँ जन्मदिन
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह 11 अक्टूबर 2026 को अपना 58वाँ जन्मदिन मना रहे हैं — वही चेहरा जिसने 1990 और 2000 के दशक में अपनी सौम्य स्क्रीन प्रजेंस और प्रभावशाली अभिनय से करोड़ों दर्शकों के दिलों में जगह बनाई। नई दिल्ली में जन्मे इस अभिनेता की ज़िंदगी की कहानी एक आईएएस अफसर बनने के सपने से शुरू होकर बॉलीवुड की चमक तक पहुँचती है।
परिवार और प्रारंभिक जीवन
चंद्रचूड़ सिंह का जन्म 11 अक्टूबर 1968 को नई दिल्ली के एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ। उनके पिता कैप्टन बलदेव सिंह उत्तर प्रदेश के खैर (अलीगढ़) से राजनेता और पूर्व विधायक थे, जबकि माँ कृष्णा कुमारी देवी ओडिशा के बोलांगीर (पटना) के शाही परिवार से थीं। उनके दो भाई हैं — अभिमन्यु सिंह, जो एक जाने-माने भारतीय अभिनेता और निर्देशक हैं, तथा आदित्य सिंह, जो फिल्म निर्माण के क्षेत्र से जुड़े हैं।
शिक्षा और आईएएस का सपना
चंद्रचूड़ ने अपनी शुरुआती शिक्षा देहरादून के प्रतिष्ठित 'द दून स्कूल' और 'वेल्हम बॉयज स्कूल' में प्राप्त की। बाद में वे दिल्ली आए और दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा की तैयारी की और आईएएस अधिकारी बनने का स्वप्न देखा।
गौरतलब है कि उन्होंने अभिनय में कदम रखने से पहले वसंत वैली स्कूल, दिल्ली में बच्चों को संगीत सिखाया और अपने पुराने विद्यालय 'द दून स्कूल' में इतिहास के शिक्षक के रूप में भी काम किया। चंद्रचूड़ एक प्रशिक्षित शास्त्रीय गायक भी हैं — एक पक्ष जो उनकी कलात्मक संवेदनशीलता की गहराई को दर्शाता है।
फिल्मी करियर की शुरुआत और 'माचिस' की छलाँग
चंद्रचूड़ सिंह ने अपने अभिनय सफर की शुरुआत वर्ष 1996 में अमिताभ बच्चन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ABCL) की फिल्म 'तेरे मेरे सपने' से की। उसी वर्ष उनकी दूसरी फिल्म 'माचिस' ने उन्हें रातों-रात एक जाना-पहचाना चेहरा बना दिया। इस फिल्म में उनके जीवंत और संजीदा अभिनय के लिए उन्हें प्रतिष्ठित फिल्मफेयर पुरस्कार — सर्वश्रेष्ठ पुरुष डेब्यू — से नवाजा गया।
यह ऐसे समय में आया जब बॉलीवुड में नए चेहरों को स्थापित होने में वर्षों लग जाते थे। 'माचिस' के बाद चंद्रचूड़ ने 'दिल क्या करे', 'जोश', 'क्या कहना', 'आमदनी अठन्नी खर्चा रुपया' और 'दाग: द फायर' जैसी फिल्मों में काम किया और अपनी अलग पहचान बनाए रखी।
व्यक्तिगत जीवन
व्यक्तिगत मोर्चे पर चंद्रचूड़ सिंह ने वर्ष 1999 में अवंतिका कुमारी से विवाह किया। हालाँकि बाद में दोनों ने अलग रास्ते चुने। इस रिश्ते से उनका एक बेटा है।
विरासत और आज का दिन
चंद्रचूड़ सिंह की कहानी केवल एक अभिनेता की नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति की है जिसने संगीत, शिक्षण और सिविल सेवा के सपने से होते हुए बॉलीवुड में अपना अनूठा मुकाम बनाया। जन्मदिन के इस मौके पर उनके प्रशंसक सोशल मीडिया पर उन्हें शुभकामनाएँ दे रहे हैं। उनके समकालीन और प्रशंसक एकमत हैं कि 'माचिस' में दी गई उनकी भूमिका आज भी हिंदी सिनेमा की यादगार परफॉर्मेंस में गिनी जाती है।